वाशिंगटन: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव 2020 के नतीजों पर सियासी खींचतान जारी है| राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव धांधली का आरोप लगाते हुए दबाव बनाने में लगे हुए हैं| निर्वाचन नतीजों को लेकर अमेरिकी संसद की बैठक से पहले ट्रंप समर्थकों की भीड़ अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग के बाहर एकत्रित हो गई है| राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने व्हाइट हाउस और कैपिटोल हिल्स के बाहर जमकर हंगामा किया|
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा कैपिटल भवन पर हमला बोलने के बाद अमेरिका की राजधानी में हुई अराजकता को देखते हुए वाशिंगटन डी.सी. में कर्फ्यू लगा दिया गया है। ट्विटर (Twitter) ने ट्रंप के कुछ ट्वीट्स को हटाने के साथ ही 12 घंटे के लिए उनका हैंडल सस्पेंड कर दिया ट्विटर के इस एक्शन के बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम ने भी उनपर 24 घंटे का बैन लगा दिया|
सोशल मीडिया दिग्गज ट्विटर और फेसबुक ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को अस्थायी तौर पर बंद कर उन्हें पोस्ट करने से रोक दिया है। यह कदम ट्रंप के समर्थकों द्वारा वाशिंगटन डीसी में कैपिटल भलन पर हिंसक हमला करने के बाद उठाया गया है।
ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप के हैंडल को ब्लॉक करने के पीछे नागरिक अखंडता नियम का हवाला दिया है| ट्विटर की ओर से कहा गया है कि अगर ट्रंप अपने तीन ट्वीट डिलीट नहीं करते हैं तो उनका अकाउंट 12 घंटे बाद भी सस्पेंड रहेगा| भविष्य में ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करने पर डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा|
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थक अमेरिकी कैपिटल में घुस गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। इन घटनाओं में एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं। साथ ही नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन के नाम पर मुहर लगाने की संवैधानिक प्रक्रिया बाधित हुई। बुधवार को कांग्रेस के सदस्य इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की गिनती कर रहे थे, इसी दौरान बड़ी संख्या में ट्रंप के समर्थक सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए। पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों को काबू करने में काफी मश्क्कत करनी पड़ी। इन हालातों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट तथा पूरे कैपिटल को बंद कर दिया गया। उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रीय राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया गया। लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए।