नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आम बजट 2021 संसद में पेश किया| आम बजट 2021-22 के लिए केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर कृषि सेस लगाया गया है। डीजल पर चार और पेट्रोल पर ढाई रुपये का सेस लगाया गया है। हालांकि, कहा जा रहा है कि ये सेस कंपनियों को देना होगा और आम लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
वित्त मंत्री ने वस्तुओं पर कृषिगत अवसंरचना और विकास उपकर (एआईडीसी) का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि यह उपकर लगाते समय हमने यह ध्यान रखा है कि अधिकांश के संबंध में उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े। एआईडीसी के तहत शुल्क के अंतर्गत सोना, चांदी, अल्कोहल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी का तेल, सेब, कोयला, लिगनाइट, खाद, काबूली चना और कपास शामिल है जिससे ग्राहकों पर इन वस्तुओं पर कोई अतिरिक्त भार न पड़े।
उत्पाद शुल्क के मामले में, पेट्रोल पर 2.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 4 रुपये प्रति लीटर एआईडीसी लगाया गया है। हालांकि, बजट में पेट्रोल और डीजल पर प्राथमिक उत्पाद शुल्क (बीईडी) और विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) दरों में कटौती कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। बगैर ब्रांड के पेट्रोल और डीजल पर क्रमशः 1.4 रुपये और 1.8 रुपये प्रति लीटर बीईडी लगेगा, वहीं एसएईडी क्रमशः 11 रुपये और 8 रुपये प्रति लीटर लगेगा।
प्रक्रियों में सुधार और अनुपालन आसान बनाने के संबंध में वित्त मंत्री ने एडीडी और सीवीडी लेवी से संबंधित प्रावधानों में कुछ बदलाव किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा शुल्क जांच पूरी करने के लिए निश्चित समयसीमा सुझाई जा रही है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि 2020 में पेश की गई तुरंत कस्टम पहल से एफटीए के दुरुपयोग पर रोक लगाने में मदद मिली है।
आम बजट के माध्यम से वित्त मंत्री ने किसानों से लेकर मिडिल क्लास तक को साधने का प्रयास किया है, लेकिन एक बार फिर से मिडिल क्लास के हाथ एक बार फिर से मायूसी ही लगी है| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण प्रस्तावों में आगामी विधान सभा चुनाव का भी ध्यान रखा है|इसके मद्देनजर उन्होंने असम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के लिए बड़ी सड़क परियोजनाओं का ऐलान किया है|
टैक्स भरने वाले करदाताओं को इस बार भी बजट में कुछ खास नहीं मिला है| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से टैक्स स्लैब में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है| ऐसे में मिडिल क्लास को बजट से पहले जितनी भी उम्मीदें थी, वो वैसी की वैसी ही रह गई हैं|
पश्चिम बंगाल में कोलकाता-सिलीगुड़ी के लिए नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट और असम में अगले तीन साल में हाइवे और इकॉनोमिक कॉरिडोर का निर्माण होगा : वित्त मंत्री
तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और केरल में मेगा-राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की घोषणा की गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि तमिलनाडु में नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट 1.03 लाख करोड़ का होगा। इसी में इकॉनोमिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे। मुंबई- कन्याकुमारी इकॉनोमिक कॉरोडिर का एलान। केरल में भी 65 हजार करोड़ रुपये के नेशनल हाइवे बनाए जाएंगे। पश्चिम बंगाल में भी कोलकाता-सिलीगुड़ी के लिए भी नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट का एलान। वित्त मंत्री ने असम में अगले तीन साल में हाइवे और इकॉनोमिक कॉरिडोर का एलान किया। अगले साल तैयार होंगे 8,500 किलोमीटर के रोड प्रोजेक्ट।
सोमवार को आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे करदाताओं के विवादों के निपटारे के लिए कमेटी बनाई जा जाएगी| उन्होंने बताया कि,''छोटे करदाताओं के लिए मैं एक विवाद समाधान समिति गठित करने का प्रस्ताव करती हूं जो पार्दर्शिता सुनिश्चित करेगी। 50 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले और 10 लाख रुपये तक की विवादित आय वाले लोग समिति के पास जा सकते हैं|