पानीपत: कांग्रेस की जारी'भारत जोड़ो यात्रा' 112वें दिन आज शुक्रवार दोपहर को हरियाणा के पानीपत तक पहुंच गई है| पानीपत के हुड्डा ग्राउंड में रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने फिर मोदी सरकार पर हमला बोला| जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि,'अब 112 दिन हो गए। ये यात्रा कन्याकुमारी से शुरू हुई और आज यहां पानीपत में ऐतिहासिक हिस्टॉरिकल जगह में आज हम यहां सुबह चले हैं। आपने इतना प्यार दिया, बहुत जबरदस्त स्वागत किया और आप हजारों लोग हमारे साथ चले, इसके लिए मैं आपको दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि,' भाइयों और बहनों शुरू करने से पहले एक सवाल है, मेरा । हिन्दुस्तान की आबादी कितनी है, कितनी आबादी है (जनता ने कहा 140 करोड़),140 करोड़ । स्टेज पर कितने लोग बैठे हैं, तकरीबन 100 लोग है न ? अब मैं आपको थोड़ा सा देश की जो आर्थिक स्थिति है, उसके बारे में बताना चाहता हूं। देश की आबादी 140 करोड़ है। स्टेज पर 100 लोग, देश में 140 करोड़ लोग । आज के हिन्दुस्तान में जितना धन आधे हिन्दुस्तान के हाथ में है, उतना धन हिन्दुस्तान के सबसे अमीर 100 लोगों के हाथ में है। क्या ये आपको सही लगता है? क्या आपको इसमें न्याय दिखाई देता है?
राहुल गांधी ने कहा कि ,''दूसरा आंकड़ा देता हूं। हिन्दुस्तान की अगर आप सारी की सारी कंपनियों का मुनाफा देखें, सारी की सारी कॉर्पोरेट कंपनियों का मुनाफा देखें तो 90 परसेंट मुनाफा सिर्फ 20 कंपनियों के हाथ में है, मतलब 90 प्रतिशत मुनाफा, 20 कंपनियों के हाथ में और इस देश का आधा धन 100 लोगों के हाथ में। ये है नरेन्द्र मोदी जी के हिन्दुस्तान की सच्चाई, दो हिन्दुस्तान बन गए हैं। एक किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार, बेरोजगार युवा इनका, इसमें करोड़ों लोग रहते हैं और दूसरा हिन्दुस्तान, 200-300 लोगों का हिन्दुस्तान, 200-300 लोगों के हिन्दुस्तान के पास पूरा का पूरा धन, आपके पास कुछ नहीं। आपके पास ये पानीपत में जो हवा है, जिसमें आप सांस नहीं ले सकते, वो है आपके पास।
हरियाणा बेरोज़गारी में चैंपियन...
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने BJP सरकार पर निशाना साधा और कहा कि हरियाणा 'बेरोजगारी में चैंपियन बन गया है और युवाओं के लिए कोई नौकरी नहीं है।उन्होंने कहा कि ,'' पहले ये आपका शहर, स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्री का सेंटर था। यहां पर हजारों छोटे बिजनेस चलते थे, लाखों लोगों को रोजगार मिलता था और फिर नरेन्द्र मोदी जी ने नोटबंदी की, गलत जीएसटी लागू की। ये दो पॉलिसियां नहीं थी, नोटबंदी और जीएसटी पॉलिसियां नहीं थी, ये स्मॉल और मीडियम बिजनेस वालों को खत्म करने के हथियार हैं। ये सिर्फ पानीपत में नहीं हुआ, हरियाणा में नहीं हुआ, ये पूरे देश में हुआ। जो देश को रोजगार देते थे, स्मॉल और मीडियम बिजनेस जो चलाते थे, इन दो हथियारों ने उनकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी, उनको खत्म कर दिया और आज 21वीं सदी में हरियाणा बेरोजगारी का चैम्पियन है।
उन्होंने कहा कि, आपने सबको पीछे छोड़ दिया, बेरोजगारी में (जनता ने कहा 38 परसेंट है) कितना भईया - 38 परसेंट । खुशी की बात नहीं है। हरियाणा का जो युवा है, युवा शक्ति है, सारी की सारी ज़ाया हो रही है। (जनता ने कहा साढ़े तीन साल हो गए साहब एक भर्ती नहीं हुई है) ... साढ़े तीन साल हो गई, एक भर्ती नहीं हुई है|
अग्निवीर योजना ने तीन वादे तोड़े
राहुल गांधी ने कहा कि,''अग्निवीर के बारे में बताओ, ये अग्निवीर योजना मुझे पहले समझा दो, ये है क्या? भर्ती की बात करनी है, तो अग्निवीर की बात करो। ये पहले कहते हैं- हम देशभक्त हैं। बीजेपी वाले लोग कहते हैं- हम देशभक्त हैं। मुझे बताओ कैसे देशभक्त हैं? हिन्दुस्तान में लाखों युवा, सुबह उठकर 4 बजे, ये यात्रा 6 बजे शुरू होती है, इसके बारे में कम्प्लेन्ट आ रही है कि भईया इसको 6 बजे नहीं, इसको 7 बजे शुरू करो। मैं कहता हूं नहीं, मैं नहीं करता, मैं 6 बजे करूंगा। (स्टेज पर उपस्थित किसी ने कहा 8 बजे करो) 8 बजे का कह रहे हैं, देखो, ये 6 बजे चालू होती है। किसान कितने बजे उठता है- 4 बजे । जो सेना में भर्ती होने के लिए रनिंग की प्रेक्टिस करता है, वो कितने बजे उठता है? (जनता ने कहा - 4 बजे ) 4 बजे, और ऐसे लाखों युवा सपना देखते हैं।
लाखों युवा सपना देखते हैं, किस चीज का सपना - तिरंगे की रक्षा करने का सपना, और लाखों की संख्या में वे 4 बजे उठकर दौड़ते हैं। हर स्टेट में सुबह-सुबह अगर आप जागो, आप इनको देख सकते हो। कभी उनको रोको, उनसे पूछो- भाई, क्या कर रहे हो? वो ये नहीं कहेंगे कि हम सेना में जाने की तैयारी कर रहे हैं। वो कहते हैं- हम तिरंगे की रक्षा करना चाहते हैं। अब लाखों युवा दौड़ते हैं, हर स्टेट में 4 बजे सुबह, उनमें से पहले, तकरीबन हर साल 80,000 चुने जाते थे। कोई अरुणाचल प्रदेश जाता था, कोई जम्मू-कश्मीर, कोई राजस्थान, कोई लद्दाख, कोई ठण्ड में, रेगिस्तान में, बारिश में, अपनी पूरी की पूरी जिंदगी, बच्चे, परिवार, माता-पिता, सब कुछ पीछे छोड़कर, बॉर्डर पर जाकर खड़ा हो जाता था। ( जनता ने कहा- फौज बेच दी मोदी ने ) नहीं- नहीं, सुनो सुनो, बात सुनो। वो बॉर्डर पर खड़े होते थे, वहां पर तूफान आ जाए, बर्फ गिर जाए, गोली लग जाए, बम फट जाए, कुछ नहीं ।
देश के लिए अपना खून देने के लिए 80,000 युवा हर साल सेना में भर्ती होते थे। उनको पहले सेना क्या देती थी? सबसे पहले सेना उनसे कहती थी- देखो, एक दिन ऐसा आ सकता है, जब आपको हिन्दुस्तान के लिए लड़ना पड़ेगा। शायद आपको शहीद होना पड़ेगा, मगर हम आपको एक बात की गारण्टी देंगे कि दुनिया में सबसे बेहतर ट्रेनिंग हिन्दुस्तान की सेना को, वायुसेना को नेवी को हम देंगे। ये पहला वादा हुआ करता था, उन युवाओं से।
आर्मी कहती थी, हिन्दुस्तान की सरकार कहती थी- तुम्हें हम बिना ट्रेनिंग दुश्मन के सामने कभी नहीं खड़ा होने देंगे, क्योंकि हम तुमसे प्यार करते हैं, हम तुम्हारा आदर करते हैं, हम तुम्हारे खून की रक्षा करना चाहते हैं, बिना ट्रेनिंग हम आपको कभी नहीं भेजेंगे। मर जाएंगे, मगर नहीं भेजेंगे। पहला वादा।
दूसरा वादा - 15 साल आपको सर्विस मिलेगी, अगर आपको इतनी सी भी चोट लगी, इतनी सी चोट लगी उंगली पर, हम आपकी रक्षा करेंगे, जो भी आपको चाहिए, हम आपको दे देंगे, ये था दूसरा वादा।
तीसरा वादा - आपने इस देश के लिए अपनी पूरी जिंदगी दे दी, पूरी की पूरी आपने जिंदगी दी, आपने अपने बच्चे दे दिए, माता-पिता दे दिए, परिवार दे दिया, अपने सारे के सारे सपने दे दिए, इस तिरंगे की रक्षा करने के लिए, हम आपको पेंशन देंगे और जब आप गांव में वापस जाओगे, तो हम आपको एक्स- सर्विसमैन कहकर आपके गांव भेजेंगे कि आपको वहां पर, चाहे आप शहर में रहो, चाहे आप गांव में रहो जब हिन्दुस्तान की बाकी जनता आपकी ओर देखे, वो कहे कि इस व्यक्ति ने वो किया जो मैंने नहीं किया। इस व्यक्ति ने अपनी जिंदगी इस देश को दी। अपना खून इस देश को दिया। अपने सपने इस देश को दिए और इसीलिए मैं इस व्यक्ति का आदर करूंगा, इसकी रेस्पेक्ट करूंगा। ये तीन वायदे हिन्दुस्तान की सरकार, हिन्दुस्तान की जनता अपनी सेना, अपनी वायुसेना और अपनी नेवी के हर व्यक्ति को देती थे।
अब अग्निवीर योजना ने ये तीनों के तीनों वायदे तोड़ दिए हैं। अग्निवीर योजना क्या कहती है उन्हीं लाखों युवाओं से? कहती है- भईया, 80,000 तो नहीं लेंगे, 40,000 लेंगे और वो जो 15 साल की बात थी, वो जो सर्विस की बात थी, उसे भूल जाओ। पहले 80,000 लिए जाते थे, 4 साल बाद हम 75 परसेंट को वापस भेज देंगे, निकाल देंगे, बस 25 परसेंट हम रखेंगे। 25 परसेंट को हम रखेंगे, बाकि को हम छोड़ देंगे, आप लोग जाईए, बेरोजगार हो जाईये। अच्छा जो पहले हम ट्रेनिंग देते थे, जो सैनिक को तैयार करने में 5-10-15 साल लगते हैं, मिसाईल चलाने में, रॉकेट चलाने में, हथियार को ठीक से चलाने में जो टाईम लगता है, उसको भूल जाईए, सिर्फ 6 महीने की ट्रेनिंग की जरूरत है (जनता ने कहा 4 साल बाद घर वापसी) 4 साल बाद घर वापसी। तो ये वादे नरेन्द्र मोदी जी ने और बीजेपी ने तोड़े हैं। जब मैं ये बात उठाता हूं तो कहते हैं, मैं सेना के विरोध की बात कर रहा हूँ।
