गोपालगंज के 47 युवक म्यांमार में बंधक, जबरन कराया जा रहा साइबर फ्रॉड का काम, वतन वापसी के लिए लगा रहे गुहार। यह खबर बिहार के गोपालगंज जिले से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना को उजागर करती है, जहां 47 युवकों को म्यांमार में बंधक बनाकर साइबर फ्रॉड के कार्य में मजबूर किया जा रहा है।
कैसे फंसे युवक?
गोपालगंज के इन युवकों को आकर्षक नौकरी के वादे देकर म्यांमार बुलाया गया था। नौकरी दिलाने के बहाने इन्हें पहले थाईलैंड ले जाया गया और फिर म्यांमार के सीमावर्ती इलाकों में ले जाकर बंधक बना लिया गया। वहां इनसे जबरन साइबर फ्रॉड का काम करवाया जा रहा है।
प्रमुख कारण:
फर्जी एजेंसियों द्वारा धोखाधड़ी।
आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को निशाना बनाना।
युवकों की हालत और वतन वापसी की गुहार
बंधक बने इन युवकों ने वीडियो और कॉल के माध्यम से अपनी दर्दनाक स्थिति बयान की है।
युवकों को प्रतिदिन 12-14 घंटे काम करने पर मजबूर किया जाता है।
विरोध करने पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया जाता है।
युवकों के परिजनों ने भारत सरकार और बिहार सरकार से उनकी जल्द वतन वापसी के लिए गुहार लगाई है।
गोपालगंज के 47 युवक म्यांमार में बंधक बने होने की खबर के बाद परिजनों ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधा है। परिजनों की विदेश मंत्रालय और बिहार सरकार से तत्काल मदद की मांग। दोषी एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील।