गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में खाद्यान्न वितरक कोटेदार के खिलाफ डीएम की कार्यवाही| कोटेदार के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर|
एफआईआर के बाद कोटेदार की गिरफ्तारी| डीएम को मिली थी कोटेदार के खिलाफ शिकायत| डीएम ने एसडीएम मनकापुर को जांच के दिए थे आदेश|
एसडीएम मनकापुर की जांच में सच आया सामने...निरीक्षण में कम मिला 51 कुंतल खाद्यान्न| मई महीने का पूरा खाद्यान्न किया हजम| आवश्यक वस्तु अधिनियम में दर्ज हुआ मुकदमा| छपिया ब्लॉक क्षेत्र के पिपरा अदाई गांव का कोटेदार है राजभवन| खोड़ारे थाने में दर्ज हुई एफआईआर।
इस पूरे मामले में खोड़ारे थानाध्यक्ष को विकास खण्ड-बभनजोत के पूर्ति निरीक्षक चन्दन कुमार ने बताया था,'' उप जिलाधिकारी मनकापुर एवं जिला पूर्ति अधिकारी गोण्डा द्वारा दिये गये निर्देश के अनुपालन में दिनांक 26.05.2021 को उचित दर विक्रेता राज भवन पुत्र राम शंकर (ग्राम पंचायत पिपरा अदाई, विकास खण्ड बभनजोत, तहसील मनकापुर) की दुकान का आकस्मिक निरीक्षण एवं जांच तहसीलदार मनकापुर के साथ क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी गोण्डा, क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक कटरा बाजार एवं क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक बभनजोत द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। साथ में चौकी इन्चार्ज गौराचौकी भी पुलिस बल के साथ उपस्थित रहे।
जांच के समय दुकान बन्द पायी गयी। विक्रेता के पुत्र मौके पर उपस्थित मिले, जिनसे दुकान बन्द होने के सम्बन्ध में पूछे जाने पर बताया गया कि अभी-अभी दुकान बन्द की गयी है। दिनांक 26.05.2021 को लगभग 20 कार्डधारकों में खाद्यान्न का वितरण किया गया है।
विक्रेता राज भवन के सम्बन्ध में पूछे जाने पर वह उपस्थित हुए, जिनके द्वारा दुकान खोलकर अपनी उपस्थिति में दुकान में उपलब्ध स्टाक का सत्यापन कराया गया। दुकान के सम्मुख भाग पर शासन के निर्देशानसार किसी प्रकार की कोई सूचना/बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। विक्रेता से स्टाक रजिस्टर/ई-पॉस मसीन प्राप्त करते हुए स्टाक रजिस्टर का अवलोकन किया गया, जिसमें पाया गया कि विक्रेता द्वारा उठाये गये खाद्यान्न का सत्यापन सक्षम अधिकारी/कर्मचारी से नहीं कराया गया है और न ही उठाये गये खाद्यान्न/ पूर्व में अवशेष खाद्यान्न का अंकन ही स्टाक रजिस्टर में किया गया है।
निरीक्षण के समय दुकान में गेहूँ 19 बोरी (एस0बी0टी0 वजन लगभग 50 कि0ग्रा0 प्रति बोरी) व 01 लूज बोरी, जिसमें लगभग 30 कि0ग्रा0 गेहूँ, चावल 14 बोरी (एस0बी0टी0 वजन लगभग 50 कि0ग्रा0 प्रति बोरी) व 01 लूज बोरी जिसमें लगभग 40 कि0ग्रा0 चावल तथा चीनी 03 बोरी (वजन लगभग 50 कि0ग्रा0 प्रति बोरी) एवं 24 कि0ग्रा0 लूज चीनी उपलब्ध पायी गयी। विक्रेता से दुकान के अतिरिक्त अन्य किसी स्थान पर खाद्यान्न आदि रखे जाने के सम्बन्ध में पूछताछ करने पर उसके द्वारा बताया/लिखित बयान दिया गया कि उपरोक्त खाद्यान्न के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान/कमरों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न नहीं रखा गया है।
