लखनऊ से एक बेहद रोचक और चर्चा में रहने वाला मामला सामने आया है, जहां ड्यूटी के दौरान एक अमरूद खाना स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स (SDRF) के जवान को भारी पड़ गया। जवान ने पेड़ से अमरूद तोड़कर खा लिया, जिसके बाद उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। हालांकि, जवान ने नोटिस का जो जवाब दिया, वह अब पूरे महकमे में चर्चा का विषय बन गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना जनवरी के पहले सप्ताह की है, जब लखनऊ स्थित SDRF मुख्यालय परिसर में एक जवान की पहरा ड्यूटी लगी थी। परिसर में कमांडेंट आवास के पास अमरूद का एक पेड़ लगा हुआ है। ड्यूटी लंबी होने और अस्वस्थ महसूस करने के दौरान जवान ने पेड़ से एक अमरूद तोड़कर खा लिया।
इसी दौरान किसी वरिष्ठ अधिकारी की नजर जवान पर पड़ गई। मामला अनुशासन से जुड़ा मानते हुए उच्च अधिकारियों तक पहुंचा और जवान को ड्यूटी के दौरान फल तोड़कर खाने को नियमों के खिलाफ मानते हुए लिखित स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया गया।
जवान का जवाब बना चर्चा का विषय
कारण बताओ नोटिस के जवाब में जवान ने बिना किसी बहाने के बेहद साफ और सरल भाषा में अपना पक्ष रखा। उसने बताया कि:
“रात्रि के स्पेशल खाने में पनीर की गुणवत्ता ठीक नहीं थी, जिससे पेट में दर्द हो गया। यूट्यूब पर जानकारी मिली कि अमरूद खाने से पेट दर्द में राहत मिलती है, इसलिए मजबूरी में अमरूद खाया।”
जवान ने अपने जवाब में यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में वह इस तरह की गलती दोबारा नहीं करेगा और ड्यूटी के नियमों का पूरी तरह पालन करेगा।
अधिकारी भी रह गए हैरान
जवान की ईमानदार और सरल सफाई पढ़कर अधिकारी भी हैरान रह गए। हालांकि, मामला अनुशासन से जुड़ा होने के कारण इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता, लेकिन जवान की सच्चाई और स्पष्टता की चर्चा पूरे विभाग में हो रही है।
क्यों है यह मामला खास?
यह मामला इसलिए खास बन गया है क्योंकि:
यह प्रशासनिक अनुशासन और मानवीय परिस्थिति के टकराव को दर्शाता है
जवान का जवाब सोशल मीडिया पर वायरल होने लायक है
सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मियों की रोजमर्रा की चुनौतियों को उजागर करता है
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