इंदिरापुरम हाईराइज मौत केस: 16वीं मंजिल से गिरने से 18 वर्षीय लड़की की संदिग्ध मौत, दुष्कर्म-हत्या की आशंका
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गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स सोसायटी में 7 अप्रैल 2026 की सुबह 18 वर्षीय युवती की 16वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई।
परिजनों ने शुरू से दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई, जबकि पुलिस ने पहले सभी पहलुओं से जांच की बात कही और बाद में परिजनों की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार सीसीटीवी में युवती लिफ्ट से अकेले 16वीं मंजिल पर जाती दिखी; कुछ मिनट बाद उसके गिरने का दृश्य रिकॉर्ड हुआ।
पोस्टमार्टम के बारे में पुलिस ने कहा कि मौत एंटे-मॉर्टम चोटों से हुई और यौन हमले के संकेत नहीं मिले, लेकिन जांच अभी जारी है।
बुधवार को परिजनों ने अंतिम संस्कार रोककर विरोध किया, सीसीटीवी और जांच पर सवाल उठाए, और बाद में पुलिस आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार हुआ।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में स्थित जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स सोसायटी में 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। 7 अप्रैल 2026 की सुबह युवती 16वीं मंजिल से नीचे गिरी और मौके पर उसकी मौत हो गई। परिवार ने इसे सामान्य हादसा मानने से इनकार किया और शुरुआत से ही दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई।
मामला इसलिए और संवेदनशील हो गया क्योंकि युवती अपने पिता के साथ रोजमर्रा की तरह सोसायटी आई थी। उसके पिता वहां कार धुलाई और कपड़ों पर प्रेस का काम करते हैं। पुलिस और परिवार, दोनों के बयानों के अनुसार, युवती सुबह करीब 5:45 से 5:50 बजे के बीच सोसायटी पहुंची थी। इसके बाद वह परिसर के भीतर गई, जबकि पिता बेसमेंट में काम करने चले गए। कुछ ही मिनट बाद सी टॉवर के नीचे उसका शव मिला।
जांच का सबसे अहम हिस्सा सीसीटीवी फुटेज है। पुलिस का कहना है कि फुटेज में युवती अकेले लिफ्ट में जाती और 16वीं मंजिल पर उतरती दिखी। बाद की रिकॉर्डिंग में करीब 5:56 बजे उसके गिरने का दृश्य सामने आया। फिलहाल सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है जिसमें उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति के होने की पुष्टि हो। यही वजह है कि पुलिस शुरुआती स्तर पर कई संभावनाओं पर काम कर रही थी।
परिवार इस निष्कर्ष से सहमत नहीं है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरू में पूरी सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखाई, कुछ कैमरों की ही जांच की, और घटनास्थल से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के जवाब नहीं दिए। परिवार ने यह भी कहा कि शव की स्थिति और कपड़ों की हालत सामान्य गिरने की घटना से मेल नहीं खाती। इसी असंतोष के कारण बुधवार को अंतिम संस्कार रोक दिया गया और सड़क पर प्रदर्शन हुआ। सीआईएसएफ रोड पर जाम लग गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया। यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे साफ है कि पुलिस ने परिवार की आशंका को औपचारिक जांच का हिस्सा बना लिया है। साथ ही, पुलिस अधिकारी ने कहा कि पोस्टमार्टम में मौत का कारण एंटे-मॉर्टम चोटें पाया गया, लेकिन यौन हमले के संकेत नहीं मिले। हालांकि यह अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा रहा, क्योंकि फोरेंसिक, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच अभी जारी है।
इस पूरे प्रकरण की सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तीन परतें साथ-साथ चल रही हैं—परिवार के गंभीर आरोप, पुलिस की तकनीकी जांच, और पोस्टमार्टम की प्रारंभिक मेडिकल राय। फिलहाल किसी भी एक थ्योरी को अंतिम सत्य नहीं कहा जा सकता। लेकिन यह भी उतना ही स्पष्ट है कि इस मौत को अब केवल “गिरकर मौत” कहकर बंद नहीं किया जा सकता। हत्या का मुकदमा दर्ज हो चुका है, सीसीटीवी और फोरेंसिक विश्लेषण चल रहा है, और यही जांच तय करेगी कि यह आत्महत्या, हादसा या सुनियोजित अपराध था।
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