चमोली/ देहरादून: उत्तराखंड के चमोली ज़िले के बिनसर पहाड़ी में बादल फटने से बाजार में भारी नुकसान हुआ है। कई दुकानें मलबे के नीचे दब गई है। अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना स्थल पर प्रशासन के अधिकारी और SDRF की टीम पहुंच गई है। इस दौरान एक व्यक्ति और उनके दो बच्चों को बचाया गया है।
चमोली ज़िले में इस वर्ष कुदरत का कहर कुछ ज्यादा ही बरस रहा है। तीन महीने के भीतर दो बड़ी घटनाएं होने के बाद आज फिर राज्य के चमोली जिले में बादल फट गया है। बताया गया है कि बादल फटने की यह घटना घाट बाजार के ठीक ऊपर बिनसर पहाड़ी के चिनाडोल नामक तोक में हुई है। जिससे घाट बाजार के साथ ही समूचे क्षेत्र में तबाही मची हुई है। कई आवासीय मकान, दुकानें और वाहन मलबे में दब गए हैं।
हालांकि अभी तक जान-माल के नुक़सान की कोई सूचना नहीं है परन्तु कई लोगों के घटनास्थल पर फंसे होने की सूचना मिल रही है। खबर मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर दिया है, जो अभी भी जारी है।
जानकारी के अनुसार,'' मंगलवार शाम को साढ़े पांच बजे के आसपास लगातार हो रही तेज बारिश के दौरान बिनसर पहाड़ी की तलहटी में तीन जगहों पर एक साथ बादल फट गया, जिससे न सिर्फ तीनों स्थानों पर भारी तबाही मच गई बल्कि भारी मात्रा में मलबा लोगों के घरों से होते हुए मुख्य बाजार तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज बारिश के दौरान बिनसर पहाड़ी पर एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान घाट बाजार के पास ही रहने वाले नंदा बल्लभ मलबे में ही फंस गए, जिन्हें एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया है।
इससे पहले दो जिलों में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। पहली घटना रुद्रप्रयाग जिले के नरकोटा की है, जहां बादल फटने से 12 घरों में मलबा घुस गया, जबकि खांकरा में एक ढाबा बह गया। बदरीनाथ हाइवे नरकोटा और खांकरा के बीच कई स्थानों पर मलबा आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, अतिवृष्टि से एक बुलेरो वाहन और मोटरसाइल की भी हाइवे के किनारे धस कर नीचे खाई में जा गिरी। इन घटनों में किसी भी प्रकार की जन हानि की सूचना नहीं है। दूसरी ओर उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ में कुमराड़ा और बल्डोगी गांव के पास बादल फटा। कुमराड़ा गांव में एक मकान पूरी तरह जमींदोज हुआ, जिसमें दो भैंस और एक बकरी की मौत हुई। चार मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए और खेतों को भी भारी नुकसान हुआ।
रुदप्रयाग से आठ किमी श्रीनगर की ओर बदरीनाथ हाइवे के पास स्थित नरकोटा गांव के ठीक ऊपर सैड बस्ती में बादल फटने की घटना से मलबा गांव में 12 घरों में घुस गया। मलबा दो धाराओं में आया, एक गांव में घुस गया, जबकि दूसरी धार गांव से बीस मीटर दूर बही। जैसे ही बादल फटने की आवाज आई सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए। मकान की नींव भी क्षतिग्रस्त हो गई।
वहीं, बादल फटने की घटनाओं का सीएम ने संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों से फोन पर जानकारी ली और प्रभावितों को तुरंत राहत के साथ ही बिना देरी के सहायता राशि देने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि दोनों जिलाधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर बनाने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग, एनएच और बीआरओ को आदेश दिए गए हैं कि जो मार्ग बंद हो गए हैं, उन्हें तत्काल खुलवाया जाए, जिससे जनता को परेशानी न उठानी पड़े।
उत्तरकाशी में एक घर जमींदोज
उत्तरकाशी में शाम करीब तीन बजे के करीब चिन्यालीसौड़ और डुंडा ब्लाक क्षेत्र में मूसलाधार बारिश शुरू हुई। चिन्यालीसौड के कुमराड़ा गांव के निकट चुल्याणी तोक के आसपास शाम चार बजे से लेकर साढ़े चार बजे के बीच भारी बारिश हुई। इसका उफान कुमराड़ा गांव में पहुंचा। मलबा और पानी ग्रामीणों के घरों के अंदर घुसने से गांव में अफरातफरी मची। जान बचाने के लिए ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
ग्राम प्रधान विनाद पुरसोढ़ा ने बताया कि बादल फटने के कारण कुमराड़ा गांव खतरे की जद में आ गया है। गांव में दर्जनों ग्रामीणों आंगन, शौचालय, रास्ते, विद्युत लाइन, पेयजल संयोजन ध्वस्त हो गए हैं। कुमराड़ा के क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील कुमार का मकान जमीदोज होने के कारण उनकी दो भैंस और एक बकरी दबकर मर गई है। इसके अलावा अन्य घरों को भी नुकसान पहुंचा।