नई दिल्ली: देश की आर्थिक स्थिति पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा,'महामारी ने अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। सरकार की कई घोषणाओं के जरिए गरीब और कमजोर तबकों की जरूरतों को पूरा किया गया। आपूर्ति की बाधा को कम किया गया लेकिन उपभोक्ता मांग को अभी भी प्रोत्साहित करने की जरूरत है|उन्होंने कहा कि,मांग को प्रोत्साहित करने के प्रस्ताव के दो भाग हैं, पहला 'एलटीसी कैश वाउचर स्कीम' और दूसरा 'स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम' है|
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उपभोक्ता मांग को बढ़ाने वाले बयान को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है|कांग्रेस प्रवक्ता प्रोफेसर गौरव वल्लभ ने कहा कि,6 माह बाद समझ आया की उपभोक्ता माँग बढाने की ज़रूरत है। आदरणीय मैडम, अर्थव्यवस्था अर्थशास्त्री संभाल लेंगे तब तक ड्रीम 11 पर आप टीम बना लीजिए.
गौरव वल्लभ ने कहा कि,''6 माह बाद समझ आया की उपभोक्ता माँग बढाने की ज़रूरत है। वित्त मंत्रीजी आज की घोषणाओं का सार:
1. LTC Cash Voucher - अपने पैसे खर्च करो ऐसे
2. Festival Advance - तेरा तुझको अर्पण
3. 6% increase in budgeted Capital Expenditure - ऊँट के मुँह में जीरा #शुरूकरो_न्याय...गौरव वल्लभ ने कहा कि,,''अआदरणीय मैडम, अर्थव्यवस्था अर्थशास्त्री संभाल लेंगे तब तक ड्रीम 11 पर आप टीम बना लीजिए.
देश की आर्थिक स्थिति पर कांग्रेस प्रवक्ता प्रोफेसर गौरव वल्लभ ने कहा कि,''जो केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, वो अपनी LTC के पैसे अब उपभोक्ता वस्तुओं की डिमांड को बढ़ाने के लिए वहाँ भी खर्च कर सकते हैं। आप होटलों में अतुल्य भारत की जो स्कीम है उसमें यात्रा एवं पर्यटन को बढ़ावा ना देकर FMGC ???ो बढ़ावा दीजिए|
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता प्रोफेसर गौरव वल्लभ ने कहा कि,''वित्त वर्ष 20-21 के लिए 2 से 3 महीने पहले जो SBI भारत की विकास दर -6.8 % मानता था, उन्होंने -10.9 कर दिया| केंद्र सरकार के कर्मचारी अब 10 हज़ार रूपये एडवांस लेंगे और वो 10 हज़ार रूपये उनकी सैलरी में से प्रति माह कटता भी जाएगा और उससे वो उपभोक्ता वस्तुओं को खरीदेंगे|
गौरव वल्लभ ने कहा कि,'''इस तरह आर्थिक नीतियाँ नहीं बनती हैं, आर्थिक नीतियाँ ठोस सिद्धांतों पर बनती हैं। इन्हीं सिद्धांतों पर 2008, 2009 और 2010 में आर्थिक नीतियाँ बनीं। दुनिया की भयंकर मंदी को भारतीय अर्थव्यवस्था ने झेला और न सिर्फ़ झेला बल्कि जीडीपी ग्रोथ रेट को तकरीबन बरकरार रखा| उन्होंने कहा कि,''अर्थव्यवस्था में इतनी भयंकर मंदी है, दुनिया की बड़ी से बड़ी एजेंसी भारतीय अर्थव्यवस्था को निरंतर गिरता हुआ बता रही हैं। जो पहले -5% के अनुमान की बात करते थे वो आज -10 से -11% तक के अनुमान तक पहुँच चुके हैं|
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि,''हमारी राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी ने भी पत्र लिखकर MSME के लिए सपोर्ट मांगा है। लेकिन भाजपा सिर्फ़ कहने भर के लिए काम करती है, ठोस नीतियाँ नहीं बनाती| आप लोगों को कहते हो कि अपना पैसा ऐसे खर्च करो, ये कौनसा प्रोत्साहन हुआ? ये कोई वित्तीय सहायता हुई? इसमें ऐसा क्या हुआ कि जिससे हम इस भयंकर मंदी से बाहर निकाल सकें|
गौरव वल्लभ ने कहा कि,''आज जरूरत है केंद्र सरकार और राज्य सरकार (जिसमें केंद्र सरकार को लीड करना होगा) अपना खर्च बढ़ाएँ, सार्वजनिक खर्च बढ़ाएँ और उपभोक्ता खर्च बढ़ाएं जिसके लिए हम पिछले 6 महीने से बोल रहे हैं| गौरव वल्लभ ने कहा कि,'' हमारी मांगे हैं : - ठोस आर्थिक नीतियाँ बनाइए - ठोस खर्च बढ़ाइए, जीएसटी को रेशनलाइज़ कीजिए - रेट रेशनलाइज़ कीजिए, सार्वजनिक खर्च बढ़ाइए - ऐसी नीतियाँ लेकर आइए जिससे लोगों को फायदा हो और हम इस भयंकर मंदी से बाहर आ सकें