नई दिल्ली: AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा,''सरकार ने आदेश निकाला है कि संसद में सांसद कुछ शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकते। उन शब्दों की सूची पढ़कर लगता है कि सरकार बखूबी जानती है कि उनके काम को कौन से शब्द परिभाषित करते हैं। जुमलाजीवी कहना असंसदीय हो गया है लेकिन आंदोलनजीवी कहना असंसदीय नहीं हुआ|
लोकसभा और राज्यसभा में सदन की कार्यवाही के दौरान अब बहुत सारे शब्दों का इस्तेमाल करना ग़लत और असंसदीय माना जाएगा| तानाशाह, अराजकतावादी, भ्रष्ट, जुमलाजीवी, विश्वासघात, नाटक,पाखंड,शर्मिंदा, बहरी सरकार जैसे शब्द अब संसद में सेंसर कर दिए गए हैं| असंसदीय की श्रेणी में डाल दिए गए हैं। इन चुनिंदा शब्दों को सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं किया जाएगा.|
लोकसभा सचिवालय ने असंसदीय शब्द 2021 के नाम से ऐसे शब्दों और वाक्यों की सूची तैयार की है और इसे सारे सांसदों को भेजा गया है| विपक्षी सासंद इसकी आलोचना कर रहे हैं| नए नियमों के मुताबिक, तानाशाह,अराजकतावादी, जुमलाजीवी, विश्वासघात, नाटक, पाखंड,शर्मिंदा, बहरी सरकार, गद्दार, घड़ियाली आंसू, जयचंद, शकुनी, भ्रष्ट जैसे कई शब्दों और मुहावरों पर रोक लगा दी गई है|
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राघव चड्ढा के अलावा टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि मैं इन शब्दों का इस्तेमाल करूंगा, आप मुझे निलंबित कर दीजिए| उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'कुछ ही दिनों में संसद का सत्र शुरू होने वाला है| सांसदों पर पाबंदी लगाने वाला आदेश जारी किया गया है| अब हमें संसद में भाषण देते समय इन बुनियादी शब्दों का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी\ शर्म आनी चाहिए, दुर्व्यवहार किया, धोखा दिया, भ्रष्ट, पाखंड, अक्षम| मैं इन शब्दों का इस्तेमाल करूंगा... मुझे निलंबित कर दीजिए... लोकतंत्र के लिए लड़ाई लडूंगा|
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