नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के अधिकारी से जुड़ा दुष्कर्म मामला: दिल्ली सरकार के एक अधिकारी पर अपने मृत दोस्त की नाबालिग बेटी से कई महीनों तक बलात्कार करने का मामला दर्ज किया गया है। सीएम अरविंद केजरीवाल के आदेश पर अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है|बलात्कार के आरोपी दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी और उसकी पत्नी सीमा रानी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित लड़की ने आरोप लगया है कि अधिकारी और उसकी पत्नी ने गर्भपात कराया था| अधिकारी पर अपने मृत दोस्त की नाबालिग बेटी के साथ कई महीनों तक बलात्कार करने का मामला दर्ज किया गया है।
दिल्ली में महिला एवं बाल विकास विभाग में उपनिदेशक पद पर तैनात अधिकारी ने अपने मृत दोस्त की नाबालिग़ बेटी के साथ उसने बुराड़ी स्थित अपने घर में 2020 से रेप किया| लड़की इसी दौरान प्रेग्नेंट भी हो गई थी| जब वह प्रेग्नेंट हो गई तो आरोपी की पत्नी ने उसे अबॉर्शन पिल्स दीं। पीड़ित लड़की एक अक्टूबर, 2020 को अपने पिता के निधन के बाद से आरोपी और उसके परिवार के साथ रह रही थी।
आज, सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस अभियुक्त को उसके घर से गिरफ़्तार करने पहुंची थी| मामले पर पुलिस ने कहा कि, भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (एफ) (रिश्तेदार, अभिभावक या शिक्षक या महिला का विश्वासपात्र अथवा उस पर अधिकार रखने वाले व्यक्ति की हैसियत से महिला से बलात्कार करना), 509 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्दों का प्रयोग, इशारा या कृत्य), 506 (आपराधिक धमकी), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 313 (महिला की सहमति के बिना गर्भपात करना), 120बी (आपराधिक साजिश) और यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधान क?? तहत मामला दर्ज किया गया है।
दुष्कर्म का आरोपी अधिकारी निलंबित
नाबालिग से बार-बार बलात्कार और उसे गर्भवती करने वाले दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक पर कार्रवाई की गई है। अरविंद केजरीवाल ने बलात्कार के आरोपी दिल्ली सरकार के अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया और मुख्य सचिव से आज शाम 5 बजे तक रिपोर्ट मांगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ,'मैंने मुख्य सचिव को जांच चलने तक उन्हें निलंबित करने का निर्देश दिया है और आज शाम 5 बजे तक मैंने इस पर रिपोर्ट भी मांगी है|
आरोपी अधिकारी और उसकी पत्नी गिरफ्तार
दिल्ली सरकार के अधिकारी पर नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोप पर DCP (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा कि ,'नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में हमने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से प्रेमोदय खाखा है जिनकी उम्र 51 साल है। वह दिल्ली सरकार में महिला एवं बाल विकास विभाग में उप निदेशक हैं और दूसरी आरोपी उनकी पत्नी सीमा रानी हैं, जिनकी उम्र 50 साल है। आगे की जांच जारी है|
पैनिक अटैक के बाद खुला दरिंदगी का राज
दिल्ली उत्तरी जिला के DCP सागर सिंह कलसी ने कहा कि ,'उत्तरी जिले के बुराड़ी थाने में मामला दर्ज किया गया था। 17 वर्षीय लड़की के पिता की मौत अक्टूबर 2020 में हो गई थी। बाद में लड़की को उसके मृत पिता के पारिवारिक मित्र के आवास पर भेज दिया गया, जो अब मामले में आरोपी (दिल्ली सरकार का अधिकारी) है। उसने बताया कि नवंबर-दिसंबर 2020 और जनवरी 2021 में उसके स्थानीय अभिभावक (दिल्ली सरकार के अधिकारी) ने उसके साथ बलात्कार किया। जब उसने यह बात आरोपी की पत्नी को बताई तो महिला ने उसे धमकाया और उसका गर्भपात भी करा दिया। लड़की तनाव और दबाव में रही। घटना के बाद उसे पैनिक अटैक का भी सामना करना पड़ा। उसके इलाज के दौरान ये बात सामने आई। डॉक्टरों ने बताया कि लड़की बयान देने के लिए फिट नहीं है। लड़की का बयान दर्ज करने के बाद कार्रवाई की जाएगी
सागर सिंह कलसी ने कहा कि ,'आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है| आरोपी और उसकी पत्नी से पूछताछ की जा रही है और मामले में जो भी अन्य गवाह या आरोपी होगा उसको जांच का हिस्सा बनाया जाएगा
....तब तक नहीं हटूंगी जब तक मुझे पीड़िता और उसकी मां से मिलने नहीं दिया जाएगा: मालीवाल
DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल दिल्ली के उस अस्पताल में धरने पर बैठीं जहां नाबालिग लड़की को भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, "मैं देखना चाहती हूं कि ऐसा क्या है जो दिल्ली पुलिस छिपाना चाहती है और DCW की अध्यक्ष को अंदर जाकर लड़की से मिलने नहीं दिया जा रहा है...मैं दिल्ली पुलिस को चेतावनी देती हूं कि उन्हें जो करना है कर लें मैं यहां से तब तक नहीं हटूंगी जब तक मुझे पीड़िता और उसकी मां से मिलने नहीं दिया जाएगा।"
