अलीगढ़:कोविड वैक्सीन की किल्लत के बीच उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है| यहां स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कोविड वैक्सीन की 29 शीशियों को बिना इस्तेमाल के कूड़ेदान फेंक दिया गया और पोर्टल में पंजीकृत कर दिया गया।
अलीगढ़ में दो महिलाओं ने कोविड वैक्सीन की 29 शीशियों को बिना इस्तेमाल के फेंक दिया और पोर्टल में पंजीकृत कर दिया। आज यानी रविवार को अलीगढ़ के सिविल लाइंस के सीओ ने बताया, "हमें सीएमओ कार्यालय से शिकायत मिली थी। 2 लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज़ की गई है। मामले में जांच जारी है।"
मामला शनिवार 22 मई का है। अलीगढ़ के जमालपुर अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन भरी सिरिंज कचरे में फेंकने के आरोप में एएनएम निहा खान व डाक्टर जेहरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
जमालपुर में अर्बन पीएचसी को वैक्सीन सेंटर बनाया गया है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित भी मिले हैं। ऐसे में हर दिन 250 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले दिनों वैक्सीन एंड कोल्ड चेन मैनेजर रवेंद्र शर्मा यहां पर निरीक्षण को पहुंचे थे, तो यहां पर वैक्सीन भरी हुई सिरिज कचरे में पड़ी मिली। तत्काल इसकी जानकारी सीएमओ को दी गई। यहां से जांच के आदेश हुए। जांच में केंद्र पर तैनात सभी लोगों के बयान लिए गए हैं।
स्वास्थ्य केंद्र के अन्य स्टाफ का आरोप है कि नेहा खान कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण करने के बजाये लोडेड सिरिंज की पिन तोड़कर लोडेड सिरिंज कूड़ेदान के कूड़े में फेंक रही थी। स्टाफ का कहना है कि इस बात को मौके पर मौजूद जब अन्य स्टाफ ने उनसे कहा तो एएनएम नेहा खान ने अस्पताल स्टाफ को कहा कि मेरा 'मूड खराब' है और इसके बाद वहां से हट गई। इस तरह वहां 29 लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में मिली हैं। मामला जब सीएमओ कार्यालय पहुंचा तो हड़कंप मच गया।
एएनएम नेहा खान के साथ स्टाफ की दूसरी एएनएम अनु ने कहा, 'कोविड सेंटर पर वैक्सीनेशन हो रहा था, और मैं खुद वहां वेक्सीनेशन के दौरान रजिस्टर पर लोगों की एंट्री करवा रही थी। उस समय वह टीका ऐसे लगा रही थीं तो एक पेशेंट ने उनको टोका कि आप क्या कर रही हैं? यह कैसे आप टीका लगा रही हैं? उसने दोबारा वैक्सीन का टीका लगवाया गया। मैंने जब नेहा खान को ऐसा करते देखा तो खुद मैंने उनसे कहा कि तुम यह सही नहीं कर रही हो तो नेहा खान ने कहा कि 'में टेंशन में हूं। मुझसे ऐसा हो रहा है। सीएचसी पर 10 से 12 लोग का स्टाफ है। उस समय वहां मेरे साथ अन्य और लोग भी मौजूद थे।'
अनु ने कहा कि यह तो वही जाने कि वह क्या सोचकर इस काम को कर रही थी। जब अस्पताल स्टाफ ने इस मामले को लेकर नेहा खान को इस बारे में बताया तो उसने उल्टा स्टाफ के ऊपर ही आरोप लगाने लगी। मामले पर अपनी सफाई देते हुए एएनएम नेहा खान ने कहा कि वह 10:15 बजे ड्यूटी करने आई थी। इस दौरान 10 से 15 वैक्सीनेशन किए थे और उसके बाद में कंप्यूटर पर बैठ गई। 3:00 बजे खाना खाने चली गई और जब लौटकर आई तब तक सीएचसी पर कोई बात नहीं थी।
उन्होंने बताया कि 4:30 बजे घर चली गई। 6:30 बजे खबर मिली कि सीएचसी पर कूड़े में लोडेड सिरिंज मिली है। जबकि मेरे द्वारा 15 लोगों को कोरोना का टीकाकरण किया गया था। मेरे साथ ''षड्यंत्र'' रचा जा रहा है मुझे ''फंसाया'' जा रहा है। जबकि में जमालपुर यूपीएचसी पर हूं। वहां पर ड्यूटी नहीं थी लेकिन मुझे चीफ फार्मासिस्ट ने रोका।