हाइपरटेंशन यानी कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या इन दिनों आम होती जा रही है। युवा भी इससे अछूते नहीं रह गए हैं। दरअसल आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं की लाइफस्टाइल गलत दिशा में जा रही है। गलत खानपान, स्ट्रेस, देर से सोना, व्यायाम न करने से युवा भी हाइपरटेंशन का शिकार हाे रहे हैं। इनमें से मानसिक तनाव सबसे अहम है। क्योंकि आज ज्यादातर डिप्रेशन के मरीजों में ही हाइपरटेंशन की समस्या देखने को मिल रही है। हाइपरटेंशन को ही हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है। स स्थिति में खून का दबाव ज्यादा हो जाता है। जिससे किडनी, दिल और शरीर के अन्य अंगों को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर भी कहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शुरूआती दिनों में इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। हाई ब्लड प्रेशर के कारण सिरदर्द, कम दिखाई देना, सीने में दर्द जैसी समस्या हो सकती है। बीमारी को पहचानने के लिए जांच कराना ही सबसे अच्छा तरीका है। क्याेंकि अगर समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो किडनी की बीमारी, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक जैसी कई बीमारियाें का खतरा बढ़ जाता है।
तनाव और गुस्से से युवा हो रहे हाइपरटेंशन का शिकार
हाइपरटेंशन यानी कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या इन दिनों आम होती जा रही है। युवा भी इससे अछूते नहीं रह गए हैं। दरअसल आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं की लाइफस्टाइल गलत दिशा में जा रही है। गल…