स्वाति मालीवाल ने कहा, महिला एवं बाल विकास विभाग में उपनिदेशक के पद पर लंबे समय तक तैनात सरकारी अधिकारी पर 16 साल की नाबालिग लड़की से बलात्कार करने और उसके गर्भवती होने पर अधिकारी और उसकी पत्नी पर गर्भपात कराने की कोशिश करने का आरोप है। हमने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है...|
NCW की टीम अस्पताल पहुंची
NCW की 4 सदस्यीय टीम दिल्ली के उस अस्पताल पहुंची जहां नाबालिग लड़की को भर्ती कराया गया है। 4 सदस्यीय टीम की सदस्य ममता कुमारी ने कहा, "हम इस मामले की जांच के लिए कमेटी बनाकर आए हैं। हम पुलिस आयुक्त के कार्यालय गए लेकिन वह हमसे वहां नहीं मिले। हमें बताया गया कि वह किसी काम से बाहर हैं। हमने IO से मिलने की कोशिश की लेकिन हमें बताया गया कि वह कोर्ट गए हैं। जब हम यहां पीड़िता से मिलने आए तो हमें कहा गया कि उसकी मां हमसे मिलना नहीं चाहती, वे इसे छुपाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।"
NCW ने मामले का संज्ञान लिया
राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि ,' हमने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और इसमें जांच करने जा रहे हैं। दिल्ली के महिला एवं बाल विकास विभाग में काम करने वाला अधिकारी नाबालिग बच्ची के साथ ऐसा कर रहा था। जिस समय उसने यह किया तब बच्ची 14 साल की थी। अब वह 16 साल की हो गई है। अधिकारी और उसकी पत्नी ने बच्ची को अवैध तरह से अपने पास रखा हुआ था। हमने सुना है कि कथित तौर पर दिल्ली सरकार द्वारा अधिकारी को बचाने की कोशिश हुई है|
यह तस्करी का मामला है: NCPCR
दिल्ली सरकार के अधिकारी से जुड़े दुष्कर्म मामले पर NCPCR प्रमुख प्रियांक कानूनगो ने कहा कि ,''हमने पीड़िता से मुलाकात की और उसकी मां और डॉक्टरों से बातचीत की। दिल्ली सरकार की ओर से पहले दिन से ही लापरवाही बरती गई। पीड़िता के पिता की मृत्यु COVID के कारण हुई और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अगर किसी बच्चे के पिता या माता की मृत्यु COVID के कारण होती है तो उनके सभी विवरण बालस्वराज पोर्टल पर दर्ज किए जाने चाहिए। मामले में जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, उसकी जिम्मेदारी थी सभी विवरण अपलोड करें।
कानूनगो ने कहा कि ,''यह तस्करी का मामला है, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार इसके लिए जिम्मेदार हैं और आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। POCSO अधिनियम के अनुसार यह मामला NCPCR के अंतर्गत आता है, DCW के अंतर्गत नहीं। स्वाति मालीवाल ने अस्पताल का दौरा किया है और इस मामले में शामिल अन्य अधिकारियों और राजनेताओं को बचाने के लिए प्रचार कर रही हैं|
कानूनगो ने कहा कि ,'इस मामले में प्रक्रियात्मक चूक प्रतीत होती है। यदि किसी बच्चे के पिता या माता की मृत्यु अप्रैल 2020 से शुरू होने वाली अवधि में हो गई है या बच्चा अनाथ हो गया है और उन्हें संरक्षकता की आवश्यकता है, तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उनका सारा विवरण NCPCR के बालस्वराज पोर्टल पर दर्ज होना चाहिए। दिल्ली सरकार ने कहा था कि उन्होंने ऐसे सभी बच्चों का ब्योरा दर्ज कर लिया है लेकिन अभी तक हमें उसकी डिटेल नहीं मिल पाई है।
प्रियांक कानूनगो ने कहा कि ,'' हमने दिल्ली सरकार के अधिकारियों से बच्ची का नाम और बालस्वराज पोर्टल में उसकी एंट्री पूछी है...चर्च की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। बच्चे ने अभी तक बाल कल्याण समिति के समक्ष बयान नहीं दिया है। हम सुबह से समिति प्रमुख से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन वह कॉल रिसीव नहीं कर रही हैं। हम इस मामले पर नजर रख रहे हैं और यह जानकारी एकत्र करने के बाद हम दिल्ली सरकार को उचित कार्रवाई करने का निर्देश देंगे। जिस अस्पताल में लड़की भर्ती है वहां भी हम एक टीम भेज रहे हैं
यह चौका देने वाली घटना है :आतिशी
रेप की घटना पर दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा कि ,''यह चौका देने वाली घटना है क्योंकि आरोपी खुद महिला एवं बाल विकास विभाग में काम कर रहा था। अगर उन पर किसी नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप है तो यह चिंताजनक बात है... जैसे ही यह मामला मुख्यमंत्री के सामने आया तो मुख्यमंत्री (अरविंद केजरीवाल) ने संबंधित अधिकारी को आरोपित अधिकारी के निलंबन का आदेश दिया|
इस घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है: भारद्वाज
मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ,' दिल्ली इस घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। अब तक कार्रवाई हो जानी चाहिए थी लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने खुद अधिकारी को सस्पेंड करने का आदेश दिया है|