नई दिल्ली: पेगासस जासूसी कांड पर संसद से लेकर सड़क तक हंगामा जारी है। इसे लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है। अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर हमला बोला है| समाजवादी पार्टी (सपा) ने इजराइल के स्पाइवेयर पेगासस के जरिए जासूसी करने के मामले में केंद्र की मोदी सरकार को निशाना बनाते हुये मंगलवार को कहा कि फोन टैप कराकर लोगों की व्यक्तिगत बातों को सुनना ‘निजता के अधिकार’ का घोर उल्लंघन है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, 'फ़ोन की जासूसी करवाकर लोगों की व्यक्तिगत बातों को सुनना ‘निजता के अधिकार’ का घोर उल्लंघन है। अगर ये काम भाजपा करवा रही है तो ये दंडनीय है और अगर भाजपा सरकार ये कहती है कि उसे इसकी जानकारी नहीं है तो ये राष्ट्रीय सुरक्षा पर उसकी नाकामी है। फ़ोन-जासूसी एक लोकतांत्रिक अपरा?? है।
गौरतलब है कि मीडिया संस्थानों के एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने खुलासा किया है कि केवल सरकारी एजेंसियों को ही बेचे जाने वाले इजराइल के जासूसी साफ्टवेयर के जरिए भारत के दो केन्द्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक न्यायाधीश सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों और अधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से अधिक मोबाइल नंबर संभवत: हैक किए गए हैं।
बता दें कि नेताओं, पत्रकारों व अन्य लोगों की जासूसी की रिपोर्ट आने के बाद देश में हंगामा मचा हुआ है। मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को संसद में हंगामा होता रहा और कोई कार्यवाही नहीं हो सकी वहीं, दूसरे दिन मंगलवार को कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया|
रिपोर्ट से पता चला कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई सहित कई हाईप्रोफाइल लोगों के फोन टैप किए जा रहे थे।।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ इसका इस्तेमाल 2019 लोकसभा चुनाव से पहले किया गया था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हैंकिग करने की सनक इस स्तर तक थी कि उनके पांच करीबियों को भी बनाया गया निशाना, जबकि इन पांचों में से कोई भी राजनीतिक या सार्वजनिक कामों संबंधी भूमिका में नहीं है|
राहुल गांधी पर निगरानी करने की योजना ऐसे समय पर बनाना, जब वे विपक्षी कांग्रेस के अध्यक्ष थे और नरेंद्र मोदी के खिलाफ साल 2019 के आम चुनाव में अपनी पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे, पूरी चुनावी प्रक्रिया की अखंडता पर गंभीर सवाल खड़े करता है| राहुल गांधी के निजी फोन के अलावा उनके दो करीबी सहयोगियों- अलंकार सवाई और सचिन राव- के नंबर भी लीक हुए डेटाबेस में शामिल हैं|