नई दिल्ली : AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि " "अगर मैं बोलूंगा कि मैं Modi सरकार पर 'फूल बरसाकर मारूंगा' क्योंकि आपने नौजवानों को बेरोजगार बना दिया | तो क्या आप 'फूल' शब्द को असंसदीय बना देंगे?"
उन्होंने कहा,''असंसदीय भाषा अहम नहीं है वह किस संदर्भ कहा गया है वह महत्वपूर्ण है। अगर में संसद में बोलूं कि 'मैं मोदी सरकार पर फूल फेंक कर मारुंगा क्योंकि उन्होंने देश के नौजवानों को बेरोज़गार बना दिया' तो क्या वे 'फूल' को असंसदीय घोषित कर देंगे?
एआईएमआईएम सांसद ओवैसी ने कहा कि "आप संसद में जो बोलते हैं उसमें संदर्भ महत्वपूर्ण है। आप केवल शब्दों को असंसदीय नहीं कह सकते। क्या यह असंसदीय नहीं है कि स्पीकर पीएम के पीछे बैठे (कांस्य राष्ट्रीय प्रतीक के उद्घाटन के दौरान)?
अब संसद में नहीं बोल पाएंगे 'भ्रष्ट, जुमलाजीवी, तानाशाह, विश्वासघात, नाटक और लॉलीपॉप जैसे कई शब्द
लोकसभा और राज्यसभा में सदन की कार्यवाही के दौरान अब बहुत सारे शब्दों का इस्तेमाल करना ग़लत और असंसदीय माना जाएगा| तानाशाह, अराजकतावादी, भ्रष्ट, जुमलाजीवी, विश्वासघात, नाटक,पाखंड,शर्मिंदा, बहरी सरकार जैसे शब्द अब संसद में सेंसर कर दिए गए हैं| असंसदीय की श्रेणी में डाल दिए गए हैं। इन चुनिंदा शब्दों को सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं किया जाएगा|
यह भी पढ़ें: चीन के साथ PM की DDLJ नीति
लोकसभा सचिवालय ने असंसदीय शब्द 2021 के नाम से ऐसे शब्दों और वाक्यों की सूची तैयार की है और इसे सारे सांसदों को भेजा गया है| विपक्षी सासंद इसकी आलोचना कर रहे हैं| नए नियमों के मुताबिक, तानाशाह,अराजकतावादी, जुमलाजीवी, विश्वासघात, नाटक, पाखंड,शर्मिंदा, बहरी सरकार, गद्दार, घड़ियाली आंसू, जयचंद, शकुनी, भ्रष्ट जैसे कई शब्दों और मुहावरों पर रोक लगा दी गई है|
यह भी पढ़ें: “डाटा से डरते हैं PM, पोल जो खुल जाएगी”