नवजात की खरीद- फरोख्त मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को मेराज हॉस्पिटल से जुड़े लोगों से पूछताछ की।
वहीं एसीएमओ कार्यालय में पहुंचे माही हॉस्पिटल और मेराज हॉस्पिटल के संचालकों ने इस मामले में उनका कोई सरोकार न होने का शपथ पत्र दिया।
एसीएमओ डॉ. दिनेश कुमार खत्री अपनी टीम के साथ बरौला बाईपास स्थित मेराज हॉस्पिटल पहुंचे। वहां पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की। बताया गया
कि हॉस्पिटल संचालक डॉ. मेराज अली इन दिनों उमरा गए हुए हैं।
इसके बाद डॉ. मेराज अली के भाई खालिक अली और माही हॉस्पिटल के संचालक डॉ. कुलदीप एसीएमओ कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने शपथपत्र देकर मामले की जांच में सहयोग करने का आश्वासन देने के साथ कहा कि खरीद-फरोख्त से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि घटना में लिप्त नर्सों का मोबाइल फोन बंद जा रहा है।
हालांकि, उन्होंने नर्स को नौकरी से निकाल दिया है।
खरीद-फरोख्त में माही हॉस्टिल, मेराज हॉस्पिटल और जीवन हॉस्पिटल की नर्सों की बातचीत के चार ऑडियो और दो वीडियो वायरल हो रहे हैं,
जिसमें नवजात की कीमत तीन लाख रुपये लगाई गई थी।
सीएमओ ने इस मामले की जांच एसीएमओ डॉ. दिनेश कुमार खत्री को सौंप दी थी।
अब इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है।