गोंडा: पुलिस टीम व ग्रामीणों के बीच भिड़ंत का मामला: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पुलिस टीम व ग्रामीणों के बीच भिड़ंत मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 4 पुलिसकर्मी निलंबित|
सिपाही उदय राजभर, रमाशंकर, कुंजधन व राहुल सस्पेंड| बगैर सूचना जुआरी पकड़ने गए थे चारों पुलिसकर्मी| पुलिसकर्मियों व ग्रामीणों के बीच हुआ था विवाद|
एक युवक के आंख में आई थी गंभीर चोट| अपर पुलिस अधीक्षक की जांच में दोषी मिले पुलिसकर्मी| कोतवाली नगर क्षेत्र के घोसियाना मोहल्ले मे हुआ था बवाल।
बता दें कि,''6 सितंबर को जुआरियों को पकड़ने के बहाने नगर कोतवाली पुलिस ने कटहामाफी घोसियाना में गांव वालों पर कहर ढाया। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने पर जुआरियों से कहासुनी हो गई। इसके बाद जुआरी भाग गए। पुलिस वालों ने इस पर तांडव शुरू कर दिया। लोगों के घरों में घुसकर पुलिस ने तांडव किया। लोग समझ ही नहीं पाए कि पुलिस क्या कर रही है।
कोई कुछ पूछताछ करे तो उसकी पिटाई करने लगे। खेत से लौट रहे युवक आशिक अली को तो सादी वर्दी में गई पुलिस ने इस कदर पीटा कि उसकी आंख पर गंभीर चोट आई है। पुलिस ने युवक का चेहरा कटीले तारों में रगड़ा.. नुकीले तारों से युवक की बाई आंख बाहर आई|उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन आंख में काफी चोट होने के कारण उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। यही नहीं थाने में तहरीर देने गए तो पुलिस के लोगों ने भगा दिया। इससे खफा गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया।
आशिक अली तो अपनी एक आंख को खोने की चिंता में फफक-फफक कर रो रहा था। उसने कहा कि दौड़ा दौड़ा कर पुलिस के लोगों ने उसे पीटा और वह कटीले तारों पर गिर गया। तो पीटते रहे और आंख में तार के कांटे घुस गए।उसने कोतवाली में तहरीर देने की कोशिश की तो उसे फिर धमकी मिली। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने भी इलाज के दौरान कहा कि आंख की हालत गंभीर है, लखनऊ रेफर किया गया है। युवक को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस की हरकत से खफा गांव के लोगों ने प्रदर्शन कर पुलिस का विरोध जताया। वहीं गांव के अन्य लोगों और महिलाओं ने कहा कि पुलिस ने हर घर में तोड़फोड़ की है और महिलाओं, बच्चों तक को पीटा है।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव