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27 सितंबर 2026

13 जून को ED के सामने पेश होंगे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, ED ने भेजा नया समन

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने अब नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 13 जून को पेश होने का नोटिस भेजा है| इससे पहले ED ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और…

13 जून को ED के सामने पेश होंगे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, ED ने भेजा नया समन
13 जून को ED के सामने पेश होंगे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, ED ने भेजा नया समन | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने अब नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 13 जून को पेश होने का नोटिस भेजा है| इससे पहले ED ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से 8 जून को पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा था।इसके बाद राहुल गांधी ने जांच एजेंसी से नई डेट मांगी थी।



 प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 13 जून को पेश होने के लिए नया समन जारी किया| इसी मामले में सोनिया गांधी को 8 जून को जांच में शामिल होना है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अभी कोरोना पॉिजटिव हैं, लेकिन कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वे ED के सामने 8 जून को पेश होंगी।



इस संबंध में जानकारी देते हुए कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने  बताया था कि,'' कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी पिछले एक सप्ताह में बहुत सारे नेताओं, कार्यकर्ताओं से मिलीं जिनमें से कई साथी कोविड पॉजिटिव पाए गए।,'' 01 जून, 2022 की शाम से कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को थोड़ा बुखार और कोविड के लक्षण दिखे। 02 जून, 2022 को टेस्ट कराने पर वे कोविड पॉजिटिव पाई गई|



 कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने बताया था कि,','''कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने विशेष तौर पर मुझे कहा है कि वे 8 तारीख को ED(प्रवर्तन निदेशालय) के समक्ष आवश्य पेश होंगी|


‘डरेंगे नहीं’ - ‘झुकेंगे नहीं’ - ‘सीना ठोंक’ कर लड़ेंगे

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को ED के नोटिस पर कांग्रेस ने 1 जून, 2022 को नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा,'''‘डरेंगे नहीं’ - ‘झुकेंगे नहीं’ - ‘सीना ठोंक’ कर लड़ेंगे! श्रीमती सोनिया गांधी जी और श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में पूरी पार्टी और हर कार्यकर्ता उनके साथ कंधे से कंधा लगाकर देश के प्रजातंत्र पर बोले जा रहे इस हमले की लड़ाई हम लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी।




कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाल ने कहा था,';अंग्रेजी हुकूमत को जड़ उखाड़ने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने साल 1937 में 'नेशनल हेराल्ड' अखबार निकाला, जिसके प्रणेता महात्मा गांधी, पंडित नेहरु, सरदार पटेल श्री पुरुषोत्तम दास टंडन, आचार्य नरेंद्र देव, श्री रफी अहमद किदवई व अन्य थे। अंग्रेजों को इस अखबार से इतना खतरा महसूस हुआ कि उन्होंने साल 1942 में 'भारत छोडो आंदोलन के दौरान नेशनल हेराल्ड पर प्रतिबंध लगा दिया, जो साल 1945 तक जारी रहा। "आज़ादी के आंदोलन की आवाज़' बने इस अखबार का मूल मंत्र था - "आज़ादी खतरे में है, अपनी पूरी ताकत से इसकी रक्षा करें"।



रणदीप सिंह सुरजेवाल ने कहा,आज फिर उस अंग्रेजी हुकूमत का समर्थन करने वाली विचारधारा 'आज़ादी के आंदोलन की आवाज़' दबाने का षडयंत्र कर रही है। इस षडयंत्र के मुखिया स्वयं प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी हैं और इसे लागू करने के लिए उनका "चहेता व पालतू हथियार" ED है। देश को गुमराह करने के लिए आए दिन मुद्दों को भटकाने की राजनीति की माहिर मोदी सरकार बदले की भावना में अंधी हो गई है। जिस मानसिकता ने अंग्रेजों का साथ दिया था, आज भी 'गुलामी की प्रतीक' वो मानसिकता "आज़ादी की कुर्बानियों' से प्रतिशोध ले रही है। इस बार उन्होंने एक "कायराना व डरपोक साजिश' रची है। नेशनल हेराल्ड मामले में अब प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्षा, श्रीमती सोनिया गांधी व श्री राहुल गांधी को अपनी पालतू ED से नोटिस जारी करवाया है। 



सुरजेवाल ने कहा,''साफ है कि तानाशाह डर गया है। शासन के सभी मोर्चों पर अपनी नाकामियों को छिपाने में बुरी तरह विफल होने के कारण वह छटपटा रहा है। देश को गुमराह करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व के खिलाफ एक घिनौना व कायरतापूर्ण षडयंत्र रचा जा रहा है। वह जान लें कि स्वतंत्रता के आंदोलन की यह आवाज उनके चक्रव्यूह को बेध डालेगी।



तीन महत्वपूर्ण तथ्य

1- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने साल 1937 में स्थापित नेशनल हेराल्ड अखबार चलाने वाली कंपनी, एसोशिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को लगभग 10 साल के अरसे में व लगभग 100 किश्तों में चेक द्वारा अपनी देनदारी के भुगतान के लिए 90 करोड़ रु. की राशि दी। इसमें से 67 करोड़ की राशि का इस्तेमाल नेशनल हेराल्ड ने अपने कर्मचारियों के देय के भुगतान के लिए किया व बाकी पैसा बिजली भुगतान, किराया, भवन आदि पर खर्च किया गया। किसी राजनैतिक दल द्वारा दिया जाने वाला कर्ज न तो अपराध है और न ही गैरकानूनी है। इस बात कीपुष्टि चुनाव आयोग ने भी अपने पत्र दिनांक 06 नवंबर, 2012 से की है। 




