मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

दीवाली—प्रकाश का पर्व (Festival of Lights) : अंधकार पर प्रकाश की जीत का उत्सव

दीवाली - क्यों कहा जाता है इसे प्रकाश का पर्व?प्रकाश का पर्व—दीवाली—हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो न केवल अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है, बल्कि जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मकता क…

दीवाली—प्रकाश का पर्व (Festival of Lights) : अंधकार पर प्रकाश की जीत का उत्सव
दीवाली—प्रकाश का पर्व (Festival of Lights) : अंधकार पर प्रकाश की जीत का उत्सव | फ़ोटो: TVL News

दीवाली - क्यों कहा जाता है इसे प्रकाश का पर्व?

प्रकाश का पर्व—दीवाली—हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो न केवल अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है, बल्कि जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मकता का भी संदेश देता है। हर साल भारत और विदेशों में बसे भारतीय इस पर्व को बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाते हैं। इसे "Festival of Lights" यानी कि प्रकाश का पर्व इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इस दिन घर-घर दीप जलाए जाते हैं जो अंधकार को दूर कर घर और मन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं।


दीवाली का इतिहास और पौराणिक महत्व

1. रामायण से जुड़ी कथा

दीवाली के पीछे सबसे प्रमुख कथा रामायण से जुड़ी है। ऐसा माना जाता है कि जब भगवान राम, सीता माता और लक्ष्मण 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटे, तो अयोध्या के निवासियों ने उनका स्वागत दीपों की रोशनी से किया। इसी कारण इस दिन को दीपावली के रूप में मनाया जाता है।

2. महाभारत से जुड़ी कथा

कई लोग यह भी मानते हैं कि महाभारत के समय पांडवों के 12 वर्षों के वनवास और 1 वर्ष के अज्ञातवास के बाद लौटने पर भी दीप जलाए गए थे, जिसे दीवाली के रूप में मनाया गया था।

3. माता लक्ष्मी का जन्मदिन

धार्मिक मान्यता के अनुसार दीवाली के दिन माता लक्ष्मी का जन्म हुआ था। इस दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व होता है, ताकि वे घर में समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद दें।


दीवाली कैसे मनाई जाती है?

1. धनतेरस - दीवाली का प्रथम दिन

दीवाली का आरंभ धनतेरस से होता है। इस दिन सोने, चांदी, और बर्तनों की खरीदारी शुभ मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में समृद्धि और सौभाग्य आता है।

2. नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली)

इस दिन को भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर राक्षस का वध करने के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घर की सफाई करते हैं और अपने घरों को सजाते हैं ताकि नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सके।

3. दीपावली - मुख्य दिन

दीपावली के मुख्य दिन पर लोग अपने घरों को दीपों और रंगोली से सजाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, और लक्ष्मी पूजा करते हैं। यह वह दिन है जब पूरा वातावरण प्रकाश और खुशबू से भर जाता है।

4. गोवर्धन पूजा

दीवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। यह दिन भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र देव के अहंकार को समाप्त करने की याद में मनाया जाता है। इस दिन लोग गोवर्धन पर्वत के प्रतीक के रूप में गोबर से छोटी-छोटी पहाड़ियां बनाते हैं और उनकी पूजा करते हैं।

5. भाई दूज

दीवाली के आखिरी दिन भाई दूज मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए पूजा करती हैं और भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं।


दीवाली की आधुनिक परंपराएँ और विशेषताएँ

वर्तमान में दीवाली परंपरागत पूजा-अर्चना के साथ-साथ आधुनिकता का भी अंश बन चुकी है। आजकल लोग दीवाली पर पटाखे चलाने, मिठाई बांटने, और एक-दूसरे को उपहार देने का भी विशेष ध्यान रखते हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है, जिससे दीवाली पर पटाखों के उपयोग को सीमित करने की पहल भी की जा रही है।


पर्यावरण-अनुकूल दीवाली कैसे मनाएं?

दीवाली के उत्साह में पर्यावरण का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:

  • दीप जलाएं, पटाखे नहीं: घर को सुंदर दीपों से सजाएं। इससे न केवल वातावरण में एक सुखद अनुभूति होगी, बल्कि पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं होगा।
  • इको-फ्रेंडली रंगोली बनाएं: प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें जो मिट्टी और पानी को नुकसान नहीं पहुंचाते।
  • ग्रीन गिफ्टिंग: पर्यावरण-अनुकूल उपहार दें, जैसे कि पौधे, हस्तशिल्प, आदि।


दीवाली के दौरान सुरक्षा के उपाय

1. बच्चों का विशेष ध्यान रखें: यदि आप पटाखे चला रहे हैं, तो बच्चों को उनसे सुरक्षित दूरी पर रखें।

2. पेट्रोलियम उत्पादों से दूर रहें: पटाखे जलाते समय कोई भी ज्वलनशील वस्तु पास में न रखें।

3. फर्स्ट ऐड किट रखें तैयार: किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के लिए फर्स्ट ऐड किट अपने पास रखें।


निष्कर्ष: दीवाली का महत्व (Festival of Lights)

दीवाली, "प्रकाश का पर्व," एक ऐसा पर्व है जो हर भारतीय के दिल के करीब है। इसके पीछे छिपा संदेश है कि हमें अपने जीवन के हर अंधेरे को दूर करना चाहिए और अच्छाई के प्रकाश से अपनी जिंदगी को रोशन करना चाहिए। यह पर्व हमें भाईचारा, प्रेम और उल्लास का संदेश देता है, इसलिए इसे पूरे परिवार के साथ मिलकर मनाना चाहिए।

आइए मिलकर मनाएं दीवाली!

इस दीवाली, आइए संकल्प लें कि हम न केवल अपने घरों में बल्कि अपने दिलों में भी प्रकाश फैलाएंगे। दीवाली मनाएं, प्रकृति का ख्याल रखें, और अपने परिवार और दोस्तों के साथ खुशियाँ बाँटें!


tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 30 अक्टूबर 2024 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।