अहमदाबाद: Gujarat assembly polls 2022: अहमदाबाद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,''भाजपा द्वारा कांग्रेस के खिलाफ ग़लत प्रचार किया जा रहा है। हमारे कार्यक्रमों के खिलाफ, हमारे नेताओं के खिलाफ बहुत सी बातें कही जा रही हैं। ये चुनाव हमारे नेता यहां नहीं लड़ रहे, ये चुनाव तो गुजरात की जनता का चुनाव है| खड़गे ने कहा,''गुजरात की जनता कांग्रेस के पक्ष में निर्णय ले रही है इसीलिए BJP के शासकीय नेता 27 साल के बाद भी वार्डों में घूम-घूमकर भड़काऊ भाषण देकर यहां के लोगों को गुमराह कर रहे हैं |
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,'ये चुनाव बड़ा महत्वपूर्ण चुनाव है। इस चुनाव में प्रचार करना और इसके लिए तो हमारे हिंदुस्तान के कोने-कोने से हमारे कार्यकर्ता, लीडर हर जगह बैठे हैं। उसमें ज्यादा मैं वक्त गंवाना नहीं चाहता, लेकिन ये चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण बन गया है क्योंकि भाजपा की ओर से इतना गलत प्रचार कांग्रेस के खिलाफ, हमारे कार्यक्रमों के खिलाफ, हमारे नेताओं के खिलाफ बहुत सी बातें यहाँ कही जा रही हैं। लेकिन ये चुनाव हमारे नेता यानी लीडर ये चुनाव तो गुजरात का चुनाव है और गुजरात की जनता इतनी इंटेलिजेंट है, सारे देश का मार्गदर्शन करने की क्षमता वाले लोग गुजरात में हैं। उनमें, चाहे स्किल डेवलपमेंट तो अब आया होगा, लेकिन सबसे ज्यादा स्किल अगर कहीं है तो गुजरात में है। इसलिए तो कन्याकुमारी से कश्मीर तक ये फैल गए हैं और हर जगह वो काम करते हैं अपने अनुसार वो पद भी पाते हैं और हर जगह वो आज बिजनेस में भी छाए हुए हैं, प्रोफेशन में भी छाए हुए हैं, सांइस एंड टेक्नॉलोजी में इससे पहले भी छाए हुए थे और आज भी हैं। तो ये सारी चीजें गुजरात में आपको मिलेंगी।
उन्होंने कहा,''लेकिन ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस पूज्य महात्मा गांधी जी के राज्य में यूं तो वो दुनिया के प्रेरणास्त्रोत हैं महात्मा गांधी जी, उनसे लिए मैं सीमित नहीं करना नहीं चाहता हूं सिर्फ गुजरात के लिए और वैसे ही वल्लभ भाई पटेल जी, लेकिन चंद लोग बार-बार उन्हीं का नाम लेकर कांग्रेस पर अटैक करने की कोशिश करते हैं|
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,'' इस चुनाव में गुजरात की जनता कांग्रेस के फेवर में निर्णय ले रही है, इसका अंदाजा बीजेपी को लगा है। इसलिए तो बीजेपी के राष्ट्रीय नेता वार्ड- वार्ड घूम रहे है, मैं किसी अगर गुजरात का इलेक्शन में... यहाँ के प्रदेश प्रेसीडेंट, यहाँ के चीफ मिनिस्टर और भी नेता घुमते हैं, तो मुझे मालूम है और 27 साल के बाद आपको ये जरुरी हो रहा है कि खुद प्राईम मिनिस्टर, होम मिनिस्टर, चार-पांच चीफ मिनिस्टर ये सब यहाँ आकर भड़काऊ भाषण देकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। क्या जरुरत पड़ी, कुछ ना कुछ होगा ना। जब आदमी में डर पैदा होता है तो नेचरुली इसको कैसे संभालना है, इसके लिए हर जगह आज घूम रहे हैं और वो वोट मांगते वक्त भी यही कहते हैं कि भाईयों और बहनों, मेरा काम देखकर मेरे नाम से वोट दो। अपनी पार्टी का नहीं पूछते वो, अपने वर्कर का नाम पूछते हैं, मोदी का नाम, मोदी के लिए आप वोट दें, मोदी ने गुजरात बनाया। क्या इससे पहले गुजरात जो बनाने के लिए बहुत से हमारे वरिष्ठ नेता कांग्रेस पार्टी के या दूसरी पार्टी के भी हो सकते हैं, मोरारजी देसाई से लेकर बहुत से नेता लोग और कांग्रेस पार्टी के चीफ मिनिस्टर भी, उन्होंने कुछ नहीं किया, सब कुछ अभी हो रहा है? मैं ये पूछना चाहता हूं?
