नई दिल्ली: 2002 बिलकिस बानो सामूहिक बलात्कार कांड: बिल्किस बानो ने 2002 के गुजरात दंगों में सामूहिक बलात्कार और उसके परिवार की हत्या के दोषी 11 लोगों की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बिल्किस बानो ने 11 दोषियों की रिहाई को चुनोती दी गई है और सभी को तुरंत जेल भेजने की मांग की गई है|
बता दें, 2002 के दंगों के दौरान आरोपियों ने गर्भवती बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया था| बिलकिस बानो की तीन साल की बेटी समेत परिवार के नौ सदस्यों की हत्या भी कर दी थी|
15 अगस्त, 2022 को 2002 बिलकिस बानो गैंगरेप मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे सभी 11 दोषियों को आज गोधरा उप जेल से रिहा कर दिया गया था| गुजरात सरकार की सजा माफी नीति के तहत उन्हें रिहा किया गया था।
गौरतलब है कि, तीन मार्च 2002 गुजरात दंगों में बिलकिस बानो पर हमला किया गया था। हमले के दौरान अहमदाबाद के लिमखेड़ा तालुका के रंधिकपुर में रहने वाली बिलकिस बानो के परिवार के 9 लोगों की हत्या कर दी गई थी। बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप किया गया था। इस मामले के आरोपियों को 2004 में गिरफ्तार किया गया था|
इसी मामले में, 21 जनवरी 2008 को मुंबई की एक विशेष सीबीआई कोर्ट ने बिलकिस बानो के परिवार के सात सदस्यों के सामूहिक बलात्कार और हत्या के आरोप में 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखा था।