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26 सितंबर 2026

योगी सरकार में खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवाओं का उत्तर प्रदेश बदनुमा मॉडल बन गया: अखिलेश यादव

लखनऊ:समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि पिछले पांच साल के भाजपा राज में स्वास्थ्य सेवाओं को निम्नतर पर पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। अब भाजपा राज…

योगी सरकार में खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवाओं का उत्तर प्रदेश बदनुमा मॉडल बन गया: अखिलेश यादव
योगी सरकार में खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवाओं का उत्तर प्रदेश बदनुमा मॉडल बन गया: अखिलेश यादव | फ़ोटो: TVL News

लखनऊ:समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि पिछले पांच साल के भाजपा राज में स्वास्थ्य सेवाओं को निम्नतर पर पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। अब भाजपा राज में खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवाओं का उत्तर प्रदेश बदनुमा मॉडल बन गया है। नए स्वास्थ्यमंत्री इस सच्चाई से अवगत भी हैं पर नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा है। भाजपा सरकार में न तो एम्बुलेंस है, न दवा, न उपचार मिलता है। मिलता है सिर्फ इंतजार। सत्ता में इतना निकम्मापन कभी नहीं रहा।



पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,;समाजवादी सरकार ने नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ एमबीबीएस की सीटें भी बढ़ाई थी। गम्भीर बीमारियों कैंसर, किडनी, हार्ट और लीवर के इलाज की मुफ्त व्यवस्था की थी। स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और बेहतर इलाज की दृष्टि से कीमती मशीनें भी मंगवाई गई थी। भाजपा सरकार ने गरीबों के इलाज में कोई रुचि नहीं दिखाई। कीमती मशीनों के डिब्बों को खोलकर भी नहीं देखा गया। समाजवादी सरकार में कैंसर अस्पताल बन कर तैयार था।



अखिलेश यादव ने कहा कि,''भाजपा सरकार की मानसिकता गरीब विरोधी और पूंजीघरानों के संरक्षण की है। इसलिए सरकारी अस्पतालों की हालत बिगड़ती जा रही है और प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होम की बाढ़ आ गई। समाजवादी सरकार की एम्बूलेंस सेवा 108 और 102 बदहाली से गुजर रही है। भाजपा सरकार ने अस्पतालों के नाम पर खण्डहर खड़े कर दिए हैं जहां मेडिकल-पैरामेडिकल सेवाएं गायब है। 



अस्पतालों में मरीज भगवान भरोसे रहते हैं। बांदा अस्पताल में भी बिजली घंटों गायब रहती है। टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज किया जाता है। विज्ञापनों से फुर्सत मिले तो मुख्यमंत्री जी जिला अस्पतालों के हालात पर गौर करें। बांदा के जिला अस्पताल की माइनर ओटी में मरीजों को टांके भी टॉर्च की रोशनी में लगते हैं।



उन्होंने कहा,''बस्ती मेडिकल कॉलेज को यूपी मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन ने 4 माह से दवाइयां नहीं दी। मरीज बाहर से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। शुगर, बीपी की दवाइयां सब बाहर मिलती है। आपरेशन के लिए सामान मरीज को खुद लाना पड़ता है। अयोध्या में मेडिकल कॉलेज भी सरकारी लापरवाही का शिकार हैं यहां नर्स सोती रही। मरीज को समय से नहीं लगा इंजेक्शन, मरीज की मौत हो गई।



अखिलेश यादव ने कहा कि,'अस्पतालों में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर नहीं मिलने से मरीजों को होने वाली परेशानी पर कोई ध्यान नहीं। आगरा के एस एन मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर न मिलने से बेटी मां को गोद में लेकर इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले गई। एटा में कान के दर्द का उपचार कराने आई महिला हाथ में ड्रिप लेकर घंटों इधर-उधर भटकती रही। गाजियाबाद जिला अस्पताल में मरीजों को गोद में उठाकर या कंधे पर लादकर इलाज को ले जाते तीमारदारों को देखा जा सकता है। 



उन्होंने कहा,''भाजपा सरकार पांच साल बिताने के बाद अब छठे वर्ष में प्रवेश कर रही है। लेकिन गरीबों, मरीजों के प्रति उसकी उदासीनता बरकरार है। सच्चाई छुपती नहीं और झूठ ज्यादा दिनों तक चलता नहीं। जनता भाजपा सरकार के झूठे वादों के पोस्टरों और विज्ञापनों से अब ऊब चुकी है। जनता अब किसी के भी बहकावे में आने वाली नहीं है।





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यह रिपोर्ट 13 जून 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 25 सितंबर 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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