नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बूटा सिंह का शनिवार को निधन हो गया| दलितों के मसीहा कहे जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता बूटा सिंह का शनिवार को निधन हो गया| वह 86 साल के थे| पंजाब के जालंधर जिले के मुस्तफापुर गांव में 21 मार्च, 1934 को जन्मे सरदार बूटा सिंह 8 बार लोकसभा के लिए चुने गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बूटा सिंह के निधन पर शोक जताया है।
बूटा सिंह को पिछले साल ब्रेन हेमरेज के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था और वह गत वर्ष अक्टूबर महीने से कोमा में थे| उनके परिवार ने बताया कि बूटा सिंह का शनिवार सुबह करीब 5.30 बजे एम्स में निधन हो गया|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बूटा सिंह के निधन पर दुख जताते हुआ लिखा कि वो शोषितों और गरीबों के कल्याण के लिए एक अनुभवी नेता थे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बूटा सिंह के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि बूटा सिंह जी एक अनुभवी प्रशासक थे| उन्होंने गरीबों के साथ-साथ समाज में हाशिये पर पड़े लोगों की आवाज उठाई| उनके निधन से दुखी हूं| मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ है."
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बूटा सिंह के निधन पर दुख जताया| राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘सरदार बूटा सिंह जी के देहांत से देश ने एक सच्चा जनसेवक और निष्ठावान नेता खो दिया है|उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा और जनता की भलाई के लिए समर्पित कर दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद रखा जाएगा|इस मुश्किल समय में उनके परिवारजनों को मेरी संवेदनाएं|
नेहरू-गांधी परिवार के विश्वासपात्र रहे सरदार बूटा सिंह ने भारत सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री, कृषि मंत्री, रेल मंत्री, खेल मंत्री और अन्य कार्यभार के अलावा बिहार के राज्यपाल और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण विभागों का संचालन किया। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ दलित नेता सरदार बूटा सिंह को दलितों का मसीहा कहा जाता था। ऐसे में पार्टी के सबसे बड़े नेता सरदार बूटा सिंह का जाना पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति है।