उन्होंने कहा,'''अब ठीक है, मल्लिकार्जुन खरगे ठीक नहीं है, तो उसके बारे में आप बोल दो, लेकिन पिछले कांग्रेस की सरकार में जो भी चीफ मिनिस्टर थे, जो भी इस देश की लड़ाई में सरदार थे, आगे थे, लड़े, अपने प्राण दिए, उनके बारे में आप यही बात कह रहे हैं कि कांग्रेस ने 70 साल में कुछ नहीं किया। ये उनका कॉमन जुमला है। जुमले तो बहुत हैं, लेकिन ये उनका हर जगह हर भाषण में ये कहते हैं और मेरा ये कहना कि गुजरात किसी ने बनाया है, वो कांग्रेस ने बनाया है। उसका फल आप भोगते हैं। हमारे लोग सूली पर चढ़े, 10-10 साल, 20-20 साल जेलों में रहे, घर बार छोड़े, यूनिवर्सिटी छोड़े, स्कूल छोड़े, छोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में खूब बढ़कर इस देश को आजादी दिलाई। उसका जिक्र आप कहीं नहीं करते, उसका फल तो आप खा रहे हैं, उसका फल तो आपको मिल रहा है, लेकिन आप उन पार्टी को बार-बार वही कहते हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,'''तो इसलिए मैं यही कह रहा हूं कि ये चुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि खुद मोदी जी, शाह जी सभी परेशान हैं। इसलिए उन्होंने पूरे हिंदुस्तान की बीजेपी की फौज सिर्फ गुजरात में लगा दी है और हमारे लोग गांव-गांव में, बूथ पर सीटी में लड़ रहे हैं। उनका खैर, आज रिसोर्सेस भी बहुत मिले हैं और उसका खूब फायदा उठाकर उन्होंने उसका लाभ भी ले रहे हैं। लेकिन दूसरों का मजाक उड़ाना और दूसरों के बारे में गलत बातें बताना ये ठीक नहीं है। आप गुजरात के लिए क्या करने वाले हैं, यहाँ की सरकार बोलें? लोग उसको रिस्पोंड करेंगे। आप तो खूब बोले पहले, एक बार मोदी को चांस दो। अरे आपको तो साढ़े 13 साल यहाँ चांस मिला। 9 साल देश के प्रधानमंत्री हैं, तो आपके ही कम से कम 25-26 साल हो गए। कांग्रेस पार्टी सिर्फ हुकूमत में रही सिर्फ 25 साल।
खड़गे ने कहा,''राजीव गांधी जी के बाद या नरसिम्हा राव जी के बाद हमारी आप पूरी गिनती अगर कर लेंगे 55-60 साल हो जाएंगे। अरे यहाँ 27 साल से आप बैठे हैं। आप हमेशा कहते हैं, मैं नहीं कह रहा हूं, वो खुद कहते हैं मैं डबल इंजन लगा रहा हूं। तो ये इंजन वहाँ का है, एक इंजन यहाँ का है। तो परसों किसी ने पूछा, क्योंकि थोड़े दिन मैं रेलवे मिनिस्टर भी था, तो उस वक्त मैंने भरूच में थोड़ा रेलवे का काम करके दिया, फिर यहाँ पर एक अस्पताल 160 करोड़ का दिया। फिर वहाँ पर इंडस्ट्रियल स्टेट में वड़ोदरा में वहाँ पर भी एक अस्पताल मैंने दिया। छोटे काम हमसे जितना होता है, हमने बोला नहीं कभी, उसका प्रचार भी नहीं लिया और हमारे कांग्रेस के जितने भी स्पोक्सपर्सन हैं, नेता हैं, उनको भी मालूम नहीं। हजारों करोड़ रुपए दिए, कभी हमने ये नहीं बोला, अरे हमने ये कभी नहीं किया। अरे वो हमने किया, देश को बनाने का काम तो सबका है। तो यहाँ पर सिर्फ मैं मैं और आज भी वो पूछते हैं, तो मुझे दो, कैंडिडेट कैसा भी रहने दो। अगर आपका सब कुछ ठीक है, आपने बहुत काम किए, देश में गुजरात मॉडल की बात बहुत करते हैं। तो गुजरात मॉडल की बात आप करो, ठीक है आपको फायदा होता है, तो आप करते रहो। लेकिन गुजरात मॉडल में क्या है - 5 लाख वैकेंसी हैं यहाँ सरकारी नौकरियों की। 28 हजार टीचर की नौकरियां खाली हैं और कर्जा इतना बढ़ रहा है, कांग्रेस के जमाने में जब हम छोड़े, तो उस वक्त सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपए कर्जा छोड़कर हमारे ऊपर था। आज पहले के आंकड़े के अनुसार 3 लाख 40 हजार कुछ हैं, अब तो ये साल 2022-23 में वो 4 लाख 60 हजार करोड़ बनने जा रहा है। 10 हजार करोड़ डैट, था तो टीका-टिप्पणी करके आपने बहुत कुछ बोला, फिर इसके लिए कौन जिम्मेदार है, मैं पूछना चाहता हूं, एक?
