UP SIR 2026:दो करोड़ से ज्यादा वोटर्स के नाम कटे, चुनाव आयोग ने कहा- 84 लाख बढ़े
उत्तर प्रदेश में 10 अप्रैल 2026 को SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी हुई। कुल मतदाता 13,39,84,792 दर्ज किए गए। ड्राफ्ट सूची के मुकाबले 84,28,767 नाम जुड़े, जबकि अक्टूबर 2025 की फ्रीज सूची की तुलना में लगभग 2.04 करोड़ नाम कम हुए। नाम न मिलने पर मतदाता पोर्टल पर खोज, ई-रोल डाउनलोड, Form 6 और अपील का रास्ता खुला है।
उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को जारी हो गई है और इसके साथ ही “2.4 करोड़ नाम कट गए” वाला दावा तेजी से चर्चा में है। उपलब्ध आधिकारिक पोर्टल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ब्रीफिंग पर आधारित विश्वसनीय रिपोर्टों और अंतिम ई-रोल डेटा से जो तस्वीर बनती है, वह यह है कि राज्य में अब कुल 13,39,84,792 मतदाता हैं। ड्राफ्ट सूची के मुकाबले 84,28,767 मतदाता बढ़े हैं, जबकि अक्टूबर 2025 में फ्रीज हुई पुरानी सूची की तुलना में लगभग 2.04 करोड़ नाम कम हुए हैं। यानी “84 लाख बढ़े” और “करीब 2 करोड़ हटे” दोनों बातें अलग-अलग आधार वर्षों/सूचियों की तुलना से निकली हैं।
यह अंतर समझना जरूरी है। 6 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट सूची में 12,55,56,025 नाम थे। 10 अप्रैल 2026 की अंतिम सूची में यह संख्या बढ़कर 13.39 करोड़ हो गई। लेकिन SIR शुरू होने से पहले, अक्टूबर 2025 में फ्रीज मतदाता सूची का आधार करीब 15.44 करोड़ था। इसी कारण अंतिम सूची, ड्राफ्ट से बड़ी दिखती है, लेकिन पुराने आधार से छोटी। चुनावी बहस में यही गणित सबसे ज्यादा भ्रम पैदा कर रहा है।
अंतिम सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या 7,30,71,071 और महिला मतदाताओं की संख्या 6,09,09,525 दर्ज की गई है। कई रिपोर्टों के अनुसार 18–19 आयु वर्ग के मतदाताओं में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। जिलेवार बढ़ोतरी में प्रयागराज सबसे आगे रहा, उसके बाद लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर का नाम सामने आया। इससे साफ है कि SIR केवल कटौती का अभ्यास नहीं था; नए पंजीकरण और सुधार भी बड़े पैमाने पर हुए।
मतदाता अपना नाम दो तरीकों से जांच सकते हैं। पहला, मतदाता सेवा पोर्टल पर EPIC नंबर, मोबाइल नंबर या व्यक्तिगत विवरण से खोज करें। दूसरा, ई-रोल डाउनलोड पेज पर राज्य, वर्ष 2026 और “SIR Final Roll” चुनकर जिला, विधानसभा क्षेत्र और भाग संख्या के आधार पर PDF सूची देखें। यदि नाम नहीं मिलता, तो पात्र नागरिक Form 6 भरकर नया पंजीकरण करा सकते हैं।
जिन मतदाताओं को लगता है कि उनका नाम गलत तरीके से हटाया गया है, उनके लिए अपील की व्यवस्था भी उपलब्ध है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, ERO के निर्णय से असंतुष्ट व्यक्ति अंतिम सूची के प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर जिलाधिकारी के समक्ष प्रथम अपील कर सकता है। इसके बाद भी राहत न मिलने पर 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील की जा सकती है। यह पहलू इसलिए अहम है क्योंकि अंतिम सूची जारी होने के बाद कानूनी उपचार की समयसीमा बहुत छोटी होती है
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