नई दिल्ली: कंगना राणावत ने गंगा में तैरती लाशों को नाइजीरिया का बताया है| साथ ही उन्होंने कहा- सड़क पर ऑक्सीजन लेती महिलाओं का वीडियो कोरोना काल का ही नहीं| कंगना ने कहा,''गंगा में लाशें तैर रही हैं, पता चला वो तस्वीरें नाइजीरिया की हैं। यहां के कुछ लोग हमारी पीठ में छुरा घोंप रहे हैं। वो किसी जाति या धर्म विशेष के नहीं हैं। वो कैरेक्टर हर जगह पाये जाते हैं।
कंगना के मुताबिक गंगा में तैरती लाशें भारत के नहीं बल्कि नाइजीरिया के हैं| कंगना के अजीबोगरीब लॉजिक पर सवाल खड़े हो रहे हैं| कंगना रनौत को ट्विटर पर बैन कर दिया गया है और वह इंस्टाग्राम पर एक्टिव हो गई हैं।
कंगना ने कहा कि,''कोरोना काल में एक महिला का फोटो वायरल हुआ जो ऑक्सीजन लेकर सड़क पर बैठी है यह फोटो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायरल हो रहा है| लेकिन वास्तव में ये तस्वीरें कोरोना काल की नहीं हैं। गंगा नदी में तैरती हुई लाशों पर सवाल उठाते हुए कंगना ने कहा कि… गंगा में लाशें तैर रही हैं, पता चला वो तस्वीरें नाइजीरिया की हैं। यहां के कुछ लोग हमारी पीठ में छुरा घोंप रहे हैं। वो किसी जाति या धर्म विशेष के नहीं हैं। वो कैरेक्टर हर जगह पाये जाते हैं।
कंगना ने आगे अपनी सलाह देते हुए कहा- ''क्या हमें इसके लिए कुछ स्टेप्स नहीं लेने चाहिए? भारत सरकार से अपील करना चाहती हूं कि इज़रायल की तरह आर्मी में सर्व करना हर स्टूडेंट के लिए अनिवार्य कर देना चाहिए। हम भी करना चाहते हैं। हम भी करेंगे। जिन-जिन धर्म की किताबों में लिखा है कि सिर्फ़ हमारे धर्म के लोग इंसान हैं, बाकी सब गाजर-मूलियां हैं, उनको उस धर्म में से निकालिए। आप चाहे हिंदू, मुसलमान, सिख, जैन, ईसाई कोई भी हैं आपके लिए सर्वोपरि धर्म होना चाहिए भारतीयता का। इस देश का नागरिक होने का जो संबंध है, वो सर्वोपरि होना चाहिए।
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