उन्होंने कहा,''दूसरा मॉडल इनका, कोविड के वक्त 3-4 लाख लोगों की मृत्यु हो गई, आप उनको छुपाते रहे और आपके मॉडल के जो चीफ मिनिस्टर थे, उन्होंने कुछ काम नहीं किया। ये जब आपके ध्यान में आया तब आप यहाँ बदलाव लाने की बजाए चीफ मिनिस्टर को बदलते चले गए। 6 साल में कितने चीफ मिनिस्टर बदले - 3 चीफ मिनिस्टर। अब गिनो तो साढ़े 13 और 8 कितने साल हो गए, इन्होंने बदले, लेकिन यहाँ 6 साल में 3 चीफ मिनिस्टर बदले। यानी 3 चीफ मिनिस्टर जब आप बदलते हैं, तो इसका मतलब है कि आपने यहाँ कुछ काम नहीं किया, नहीं तो बदलने का सवाल नहीं था और कोविड में सार्थक काम नहीं हुआ, इससे तो यही दर्शाता है।
तो इनके जो मॉडल हैं और टीचर की भर्ती नहीं, क्लासरुम नहीं हैं, नए मेडिकल कॉलेज गवर्मेंट के, क्योंकि गरीबों को फायदा किससे होता है, सरकारी स्कूलों से, सरकारी कॉलेजों से। जवाहरलाल नेहरु जी के जमाने में पंचवर्षीय योजनाएं बनाकर उन्होंने हर जगह स्कूल खोले, प्राईमरी स्कूल, हाई स्कूल, एम्स जैसे इंस्टीट्यूशन, आईआईटी, ये सब बनाकर देश को बनाया। फिर उन पर टीका-टिप्पणी करते हैं, तो मैं वो छोड़ देता हूं, वो टीका टिप्पणी करने की उनकी आदत है और चंद लोग आदत से मजबूर होते हैं और उनमें से एक हमारे प्रधानमंत्री जी हैं, वो हमेशा बोलते रहते हैं, बोलने दो। हमें तो अपना काम करना है, करते रहेंगे। आज लोग यहाँ तंग आ चुके है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,''तीसरी बात, इन्फ्लेशन, क्या गुजरात में, दिल्ली का कंपेयर करें, मुंबई का कंपेयर करें, कानपुर करें, राजस्थान करें या अपना इंदौर करें, बैंगलोर करें, चेन्नई करें या जितने भी स्टेट में शहर हैं या लोग वहाँ कंज्यूमर आईटम हैं, इन्फ्लेशन में क्या उन्होंने यहाँ पर कम कर दिया? अरे अगर कोई सामान किसी और जगह दिल्ली में, इंदौर में, जयपुर में कम में मिलती है किसी को, वहाँ पर 100 रुपए का सामान लेकर खरीदता है, तो यहाँ पर उसको 120 रुपए देने पड़ते हैं। इतना महंगा हो गया है। खुद के स्टेट में वो क्रेडिट तो ले रहे हैं कि मैंने बनाया, वो कर रहे हैं, लेकिन गरीबों को आप तंग और तबाह कर रहे हैं और यहाँ पर इतना ही पूरे देश में जीएसटी लगा दी। किन-किन चीजों पर लगाया आपने दूध पर लगा दिया, पेंशन पर लगा दिया, बच्चों की रबड़ पर लगा दिया, आवश्यक वस्तुओं के दिन-प्रतिदिन दाम बढ़ रहे हैं, उस पर किया। तो जीएसटी भी आपने खूब लगाया और ये लोगों को बता रहे हैं मैंने बहुत कुछ काम किया, मेरी वजह से सब संपन्न हो गए। कौन संपन्न, किसको, अनएम्प्लॉयमेंट बढ़ रहा है, इन्फ्लेशन बढ़ रहा है, जीडीपी गिर रही है, रुपए का मूल्य गिर रहा है डॉलर के मुकाबले । आप इनवेस्टमेंट की खूब बातें करते हैं, मेरे पास आंकड़ा है, मैं वो बोलते गया तो डिबेट हो जाएगी। आपके इनवेस्टमेंट के वायदे आए, लेकिन एक्चुअली आपके हाथ में मिला कितना या इनवेस्ट कितना हुआ इस राज्य में, वो आप देखिए निकाल कर घटते गया।
