नई दिल्ली: सोमवार को हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने पिछले दिनों पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखने वालों को भाजपा का एजेंट नही कहा। पार्टी की ओर से जारी बयान में ये कहा गया है।पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी ने असंतुष्टों के लिए भाजपा से सांठगांठ होने की कोई बात नहीं की। दरअसल, सोनिया गांधी को लिखे इस पत्र में नेतृत्व परिवर्तन और सुधार की मांग की गई थी।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया ,''श्री राहुल गांधी ने इससे मिलता-जुलता के एक भी शब्द नहीं कहा है|राहुल गांधी की बात का वो मतलब नहीं था और न ही उन्होंने ऐसा कहा।कृपया झूठी मीडिया बातचीत या गलत सूचना के प्रसार से भ्रमित न हों। लेकिन हां, हम सभी को एक साथ मिलकर मोदी सरकार के खिलाफ लड़ना है न कि एक-दूसरे को चोट पहुंचाने या कांग्रेस के खिलाफ।'
राहुल गांधी से बातचीत के बाद कपिल सिब्बल ने कहा, 'राहुल गांधी ने मुझे व्यक्तिगत रूप से सूचित किया कि उन्होंने कभी ऐसा नहीं कहा है इसलिए मैं अपना ट्वीट वापस लेता हूं।'''कपिल सिब्बल ने अपना ट्वीट हटाया, बोले- राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से कहा कि उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं की थी|कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने "भाजपा के साथ मिलीभगत" पर किए गए अपने ट्वीट को वापिस लिया।
कांग्रेस कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक के बीच खबर आई थी कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद की ओर से इस्तीफे की पेशकश की खबर आई थी, जिसपर अब उनकी ओर से सफाई आई है| उन्होंने कहा कि उन्हें राहुल गांधी और सोनिया गांधी से कोई दिक्कत नहीं है और उन्होंने उनकी वजह से इस्तीफे की पेशकश नहीं की थी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि राहुल गांधी ने यह कभी नहीं कहा, न ही CWC में या बाहर कि यह पत्र (पार्टी नेतृत्व पर सोनिया गांधी को) भाजपा के साथ मिलकर लिखा गया था|
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोनिया गांधी से पार्टी अध्यक्ष पद पर बने रहने की अपील की है। कमलनाथ से पत्रकारों ने जब कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, "सोनिया गांधी को जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। वैसे, मैं ट्वीट में अपनी बात कह चुका हूं।"
कमलनाथ ट्वीट था,''मुझे इंदिरा गांधी जी , संजय गांधी , राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ काम करने का सौभाग्य मिला है। मुझे लगभग 40 वर्षों तक , लंबे समय के रूप में संसद सदस्य के रूप में कांग्रेस पार्टी की सेवा करने का सौभाग्य मिला है।मैं कई वर्षों तक कांग्रेस पार्टी(AICC) का महासचिव भी रहा। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि श्रीमती सोनिया गांधी के खिलाफ तमाम झूठी अफवाहों के बावजूद उन्होंने 2004 में कांग्रेस पार्टी की जीत का नेतृत्व किया और अटल बिहारी वाजपेयी को घर पर बैठाया।श्रीमती सोनिया गांधी के नेतृत्व पर कोई भी सुझाव या आक्षेप बेतुका है। मैं श्रीमती सोनिया गांधी से अपील करता हूं कि वे अध्यक्ष के रूप में कांग्रेस पार्टी को मजबूती प्रदान करें और कांग्रेस का नेतृत्व करती रहें।