पणजी: तहलका पत्रिका के संस्थापक तरुण तेजपाल को गोवा की एक अदालत ने बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया है| तरुण तेजपाल को यौन उत्पीड़न मामले में सभी आरोपों से बरी करने के फैसले के खिलाफ गोवा सरकार हाईकोर्ट में अपील करेगी। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार दुष्कर्म मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल को बरी करने की अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख करेगी।
तरुण तेजपाल के बरी होने पर गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा,''राज्य सरकार इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगी। इसको लेकर सरकार काफी गंभीर है| सावंत ने कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट का रुख करने को लेकर इस मामले के लोक अभियोजक और जांच अधिकारी के साथ बातचीत की है।
मालूम हो कि आज ही,''तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को कथित यौन उत्पीड़न मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने आज यानी शुक्रवार (21 मई) को अपना फैसला सुनाया।
आज यानी शुक्रवार (21 मई) को कोर्ट के फैसले पर तरुण तेजपाल ने कहा कि यह मेरे परिवार के लिए एक लंबा दुःस्वप्न रहा है। मुझे राहत मिली है और यह आखिरकार खत्म हो गया है। मैं न्याय के लिए बहुत आभारी हूं, क्योंकि यहां लोगों को हमेशा न्याय नहीं मिलता है।
पूर्व प्रधान संपादक पर साल 2013 में महिला साथी का यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगे थे। उनके खिलाफ उनकी महिला सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। महिला के आरोपों के अनुसार, गोवा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पांच सितारा होटल की लिफ्ट में तेजपाल ने उनका उत्पीड़न किया था। इसके बाद 30 नवंबर 2013 को तेजपाल को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, उन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत की न्यायाधीश क्षमा जोशी ने आठ मार्च को तेजपाल मामले में अंतिम दलीलें सुनी। इम मामले में अतिरिक्त जिला अदालत 19 मई को फैसला सुनाने वाली थीं, लेकिन न्यायाधीश क्षमा जोशी ने फैसला आज 21 मई के दिन सुनाने के लिए कहा था। अदालत ने इससे पहले भी कई बार फैसले की तिथि को टाल दिया था। कोर्ट ने पूर्व में कहा था कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के चलते स्टाफ की कमी के कारण स्थगन किया गया था।