खड़गे ने कहा,'अगर आप यहाँ अच्छा गवर्नेस करते या छोटे-मोटे व्यापारियों की मदद करते, यहाँ के इंडस्ट्रियलिस्ट की मदद करते, तो नेचुरली आपका इनवेस्टमेंट ज्यादा था और छोटे-मोटे व्यापारी क्या खुश हैं, स्मॉल स्केल इंडस्ट्री वाले खुश हैं? उनको भी आपने खत्म कर दिया। तो यहाँ तो लाखों में हैं स्मॉल स्केल इंडस्ट्री, तो ऐसी चीजें सबको बर्बाद करके किसी को भी नहीं छोड़ा। महिलाओं को नहीं छोड़ा, बच्चों को नहीं छोड़ा, सामान्य जनता को नहीं छोड़ा, स्मॉल स्केल इंडस्ट्री वालों को नहीं छोड़ा। ये काम ये एक तरफ करते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा,''दूसरी तरफ चुनी हुई सरकारों को, इलेक्टेड गवर्मेंट को, जनता के सपोर्ट से आई हुई सरकार को आप गिराते जा रहे हैं। बात तो डेमोक्रेसी की करते हैं, लोकतंत्र में ऐसा होता है। अरे लोकतंत्र में कहीं कहा गया है, संविधान में कहीं लिखा गया है कि कल के दिन अगर मोदी साहब आएंगे, प्रधानमंत्री बनेंगे, उनके पास सरकार बनाने के लिए लोगों की कमी होगी, तो वो खरीद सकते हैं, ऐसा कहीं लिखा है या किसी को गवर्नर बनाएंगे, आपके बेटे को फलाना बनाएंगे? अरे जो लोग कंलकित समझ कर आपने केस डाला, ईडी का केस, इंकम टैक्स का केस, सीवीसी का केस और कौन-कौन से कानून हैं, सब आपने डाल कर उन लोगों को, चंद लोगों को कलंकित किया, चंद एमएलए को चंद एमपी को, चंद राज्य सभा मेंबर को। लेकिन जब आपकी पार्टी में ज्वाइन होते हैं, वो जैसे कि बहुत बड़ी वाशिंग मशीन में वो क्लीन हो गए। ये कलंकित यहाँ थे, वहाँ जाकर पूरे वो स्वच्छ हो गए। इतनी बड़ी वाशिंग मशीन हमारे मोदी साहब ने खरीदी है अपने लिए, अपनी पार्टी के लिए और करप्ट हैं वो लोग, ये करप्ट हैं। अरे यहाँ (बीजेपी) तो करप्शन और भी बड़ा व्यवहार के नाम से करते हैं। 2 सी क्या, तो यहाँ पहले अपना चेहरा आईने में देखो, उसके बाद दूसरों की बात करो। तो इसलिए दोस्तों ये चुनाव महत्वपूर्ण है। लोग जागरुक हो चुके हैं और मन बना चुके हैं सरकार बदलना और एक चांस कांग्रेस को देने के लिए लोग तैयार हो गए हैं।
गुजरात के लिए कांग्रेस का संकल्प
●पुरानी पेंशन लागू
●सरकारी नौकरियों में कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था खत्म
●10 लाख सरकारी नौकरी
●3000 रुपए बेरोजगारी भत्ता
●500 रुपए में गैस सिलेंडर
●300 यूनिट बिजली फ्री
●10 लाख तक मुफ्त इलाज
●किसानों का 3 लाख का कर्ज माफ, बिजली बिल माफ
●कोरोना पीड़ित परिवारों को 4 लाख मुआवजा
●KG से PG तक लड़कियों के लिए मुफ्त शिक्षा
●3000 सरकारी अंग्रेजी स्कूल
●इंदिरा रसोई योजना: 8 रु. में भोजन
●दुग्ध उत्पादकों को प्रति लीटर 5 रु. की सब्सिडी
●किडनी, लिवर और हार्ट ट्रांसप्लांट फ्री