● बांध की मरम्मत के नाम पर कराड़ों रूपए का वारा-न्यारा, डीएम ने कमेटी गठित कर जांच के दिए आदेश
● एल्गिन चरसड़ी तटबंध के मरम्मत कार्य की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में गठित की गई जांच कमेटी
●एक सप्ताह में जांच करके जांच कमेटी डीएम मार्कण्डेय शाही को सौपेगी रिपोर्ट
गोंडा: जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने एल्गिन चरसड़ी बांध की सुरक्षा हेतु मरम्मत सम्बन्धी कार्य में गंभीर अनियमितताओं से सम्बन्धित मीडिया में आई खबर का संज्ञान लेते हुए बंधे की मरम्मत कार्य की जांच के लिए 04 सदस्यीय कमेटी गठित करते हुए एक सप्ताह में जाच रिपोर्ट मांगी है।
जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने बताया कि मीडिया में आये समाचार में उल्लेख है कि बांध की मरम्मत के नाम पर कराड़ों रूपए का वारा-न्यारा किया गया है। तटबंध की सुरक्षा हेतु निर्मित कराए जा रहे स्परों के कार्य में मिट्टी के बजाय बालू का प्रयोग हो रहा है तथा कार्य का पर्यवेक्षण किसी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारी द्वारा न करके मजदूरों पर छोड़ा गया है। समाचार में प्रकाशित तथ्य प्रथमदृष्ट्या गंभीर प्रकृति के हैं। अतएव प्रश्नगत बांध की सुरक्षा हेतु जनपद गोंडा के सीमाक्षेत्र में कराए जा रहे कार्यों की गहनतापूर्वक जांच कराया जाना आवश्यक प्रतीत होता है।
एडीएम राकेश सिंह के अध्यक्षता में गठित की गई जांच कमेटी
इसलिए जांच समिति गठित की गई है जिसमें अपर जिलाधिकारी, अध्यक्ष, अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लो0नि0वि0-सदस्य, अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग-सदस्य, अधिशासी अभियन्ता, उ0प्र0 जलनिगम, निर्माणखण्ड-सदस्य नामित किया गया है। जांच समिति द्वारा इस जनपद के सीमा क्षेत्र में तटबंध की सुरक्षा हेतु कराए जा रहे कार्यों की विधिवत् जांच एक सप्ताह में आख्या प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने यह भी आदेश दिए हैं कि सम्बन्धित विभाग द्वारा जांच समिति की अपेक्षानुसार वांछित सहयोग प्रदान करते हुए आवश्यक अभिलेखों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव