नई दिल्ली: कांग्रेस ने रविवार को रायपुर में 24 फरवरी से शुरू हो रहे अपने 85वें पूर्ण सत्र के लिए एजेंडा जारी किया, जहां पार्टी के करीब 15,000 प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। कांग्रेस का सेशन 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2024 में आम चुनाव के रोडमैप पर चर्चा करेगा। पूर्ण सत्र 24 से 26 फरवरी तक चलेगा। तीन दिनों का ये अधिवेशन 2024 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए ये अधिवेशन काफी अहम माना जा रहा है | 85वें पूर्ण सत्र में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) में चुनाव को लेकर भी चर्चा होगी| कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) में पार्टी अध्यक्ष समेत 25 सदस्य हैं। पार्टी प्रमुख द्वारा 12 सदस्य नामित किए जाते हैं और शेष 12 एआईसीसी सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं।
कांग्रेस ने रविवार को कहा कि 24 फरवरी से शुरू हो रहे तीन दिवसीय पूर्ण अधिवेशन में अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्षी एकजुटता के संदर्भ में चर्चा की जाएगी और आगे का रुख तय किया जाएगा| हालांकि, उसने इस बात पर भी जोर दिया कि पार्टी की मौजूदगी के बिना देश में विपक्षी एकता की कोई भी कवायद सफल नहीं हो सकती|
कांग्रेस नेताओं की एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बयान के संबंध में कहा कि, “कांग्रेस के बिना कोई विपक्षी गठबंधन नहीं हो सकता है और कांग्रेस के बिना कोई भी गठबंधन विफल हो जाएगा, लेकिन पूर्ण सत्र में कांग्रेस चुनाव पूर्व गठबंधन और चुनाव के बाद गठबंधन दोनों पर चर्चा करेगी।"
दरअसल, पटना में आयोजित CPI-ML के राष्ट्रीय कनवेंशन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल यानी शनिवार को कहा था, “हम इंतज़ार कर रहे हैं बस आप लोग (कांग्रेस) जल्दी फैसला लें। अगर मेरा सुझाव मानें और सब साथ मिलकर लड़ें तो ये (भाजपा) 100 से नीचे जाएंगे लेकिन अगर मेरा सुझाव नहीं मानेंगे तो क्या होगा वो आप जानिए।”
संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल कहा कि, “24 फरवरी 2023 से रायपुर में कांग्रेस का पूर्ण सत्र अधिवेशन होगा। इस पूर्ण सत्र में भाग लेने के लिए लगभग 15,000 प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। पवन कुमार बंसल ने कहा कि," 26 फरवरी को हमारा अधिवेशन 2 बजे समाप्त हो जाएगा और फिर शाम 4 बजे एक रैली होगी। इस रैली में छत्तीसगढ़ के साथ ही अधिवेशन में पहुंचे 15 हजार लोग शामिल होंगे।
पार्टी महासचिव तारिक अनवर ने कहा, ''पूर्ण सत्र में चुनाव के रोडमैप पर चर्चा की जाएगी क्योंकि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पार्टी का कायाकल्प हो गया है।'' तारिक अनवर ने कहा कि, “ भारत जोड़ो यात्रा' से हमें जो ऊर्जा मिली है, हम उसे ही आगे बढ़ाने जा रहे हैं। इस अधिवेशन में हम राजनीति, यूथ, SC-ST और सोशल जस्टिस से जुड़े अहम प्रस्ताव लेने जा रहे हैं। इन प्रस्तावों को लेकर पार्टी जो भी आदेश करेगी, वैसा ही हम करेंगे।"
बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि, "इस अधिवेशन की ख़ास बात यही है कि यह "भारत जोड़ो यात्रा' के बारे में हैं। हम मानते हैं कि विपक्ष की एकता जरूरी है, लेकिन विपक्ष की एकता के लिए 'भारत जोड़ो यात्रा' नहीं निकाली गई। हालांकि, विपक्ष की एकता यात्रा का परिणाम जरूर हो सकती है। जयराम रमेश ने कहा कि,, “कांग्रेस के बिना कोई विपक्षी गठबंधन नहीं हो सकता है और कांग्रेस के बिना कोई भी गठबंधन विफल हो जाएगा, लेकिन पूर्ण सत्र में कांग्रेस चुनाव पूर्व गठबंधन और चुनाव के बाद गठबंधन दोनों पर चर्चा करेगी।"
उन्होंने कहा, नीतीश कुमार जी का बयान का हम स्वागत करते हैं क्योंकि उन्होंने माना है कि भारत जोड़ो यात्रा का असर भारतीय राजनीति पर हुआ है| यह भारतीय राजनीति के लिए परिवर्तनकारी क्षण है, यह उन्होंने स्वीकारा है|