विक्रेता के स्टाक रजिस्टर के अनुसार उसके द्वारा उठाये गये खाद्यान्न एवं वितरण के उपरान्त अवशेष खाद्यान्न का मिलान करने पर पायी गयी विक्रेता के स्टाक में कुल गेहूँ 61.04 कुन्तल व चावल 40.76 कुन्तल अवशेष होना चाहिए था, जबकि जांच के समय विक्रेता की दुकान में मात्र 09.80 कुन्तल गेहूँ व 07. 40 कुन्तल चावल तथा चीनी लगभग 01.74 कुन्तल उपलब्ध पायी गयी।
इस प्रकार विक्रेता राज भवन की दुकान में जांच के समय गेहूँ 51.24 कुन्तल व चावल 33.36 कन्तल कम पाया गया। दुकान में उपलब्ध पाये गये उक्त खाद्यान्न को राज भवन की सुपर्दगी में इस निर्देश के साथ दिया गया कि उपरोक्त खाद्यान्न अपनी अभिरक्षा में सुरक्षित रखेगें। तत्पश्चात संयक्त टीम द्वारा ग्रामसभा में जाकर कार्डधारकों से सम्पर्क कर विक्रेता के वितरण की जांच करते हए उनका बयान अंकित किया गया।
मौके पर उपस्थित प्रधान प्रतिनिधि बनारसी लाल पुत्र झब्बर, ग्राम पंचायत पिपरा अदाई द्वारा लिखित रूप से बयान दिया गया कि विक्रेता द्वारा शासन से संचालित योजनाओं के खाद्यान्न के उठान एवं वितरण के सम्बन्ध में उन्हें सूचित नहीं किया जाता है और न ही बताया जाता है कि किसी योजना का कितना खाद्यान्न प्राप्त हुआ है। वितरण तिथि क्या है और कब तक वितरण किया जाता है। ग्रामसभा के कुछ कार्डधारकों द्वारा उनके समक्ष इस प्रकार की शिकायत की गयी कि विक्रेता राज भवन द्वारा माह मई 2021 में खाद्यान्न नहीं दिया गया है। कुछ कार्डधारकों ने बताया कि निःशुल्क खाद्यान्न भी विक्रेता द्वारा नहीं दिया गया है।
कार्डधारकों द्वारा दिये गये बयान से स्पष्ट है कि विक्रेता राज भवन द्वारा अत्यन्त गरीब अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी योजना के कार्डधारकों को कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान भी शासन द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रथम चक्र के खाद्यान्न के साथ-साथ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजनान्तर्गत निःशुल्क वितरण हेतु उपलब्ध कराये गये खाद्यान्न का वितरण सम्बन्धित कार्डधारकों में न करके 51. 24 कु0 गेहूँ व 33.36 कु0 चावल का दुरूपयोग/ कालाबाजारी कर ली गयी है, साथ ही जिन कार्डधारकों को खाद्यान्न का वितरण किया भी गया है, उन्हें निर्धारित मानक से कम मात्रा में खाद्यान्न देकर मूल्य निर्धारित दर से कही अधिक लिया गया है तथा शासन के निर्देशों के क्रम में दुकान के सम्मुख भाग पर कोई सूचना/ बोर्ड का प्रदर्शन न करके तथ्यों को छुपाने का कृत्य किया गया है साथ ही उठाये गये खाद्यान्न का सत्यापन स्टाक रजिस्टर में किसी सक्षम अधिकारी/कर्मचारी से नहीं कराया गया है और न ही उठाये गये खाद्यान्न/पूर्व में अवशेष खाद्यान्न का अंकन ही स्टाक रजिस्टर में किया गया है।
विक्रेता का उक्त कृत्य उ0प्र0 आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण का विनियमन) आदेश 2016 एवं अनुबन्ध पत्र की विभिन्न शर्तो का स्पष्ट उल्लंघन के साथ-साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अन्तर्गत दण्डनीय है। विक्रेता द्वारा बरती गयी उपरोक्त गम्भीर अनियमितताओं के क्रम में जिलाधिकारी महोदय द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट अंकित कराये हेतु दिनांक 26.05.2021 को अनुमति प्रदान कर दी गयी है।