नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड के उच्च संक्रमण दर वाले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ की बैठक की| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड प्रबंधन को लेकर आयोजित बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। संकट की इस घड़ी में राजनीति से परे होकर पूरा मुल्क एकजुटता की मिसाल पेश करे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि,तमाम प्रयासों के बावजूद राज्यों से संसाधनों की कमी की शिकायतें आ रही हैं। कोविड के बेहतर प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार जीवन रक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ऑक्सीजन, दवाओं एवं अन्य संसाधनों की योजनाबद्ध एवं न्यायसंगत आपूर्ति सुनिश्चित करे। अशोक गहलोत ने कहा कि,'कोविड की वर्तमान परिस्थितियों में कई हृदयविदारक दृश्य देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में आमजन का आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे प्रयास किए जाएं कि ऑक्सीजन एवं दवाओं की कमी से किसी व्यक्ति की जान न जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि,''सभी राज्यों को एक्टिव केसेज के आधार पर ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर दवा का आवंटन किया जाना चाहिए। राजस्थान को 21 अप्रेल, 2021 को तात्कालिक आवंटन में मात्र 26 हजार 500 रेमडेसिविर इंजेक्शन आवंटित किए गए| जबकि गुजरात एवं मध्यप्रदेश को राजस्थान से कम एक्टिव केसेज होने के बावजूद क्रमशः 1 लाख 63 हजार तथा 92 हजार 200 रेमडेसिविर इंजेक्शन आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार ऑक्सीजन के आवंटन में भी एक्टिव केसेज के अनुपात का ध्यान नहीं रखा गया। भविष्य में इनकी आपूर्ति तर्कसंगत तरीके से हो ताकि किसी भी राज्य को कोविड रोगियों के उपचार को लेकर परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
अशोक गहलोत ने कहा कि,कोविड रोगियों के उपचार के दौरान की जाने वाली सहायक जांचें यथा आईएल-6, डी-डाइमर, फेरिटिन टेस्ट आदि की किट की भी धीरे-धीरे कमी होने लगी है। केंद्र सरकार इन किट्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी योजना बनाए, ताकि समय रहते राज्यों को इनकी सुचारू आपूर्ति हो सके।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने सामूहिक शक्ति के साथ इस महामारी से लड़ने के लिए मिलकर काम करने का आह्वाहन किया है। उन्होंने कहा कि इस महामारी की पहली लहर के दौरान भारत की सफलता का सबसे बड़ा आधार हमारा एकजुट प्रयास और एकजुट रणनीति थी। उन्होंने इस बात को दोहराया कि हमें इस चुनौती का समाधान उसी तरह से करना होगा।
प्रधानमंत्री ने यह विश्वास दिलाया कि इस लड़ाई में सभी राज्यों को केंद्र का पूरा सहयोग रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों के साथ संपर्क में है और करीब से स्थिति की निगरानी कर रहा है। इसके अलावा समय-समय पर राज्यों को जरूरी सलाह भी जारी कर रहा है।
वहीं, ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा सरकार के सभी संबंधित विभाग और मंत्रालय भी साथ काम कर रहे हैं। औद्योगिक इस्तेमाल में आने वाले ऑक्सीजन का भी चिकित्सीय ऑक्सीजन की जरूरतों के लिए उपयोग किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राज्यों से एक साथ काम करने और दवाओं एवं ऑक्सीजन से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आपसी समन्वय का अनुरोध किया। इसके अलावा उन्होंने राज्यों से ऑक्सीजन एवं दवाओं की जमाखोरी और कालाबाजारी की जांच करने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक राज्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी ऑक्सीजन टैंकर, चाहे वह किसी भी राज्य के लिए हो, वह कहीं रूका या फंसा हुआ नहीं हो।