बेरूत:लेबनान सरकार ने बेरूत विस्फोट पर नाराजगी के बीच इस्तीफा दे दिया| बेरूत में हुए धमाके के बाद लेबनान सरकार के खिलाफ कडा विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी था,जिसके बाद सरकार ने इस्तीफा दे दिया है| प्रधानमंत्री हसन दियाब ने सोमवार की शाम को राष्ट्रीय टेलीविजन पर अपने संबोधन में इस्तीफे का एलान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेरूत बंदरगाह पर हुए विस्फोट के मद्देनजर वह पद छोड़ रहे हैं।
सरकार ने यह फैसला तब लिया है जब लोग देश के नेताओं पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारी लगातार तीसरे दिन सड़कों पर उतरे थे और पुलिस से उनकी झड़प हुई थी। बेरूत में हुई भीषण धमाका एक गोदाम में आग लगने से हुआ था जहां असुरक्षित तरीके से करीब 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट रखा था।
इससे पहले सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच सूचना मंत्री और पर्यावरण मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था| प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो रही थी|मंगलवार को (04 अगस्त) बेरूत में बंदरगाह के पास हुए धमाके के बाद लेबनान में गुस्से का माहौल था| पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहे लेबनान में बेरूत धमाके के बाद स्थिति और बिगड़ गई थी। लोग देशभर में सरकार के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन कर रहे हैं, इसी बीच पूरी सरकार के इस्तीफा देने से देश में राजनीतिक संकट भी आ गया है। बीते तीन दिन में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई झड़पें हो चुकी हैं।
मंगलवार को हुए भीषण धमाके के बाद मलबे में दबे लोगों के जिंदा निकलने की जब उम्मीद कम हो गई तो सरकार के दो मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था| सूचना मंत्री मनल अब्दल समद और पर्यावरण मंत्री दामियनोस कत्तर दोनों ने ही रविवार को अपने इस्तीफे की घोषणा की थी, जिसे प्रधानमंत्री हसन दियाब के लिए एक झटके के तौर पर माना जा रहा था| इस बीच कई और सांसदों ने भी इस्तीफा दे दिया था|
शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए मंत्रालयों में घुसकर तोड़फोड़ की थी| लेबनान सरकार की नाकामी के विरोध में प्रदर्शनकारी रविवार को भी सड़कों पर उतर आए| शहीद चौराहे के पास सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी|
शहीद चौराहे से ही कुछ दूरी पर वह बंदरगाह है जहां धमाका हुआ था| अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और छह हजार से अधिक लोग घायल हो गए| और 110 लोग अभी भी लापता हैं। धमाके में देश का मुख्य बंदरगाह पूरी तरह से नष्ट हो गया था और करीब तीन लाख लोग बेघर हो गए थे। धमाके से लगभग 10 से 15 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।
23 साल की तमारा की दोस्त रवन की धमाके में मौत हो गई थी| तमारा कहती हैं, "लोगों ने अपनी जान देकर ऐसी सरकार के लिए कीमत चुकाई है जो पैसे और सत्ता के अलावा किसी और चीज की परवाह नहीं करती है| उनकी दोस्त मिचेल कहती हैं, "यह काफी नहीं है कि सिर्फ मंत्री इस्तीफा दे| जिन लोगों ने वहां विस्फोटक रखे उन लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए| एक अंतरराष्ट्रीय ट्रायब्यूनल हमें बताए कि किसने रवन की हत्या की|
रविवार देर शाम तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प होती रही| पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे| इससे पहले भीड़ ने संसद की ओर जाने वाले रास्ते पर तैनात पुलिस पर पथराव किया और आगजनी की| कुछ प्रदर्शनकारियों ने हेलमेट और गैस से बचने के लिए मास्क लगाए थे तो कुछ लोगों ने आंसू गैस से बचने के लिए शील्ड का इस्तेमाल किया| पुलिस की ओर से दागे गए आंसू गैस के गोलों को कुछ प्रदर्शनकारियों ने वापस पुलिस की ओर उछाल दिया|