नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार आज शाम 6 बजे होगा। कैबिनेट में फेरबदल से पहले स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, श्रम मंत्री संतोष गंगवार और शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल समेत 12 मंत्रियों ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया| मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल से पहले कांग्रेस ने PM मोदी पर तीखा तंज कसा है| कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,''खराबी इंजन में है और बदले डिब्बे जा रहे है ! यही तो है “दुर्दशाजीवी मोदी मंत्रिमंडल” के विस्तार की सच्चाई|
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि, मंत्रिमंडल का नहीं, सत्ता की भूख का विस्तार हो रहा है। अगर मंत्रिमंडल का विस्तार परफॉर्मेंस और गवर्नेंस के आधार पर हो तो- 1. सबसे पहले देश के स्वास्थ्य मंत्री को हटाया जाए जिनकी नाकामी की वजह से लोग वैक्सीन, दवाइयों, ऑक्सीजन की कमी से तिल तिल कर मरने को मजबूर हुए।
2. कृषि मंत्री को हटाया जाए जिनके द्वारा पेश किए 3 काले क़ानूनों की वजह से लाखों किसान 6 महीने से सड़कों पर हैं और 500+ किसान क़ुर्बानी दे चुके। कृषि मंत्री को हटाया जाए जिनके द्वारा पेश किए 3 काले क़ानूनों की वजह से लाखों किसान 6 महीने से सड़कों पर हैं और 500+ किसान क़ुर्बानी दे चुके।
3. रक्षा मंत्री को हटाया जाए जिनकी नाक के नीचे चीन ने भारत की सरज़मीं पर क़ब्ज़ा करने का दुस्साहस किया और आज भी क़ब्ज़ा करे बैठा है। 4. गृह मंत्री को हटाया जाए जिनकी विफलता के चलते उग्रवाद और नक्सलवाद फैल रहा और सामाजिक सौहार्द टूट रहा।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,अगर मंत्रिमंडल का विस्तार परफॉर्मेंस और गवर्नेंस के आधार पर हो तो-वित्त मंत्री को हटाया जाता जिनकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई और भीषणतम बेरोजगारी ने पैर पसार लिए । 6. पेट्रोलियम मंत्री को हटाया जाए जिन्होंने पेट्रोल को ₹100 पार, डीज़ल को ₹90 पार और रसोई गैस को ₹850 पार कर चौतरफ़ा महँगाई की आग लगाई है ।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,''मंत्रिमंडल विस्तार के नाम पर पश्चिम बंगाल में हार की हताशा को दूर करने के लिए कुछ पद दिए जाएंगे। मध्यप्रदेश में जो सत्ता का सौदा हुआ है उसका प्रतिफल दिया जाएगा। यू.पी के चुनावों के दृष्टिगत कुछ क्षेत्रीय दलों की दाल गलाई जाएगी। मोदी-आदित्यनाथ जी की अनबन पर पर्दा डाला जाएगा।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,'''कुल मिलाकर ये मंत्रिमंडल विस्तार परफॉर्मेंस अप्रेज़ल नहीं है। ये देश के लिए नहीं अपने अपने दलों के हित साधने का साधन मात्र है। पर देश को बेहाली-बदहाली की कगार पर ला खड़े करने और कोरोना महामारी में जुम्मेवारी से मुँह मोड़ने पर मोदी जी की परफॉर्मेंस का अप्रेज़ल कब होगा?
सुरजेवाला ने कहा,''जिस महामारी का प्रबंधन “नेशनल डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी” के माध्यम से किया जा रहा है, उसके चेयरमैन प्रधानमंत्री स्वयं हैं। क्या वे भी अपने गैर ज़िम्मेदाराना व्यवहार की ज़िम्मेदारी लेंगे? इस्तीफ़ा देंगे? या अकेले स्वास्थ्य मंत्री को बलि का बकरा बना अपना पल्ला झाड़ लेंगे ?