राहुल गांधी ने कहा कि,''मैं सेना की बात उठा रहा हूँ। मैं कह रहा हूँ कि 15 साल आप सर्विस देते थे, 80 हजार युवाओं को देते थे, पेंशन देते थे, अब नहीं दोगे। पहले ट्रेनिंग देते थे, सालों के लिए ट्रेनिंग देते थे, अब 6 महीने के लिए ट्रेनिंग दोगे। अग्निवीर योजना वो लाए और मैं सेना के खिलाफ बात कर रहा हूँ! मैं सेना की रक्षा कर रहा हूँ। मैं सेना का आदर कर रहा हूँ।
...अग्निवीर के बारे में सच्चाई मत बोलो, नहीं तो तुम्हें सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी
उन्होंने कहा कि ,'' भाईयों और बहनों, एक और बात, जब युवा सड़क पर दौड़ते हैं, लाखों-लाखों युवा दौड़े, जब उन्होंने सरकार से कहा कि भईया, ये अग्निवीर योजना हमें अच्छी नहीं लगी, हम आर्मी में देश की रक्षा करना चाहते हैं, तो फिर सरकार ने क्या किया, आप जानते हो? सरकार ने कहा कि इनके अगर चेहरे कैमरे पर आ गए, ,जो धरना दे रहे थे, अगर इनके चेहरे कैमरे पर आ गए, तो इनको कोई सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी और धमकाया उनको कि बाहर मत आओ, अग्निवीर के बारे में सच्चाई मत बोलो, नहीं तो तुम्हें सरकारी रोजगार नहीं मिलेगा।
अग्निवीर का मतलब हरियाणा का हर युवा जानता है, हर सैनिक जानता
राहुल गांधी ने कहा कि,''मैं 3,000 किलोमीटर चला हूँ, तो सारे के सारे युवा मुझसे मिल रहे हैं। सारे के सारे कह रहे हैं कि हमारा सपना तोड़ दिया, हमारा भविष्य बर्बाद कर दिया, छुपाई नहीं जा सकती बात। सेना को 10 प्रतिशत हरियाणा के लोग देते हैं, आप देते हो । अग्निवीर का मतलब हरियाणा का हर युवा जानता है, हर सैनिक जानता है। ये सच्चाई है।
...700 किसान शहीद हो गए
उन्होंने कहा कि ,''अग्निवीर को छोड़िए, रोजगार के 2-3 और रास्ते हैं। जो सेना के लिए अग्निवीर है, वो किसानों के लिए तीन काले कानून थे। काले कानूनों के खिलाफ़ सारे के सारे किसान खड़े हो गए। आप सब खड़े हुए, हम खड़े हुए, याद है आपको? जब किसान खड़े हुए, नरेन्द्र मोदी जी ने क्या कहा- गलती हो गई, मुझसे गलती हो गई। नरेन्द्र मोदी जी कहते हैं- गलती हो गई। किसान सर्दी में, ठंड में बाहर बैठा था, बारिश में किसान बाहर बैठा था, तब आपको गलती नहीं दिखी? एक साल लग गया आपको अपनी गलती पहचानने में? 700 किसान शहीद हो गए। (जनता में से किसी ने कहा कि किसानों को उग्रवादी बताया था) किसानों को उग्रवादी बताया था, ये सच्चाई है।
नफ़रत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूँ
राहुल गांधी ने कहा कि,'बीजेपी वाले लोग कहते हैं कि देखिए, ये जो यात्रा है, इसका क्या फायदा है? ये यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर क्यों चल रही है? भारत जोड़ो यात्रा क्यों की जा रही है, मैं आपको बताता हूँ। क्योंकि इन्होंने पूरे देश में डर और नफ़रत फैलाने का काम किया है। जहाँ भी ये जाते हैं, चाहे वो नोटबंदी हो, गलत जीएसटी हो, इनकी सब योजनाएं डर फैलाती हैं। डर फैलाते हैं और फिर उस डर को नफ़रत में बदल देते हैं।
तो सबसे पहले भारत जोड़ो यात्रा ने इस नफ़रत के खिलाफ़, डर के खिलाफ़ एक दूसरा रास्ता दिखाया है। इस यात्रा में कोई नफ़रत नहीं है, आपको नहीं दिखेगी, ढूंढ लो। यहाँ पर सब हिंदुस्तानी चल रहे हैं। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, सब, हर जाति के लोग, हर धर्म के लोग, हर भाषा बोलने वाले लोग एक साथ चल रहे हैं, प्यार से चल रहे हैं, मोहब्बत से चल रहे हैं। कोई गलत बात नहीं बोल रहा है। कोई गिरता है, तो कोई सवाल नहीं पूछता, भईया, तुम्हारा धर्म क्या है, तुम्हारी जाति क्या है- न! एकदम उठा देते हैं, मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि ,''सारे रास्ते में, हर स्टेट में जब हमारे लोगों को चोट लगती है, कोई न कोई उनकी मदद करता है। आम जनता खाना देती है, पानी देती है, मदद करती है, ऐसा हिंदुस्तान हमें चाहिए, ।
राहुल गांधी ने कहा कि,'उन्होंने पूछा- क्या कर रहे हो- नफ़रत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूँ। नफ़रत के बाजार में मोहब्बत की दुकान सिर्फ मैं नहीं खोल रहा हूँ, करोड़ों हिंदुस्तानी खोल रहे हैं। आप लोग खोल रहे हो।उन्होंने कहा कि ,'ये देखो, मैं टीशर्ट पहना हूँ, ये तो शर्ट भी नहीं पहने ( जनता में से किसी एक व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए कहा)। तो इस यात्रा ने नफ़रत को मिटाने का काम किया है।
एक व्यक्ति ने मुझसे कहा- सालों से मैंने अपने भाई से बात नहीं की, आपकी यात्रा आई तो....
राहुल गांधी ने कहा कि,'मेरे पास कुछ दिन पहले एक आदमी आए, मेरे साथ चले। कहते हैं, राहुल जी, मैं आपको कुछ कहना चाहता हूँ। मैंने कहा- क्या ? कहा- मेरे भाई के साथ मेरी लड़ाई थी। सालों से मैंने उससे बात नहीं की। आपकी यात्रा आई, मैंने कहा- क्यों न मैं अपने भाई से बात करूँ और मैंने अपने भाई को फोन लगाया, और मैंने कहा- भाई, अब मैं तुमसे लड़ना नहीं चाहता हूँ। चाहे कुछ भी हो जाए, मैं तुमसे लड़ना नहीं चाहता हूँ और उसके भाई ने उससे कहा कि मैं भी तुमसे नहीं लड़ना चाहता हूँ, जाकर वो गले मिल गए और ये पूरी यात्रा में हो रहा है। बहुत सारे लोग मेरे पास आए उन्होंने बताया कि मेरा पुराना मित्र था, उससे मैं लड़ गया, मैंने उससे दोस्ती कर ली। मेरा भाई था, मैंने उससे दोस्ती कर ली। तो सचमुच में ये यात्रा भारत को जोड़ने का काम कर रही है। वो मीडिया नहीं दिखाती,
यात्रा का लक्ष्य- नफ़रत के खिलाफ खड़ा होना,एक -दूसरे से जोड़ने का...