2-क्योंकि नेशनल हेराल्ड अखबार आय के अभाव में यह कर्ज चुकाने में सक्षम नहीं था, इसलिए इसकी एवज़में असोशिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के शेयर "यंग इंडिया' को दे दिए गए, जो कि कानून में एक "नॉट फॉर प्रॉफिट" कंपनी है। यानि कि यंग इंडिया की मैनेजिंग कमिटी के सदस्य, जो श्रीमती सोनिया गांधी - श्री राहुल गांधी – स्वर्गीय मोती लाल वोहरा आदि हैं, किसी प्रकार का मुनाफ़ा, डिवीडेंड, तनख्वाह या कोई वित्तीय फायदा नहीं ले सकते। यही नहीं, मैनेजिंग कमिटी यंग इंडिया के शेयर को भी नहीं बेच सकती। इसका मतलब, यंग इंडिया से एक पैसे का न वित्तीय लाभ लिया जा सकता, और न ही इसके शेयर को बेचा जा सकता। कारण साफ़ है - हम नेशनल हेराल्ड, एसोशिएटेड जर्नल्स लिमिटेड और यंग इंडिया को केवल कांग्रेस पार्टी नहीं, बल्कि देश की धरोहर मानते हैं।



3-साल 2013-14 में श्री सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस पार्टी द्वारा नेशनल हेराल्ड को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा कर्ज देने को लेकर एक प्राईवेट कंप्लेंट अदालत में दायर की, जो आज भी विचाराधीन है। 



कांग्रेस नेता ने कहा,' उस शिकायत को लेकर भी खूब ऊलजलूल झूठ बोला गया व दुष्प्रचार किया गया। जब वहां भी कुछ नहीं हुआ, तो अब साढ़े सात साल के बाद मोदी जी की ED द्वारा उस प्राईवेट कंप्लेंट के आधार पर केस दर्ज कर समन जारी किए गए हैं। 



रणदीप सिंह सुरजेवाल ने कहा,'मोदी सरकार जान ले कि इस प्रकार के फर्जी और मनगढंत मामले दर्ज कर वो अपनी घिनौनी व कायराना साजिश में कामयाब नहीं हो सकते। 



न तो वो आज़ादी के आंदोलन की आवाज़ नेशनल हेराल्ड को बंद करवा पाएंगे, और न ही श्रीमती सोनिया गांधी और श्री राहुल गांधी को डरा पाएंगे। कांग्रेस का नेतृत्व निर्भीक, निडर व अडिग है। हम ऐसे हथकंडों से डरने वाले नहीं, झुकने वाले नहीं, बल्कि सीना ठोंक कर जोर से लड़ेंगे।सुरजेवाल ने कहा,;; नेशनल हेराल्ड अखबार का मूल मंत्र आज भी उतना ही प्रासंगिक है। श्रीमती सोनिया गांधी और श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरी पार्टी और हर कार्यकर्ता उनके साथ कंधे से कंधा लगाकर देश के प्रजातंत्र पर बोले जा रहे इस हमले की लड़ाई हम लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी।



आरोप मनगढ़ंत व काल्पनिक: अभिषेक सिंघवी

अभिषेक सिंघवी ने कहा था,'''नेशनल हेराल्ड' मामले में लगाया गया आरोप मनगढ़ंत व काल्पनिक है। मैं आपको यह प्रमाणित करना चाहता हूं कि यह आरोप राजनीतिक प्रतिशोध की भावना के अलावा और कुछ भी नहीं है| 'नेशनल हेराल्ड' के इस विषय पर 2014-15 से कानूनी कार्रवाई जारी है। आज सात साल बाद इस मामले में ED को लाया गया है। जहां कोई पैसा या संपत्ति का स्थानांतरण नहीं है, वहां मनी लाउंड्रिंग का केस कैसे बन सकता है?



एक कंपनी है AJL, जो दशकों से 'नेशनल हेराल्ड' चला रही है। आदर्शों पर आधारित यह कमर्शियली सफल नहीं हो पाई और उस पर ₹90 करोड़ का ऋण हो गया। अपने मूल्यों और आदर्शों की रक्षा करते हुए यह ऋण चुकाने के लिए उसने इसे इक्विटी में परिवर्तित करने का निर्णय लिया |


कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने कहा,'ऋण को इक्विटी में परिवर्तित करने पर मिले पैसों में ₹67 करोड़ कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर खर्च किए गए। ऋण को इक्विटी में परिवर्तित करने पर इस ऋण को नियमानुसार यंग इंडिया नामक एक कंपनी को सौंपना पड़ा | 



2015 में 'नेशनल हेराल्ड' से जुड़ा यह केस बंद हो गया था, लेकिन हमारी सत्ताधारी सरकार को यह अच्छा नहीं लगा। सरकार ने ED में लोगों को बदला, उन्हें अपने पदों से निरस्त किया और इस मामले में नया केस शुरू करवाया |  सिंघवी ने कहा,'''इस देश में अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए सरकारी तंत्र का दुरूपयोग कर, अपने राजनीतिक विरोधियों को डराना-धमकाना और देश का ध्यान भटकाना जैसी तकनीक अब पुरानी हो चुकी है। हम न डरेंगे, न झुकेंगे और सीना ठोक कर ऐसे कारनामों का सामना करेंगे|






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यह रिपोर्ट 3 जून 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 26 सितंबर 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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