नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेटर मुरली विजय ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के सभी रूपों से रिटायरमेंट की घोषणा की। मुरली विजय ने एक नोट लिखकर अपने संन्यास का ऐलान किया। मुरली विजय ने रिटायरमेंट नोट में लिखा कि, “ मैं इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं। 2002 से 2008 तक मेरा सफर शानदार रहा क्योंकि मैंने भारत के लिए अपना योदगान दिया। मैं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई), तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (टीएनसीए), चेन्नई सुपर किंग्स और केमप्लास्ट सनमार (Chemplast Sanmar) द्वारा मुझे दिए गए अवसरों के लिए आभारी हूं।
विजय ने कहा कि, “मेरी टीम के सभी साथियों, कोचों, मेंटर्स और सपोर्ट स्टाफ के लिए, आप सभी के साथ खेलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है, और मैं आप सभी को मेरे सपने को हकीकत में बदलने में मदद करने के लिए धन्यवाद देता हूं।
विजय ने कहा, ”अंतरराष्ट्रीय खेल के उतार-चढ़ाव में मेरा समर्थन करने वाले क्रिकेट प्रशंसकों के लिए, मैं आप सभी के साथ बिताए पलों को हमेशा संजो कर रखूंगा और आपका समर्थन हमेशा मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।
उन्होंने आगे लिखा,'अंत में, मैं अपने पूरे करियर के दौरान अपने परिवार और दोस्तों को उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं| वे मेरी रीढ़ की हड्डी रहे हैं और उ???के बिना मैं वह हासिल नहीं कर पाता जो आज मेरे पास है।
विजय ने कहा, ”मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं क्रिकेट की दुनिया और इसके व्यावसायिक पक्ष में नए अवसरों की तलाश करूंगा, जहां मैं उस खेल में भी भाग लेना जारी रखूंगा जिसे मैं प्यार करता हूं और खुद को नए और अलग वातावरण में खुद को चुनौती देता हूं। उन्होंने कहा,”मेरा मानना है कि एक क्रिकेटर के रूप में यह मेरी यात्रा का अगला कदम है और मैं अपने जीवन के इस नए अध्याय की प्रतीक्षा कर रहा हूं। विजय ने कहा, ”मैं अपने सभी पूर्व साथियों और भारतीय क्रिकेट टीम को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
बताते चलें कि विजय ने भारत के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच दिसंबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में खेला था। उन्होंने 61 टेस्ट, 17 वनडे और 9 टी20 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 61 टेस्ट मैच में उनके नाम 3982 रन हैं। इनमें 38.28 की औसत से उन्होंने रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 15 अर्धशतक हैं। उन्होंने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में पहला टेस्ट खेला था। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में पहला वनडे और उसी साल अफगानिस्तान के खिलाफ ग्रॉस आइसलेट में पहला टी20 खेला था।
मुरली विजय 2006-07 के रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में से एक थे, जो उनका पहला प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट था। अक्टूबर 2008 तक, उन्होंने दक्षिण क्षेत्र, इंडिया रेड और इंडिया ए का प्रतिनिधित्व किया। मुरली विजय ने नवंबर 2008 में सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को आईसीसी द्वारा एक मैच के लिए प्रतिबंधित किए जाने के बाद अपना टेस्ट क्रिकेट में पहला मैच खेला।
विजय ने 27 फरवरी, 2010 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के तीसरे और अंतिम वनडे में पदार्पण किया। उस मुक़ाबले में उन्होंने 16 गेंदों का सामना करते हुए 25 रनों की पारी खेली थी।
उन्होंने जिम्बाब्वे में त्रिकोणीय क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान उन्हें पूर्ण रूप से मौका मिला| लेकिन विजय ने खराब प्रदर्शन किया और चौथे मैच में उन्हें बाहर कर दिया। विजय को न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला में चुना गया था जो 2010 में खेली गयी थी। इस दौरान उन्होंने पहले 3 एकदिवसीय मैच खेले जिसमें 30 की औसत से रन बनाए। बाद में उन्हें अन्य 2 एकदिवसीय मैचों के लिए आराम देकर विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल को मौका दिया गया।विजय को 2010 टी20 के लिए चुना गया था। लेकिन वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाये और सिर्फ 15 की औसत से रन बनाए
विभिन्न लीगों में खेलते हुए नजर आ सकते हैं मुरली विजय
मुरली विजय ने भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा कर दी है, परंतु वह दुनिया भर में आयोजित हो रहे विभिन्न लीगों में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। अपने रिटायरमेंट नोट में उन्होंने इस बात का जिक्र किया है। मुरली विजय ने लिखा कि, “अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद मैं अलग-अलग लीग में कई तरह के रोल के लिए तैयार हूं। अगर मुझे कोई जिम्मेदारी मिलती है तो मैं उसका निर्वहन करूंगा।”