एक बात बताओ-आप कभी घोड़े पर बैठे हो ? बैठे हो न घोड़े पर लगाम होती है न? अगर आप लगाम को इधर करोगे, इधर जाएगा न वो? अगर उधर करोगे, तो उधर जाएगा न वो? लगाम लगी हुई है, भाई। वो कभी इधर खींचते हैं, वो इधर भाग जाते हैं। कभी उधर खींचें, उधर भाग जाते हैं, मगर एक बात है- घोड़े के ऊपर मोदी जी की फोटो जरूर दिखेगी। फोटो दिखेगी ही दिखेगी। तो भईया, अब बेचारों पर लगाम लगी हुई है, वो क्या करें, उनकी गलती नहीं है। उनको भी जीना है, खाना खाना है, बच्चों की देखभाल करनी है। करनी तो है न। तो ये देखो, ये मुस्कुरा रहे हैं, देखो ये ( मीडिया पर्सन्स को मुस्कुराते हुए देखकर कहा)। ये मुस्कुरा रहे हैं, कह रहे हैं, हाँ, भईया, बात सही है, ये देखो। कह रहे हैं, देखो। बोल रहे हैं, हाँ, बात तो सही की। तो हम समझते हैं कि आप पर लगाम लगा रखी है और हम जानते हैं कि आप सच्चाई को पहचानते हो, सच्चाई बोलना चाहते हो, मगर मुश्किल है। चलता है, हो जाएगा काम।
तो दूसरी बात, भारत जोड़ो यात्रा के दो और लक्ष्य हैं। एक- नफ़रत के खिलाफ खड़ा होना। एक हिंदुस्तानी को दूसरे हिंदुस्तानी से जोड़ने का काम, मोहब्बत फैलाने का काम, ये यात्रा का लक्ष्य है।
दूसरा लक्ष्य, जो देश में बेरोजगारी फैल रही है, उसके खिलाफ खड़ा होने का है और आखिरी बात, जो महंगाई है, जो आप सबको लगती है, चुभती है, पहले 400 रुपए का सिलेंडर होता था, आज 1, 100 रुपए का। पहले 60 रुपए प्रति लीटर का पेट्रोल, आज 100 रुपए प्रति लीटर का पेट्रोल। तो उसके खिलाफ़ खड़े होने की यात्रा है।
अंत में जो हिंदुस्तान की आर्थिक स्थिति है, जो मैंने पहले बात बोली, सौ-दो सौ लोगों के पास हिंदुस्तान का 50-60 प्रतिशत धन और किसान, मजदूर, छोटे व्यापारियों के पास कुछ नहीं। ऐसा हिंदुस्तान हम नहीं चाहते हैं। इसमें सबकी इज्ज़त होनी चाहिए, भाईचारा होना चाहिए, मोहब्बत होनी चाहिए, मिलकर ये देश आगे जा सकता है। किसी का भी मुकाबला कर सकता है, किसी भी देश का मुकाबला कर सकता है। तो ये हमारा लक्ष्य था और आपने इतना समर्थन दिया, इतना प्यार दिया, इसके लिए मैं आप सबको धन्यवाद कहना चाहता हूँ।
गरीब मजदूर आदमी के बारे में, उसके बारे में बोलूँ (जनता ने कहा- हाँ)। न्याय योजना का नाम सुना आपने, 2019 में हम एक योजना लाना चाहते थे, न्याय योजना। हर गरीब व्यक्ति के बैंक अकाउंट में 72,000 रुपए साल के, सीधा बैंक अकाउंट में। गरीब मजदूरों के बैंक अकाउंट में, गरीब किसानों के बैंक अकाउंट में, सबके बैंक अकाउंट में, अगर हमारी सरकार आएगी, तो हम ये योजना लाएंगे।
आखिरी बात, आप सबके पास भाई-बहन, रिश्तेदार हैं, हैं न? देखिए, जैसे वो व्यक्ति मेरे पास आए थे, उन्होंने कहा था, मुझे कि मैंने अपने भाई से फिर से रिश्ता बना दिया, आपके भाई हैं, कभी-कभी लड़ाई हो जाती है, रिश्तेदारों से लड़ाई हो जाती है, दोस्तों से लड़ाई हो जाती है, आप जाकर उनको फोन कीजिए। उनसे कहिए कि आप भी हिंदुस्तानी हो, मैं भी हिंदुस्तानी हूँ। आप मेरे भाई हो, मैं आपसे लड़ना नहीं चाहता हूँ। लड़ाई बंद कीजिए।