कानपुर: कमिश्नरेट पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए दस दिन में तीन लोगों के 165968 रुपये साइबर ठगो के हाथ में जाने से बचा लिये। क्राइम ब्रांच टीम ने दस दिन में तीन लोगों के 165,968/-रुपये साइबर ठगों के हाथों में जाने से बचाकर तीनो लोगों के खातों में वापस कराये।
12 अप्रैल को सविता श्रीवास्तव निवासी केशवपुरम आवास विकास कल्यानपुर द्वारा साइबर क्राइम सेल पर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें बताया कि वादिनी को बीएसएनएल सिम की केवाईसी अपडेट करने के नाम पर रिमोट एक्सिस एप (ऐनीडेस्क)डाउनलोड कराकर वादिनी के खाते से 61000/- रु0 निकाल लिये गये थे। जिस पर साइबर क्राइम सेल द्वारा सम्बन्धित वालेट/ बैंक से लगातार व प्रभावी पत्राचार/वर्ता किया गया, जिसके फलस्वरुप धोखाधड़ी के 50,000/- रु0 वापस वादी के खाते में कराये गये।
09 अप्रैल को शिकायतकर्ता नीसू कुमार निवासी गज्जूपुरवा द्वारा साइबर क्राइम सेल पर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया था कि शिकायतकर्ता को बैंक केवाईसी अपडेट करने के नाम पर बैंक सम्बन्धी विवरण प्राप्त कर वादी के खाते से 36000/रु0 निकाल लिये गये थे। जिस पर साइबर क्राइम सेल द्वारा सम्बन्धित वालेट/ बैंक से लगातार व प्रभावी पत्राचार/वर्ता किया गया, जिसके फलस्वरुप धोखाधड़ी के 36000/- रु0 वापस वादी के खाते में कराये गये।
04 अप्रैल को शिकायतकर्ता अमित गुप्ता निवासी रावतपुर गांव कल्यानपुर द्वारा साइबर क्राइम सेल पर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया था कि शिकायतकर्ता को बैंक केवाईसी अपडेट करने के नाम पर रिमोट एक्सिस एप (ऐनीडेस्क) डाउनलोड कराकर वादी के खाते से 96,961/-रु0 निकाल लिये गये थे। जिस पर साइबर क्राइम सेल द्वारा सम्बन्धित वालेट/ बैंक से लगातार व प्रभावी पत्राचार/वर्ता किया गया, जिसके फलस्वरुप धोखाधड़ी के 79,968/- रु0 वापस वादी के खाते में कराये गये।
''''''गूगल पर किसी भी कस्टमरकेयर/ बैंक का नम्बर सर्च करने से पहले ध्यान दे कि कस्टमर केयर नम्बर 1800 से शुरु होते हैं। कोई भी बैंक केवाईसी अपडेट आनलाइन अथवा फोन पर नही करता है, आप स्वयं बैंक जाकर केवाईसी अपडेट करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। क्यूआर कोड स्कैन सिर्फ पेमेन्ट करने के लिये होता है न कि प्राप्त करने के लिये" : सलमान ताज पाटिल, डीसीपी ,क्राइम पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर