पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइडेट) ने बुधवार को अंतिम सूची जारी कर दी। इस सूची में गौर करने वाली बात यह रही कि जदयू ने बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को टिकट नहीं दिया, जिन्होंने नीतीश कुमार की पार्टी में शामिल होने के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली।ऐसा लगता है कि बक्सर से विधानसभा चुनाव लड़ने की उनकी कोशिश खतरे में पड़ गई है, क्योंकि यह निर्वाचन क्षेत्र भाजपा के कोटे में चला गया है। जदयू के पास बक्सर जिले की राजपुर और डुमरांव दो विधानसभा सीटें है, जबकि शेष दो, बक्सर और ब्रह्मपुर, भाजपा के पास चली गई हैं।
राजग में शामिल जेडी(यू) के अपने कोटे की 115 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा के बाद बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का चुनाव लड़ने का सपना टूटा। उन्होंने अपने शुभचिंतकों के लिए सोशल मीडिया के जरिए एक संदेश देकर निराश नहीं होने की अपील की है| बिहार डीजीपी पद से सेवानिवृत्ति लेने के बाद राज्य के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के चुनाव लड़ने के कयास लगाए गए, लेकिन उन्होंने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा,''मेरे VRS लेने और पार्टी की सदस्यता लेने को सीधे चुनाव से जोड़कर देखना ठीक नहीं है। चुनाव लड़ने की संभावना थी, किसी कारणवश ये समीकरण नहीं बैठा। राजनीति में बहुत सारी मजबूरियां होती हैं लेकिन मैं एनडीए के साथ हूं और एनडीए के साथ रहूंगा|
महाराष्ट्र की राजनीति से टिकट न मिलने के सवाल पर गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा,''सुशांत की मौत के मामले में मैंने जो भी किया उसमें मैंने न कोई गलती की, न मुझे उसका कोई अफसोस है|