नई दिल्ली: कांग्रेस ने शुक्रवार को नई दिल्ली में AICC मुख्यालय में 2024 लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र ( 'न्याय पत्र' ) जारी किया। इस घोषणा पत्र को 'न्याय पत्र' नाम दिया गया है। इसमें तमाम वर्गों के लिए न्याय पर जोर दिया गया है| 48 पन्ने के 'न्याय पत्र' में महिला, युवा, किसान, गरीब आदि शामिल हैं। पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी, घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष पी. चिदंबरम सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने आम चुनाव से कुछ दिन पहले चुनाव घोषणापत्र जारी किया।
स्वास्थ्य
घोषणापत्र में कांग्रेस ने कहा, “कांग्रेस पहली राजनीतिक पार्टी थी जिसने यह स्वीकारा था कि लोगों का स्वास्थ्य और स्वास्थ्य देखभाल सरकार की पूर्ण जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने भारत में पहली स्वास्थ्य योजना शुरू की थी। हमारा दृढ़ विश्वास है कि सभी नागरिकों को स्वास्थ्य का मौलिक अधिकार है।
1. कांग्रेस वादा करती है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं, जैसे अस्पताल, क्लिनिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मोबाइल स्वास्थ्य इकाई, औषधालय और स्वास्थ्य शिविर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल हर नागरिक के लिए निःशुल्क उपलब्ध होगी । निःशुल्क स्वास्थ्य देखभाल में परामर्श, जांच, उपचार, सर्जरी, दवाएं और पुनर्सुधार शामिल होंगे।
2. राजस्थान में कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई चिरंजीवी योजना के तर्ज पर देशभर में 25 लाख रुपए तक निःशुल्क इलाज के लिए कैशलेस बीमा योजना लागू की जाएगी।
3. कांग्रेस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक मानदंडों (IPHS) के अनुसार विकसित करेगी, और प्रत्येक पीएचसी में डायग्नोस्टिक्स (आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
4. कांग्रेस निजी और सरकारी क्षेत्र में स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की शुरूआत को बढ़ावा देगी। मौजूदा यूनिवर्सल स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रमको विभिन्न वर्गों की जरुरतों के अनुरूप नया स्वरूप दिया जाएगा और निजी अस्पतालों, गैर-लाभकारी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाली संस्थाओं और स्वास्थ्य केंदों को इसके तहत सूचीबद्ध करने की अनुमति दी जाएगी।
5. कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि मातृत्व लाभ सभी महिलाओं को मिले। सभी नियोक्ता अनिवार्य रूप से अपने कर्मचारियों के लिए सवैतनिक (वेतन के साथ) मातृत्व अवकाश देंगे।
6. कांग्रेस स्वास्थ्य के लिए बजट आवंटन को हर साल चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर वर्ष 2028-29 तक बजट का न्यूनतम 4 प्रतिशत करेगी।
7. कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों के लिए कठिनाई भत्ता दोगुना करेगी और उनके रहने के लिए उपयुक्त सुविधाएं प्रदान करेगी।
8. कांग्रेस फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (जैसे आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मध्याह्न भोजन रसोइया, आदि) के मानदेय में केंद्र सरकार का योगदान दोगुना करेगी।
9. कांग्रेस प्रत्येक जिले में एक सरकारी मेडिकल कॉलेज - सह - अस्पताल स्थापित करेगी।
10. कांग्रेस सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं और मेडिकल कॉलेजों में रिक्त सभी पदों (मेडिकल और पैरामेडिकल) को तीन साल के भीतर भरेगी।
11. मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 75% पदों को भरने की न्यूनतम कानूनी अनिवार्यता होगी।
12. कांग्रेस राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम की समीक्षा करेगी और कमियों को दूर करेगी। आयोग (NMC) को अपने दायित्वों का 'दूर' निर्वहन करने की पूरी स्वतंत्रता दी जाएगी।
13. कांग्रेस 2,500 से अधिक आबादी वाली बसाहट में एक अतिरिक्त आशा कार्यकर्ता की नियुक्ति करेगी।
14. कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि चिकित्सा की सभी प्रणालियों को सरकार द्वारा बढ़ावा दिया जाए।
15. कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि दवाओं के सभी निर्माताओं पर कड़ाई से निगरानी रखी जाए ताकि वे अच्छी गुणवत्ता बनाए रखे और अच्छी उत्पादन प्रक्रिया का पालन करे।
16. कांग्रेस केंद्र सरकार के औषधालयों की संख्या में तेजी से विस्तार करेगी। सभी केंद्रीय सरकारी औषधालय उचित मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता की ब्रांडेड और जेनेरिक दवाएं वितरित करेंगे।
17. कांग्रेस टीकाकरण के लिए एक राष्ट्रीय मिशन शुरू करेगी। अभी देश के केवल 76 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण हो पाता है। कांग्रेस 5 वर्षों के भीतर 100 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करेगी।
18. कांग्रेस मध्याह्न भोजन योजना का विस्तार बारहवीं कक्षा तक करेगी ताकि बच्चों में पोषण की कमी दूर की जा सके और बौनापन दूर(स्टंटिंग) (उम्र के हिसाब से कम लंबाई और कुपोषण (वेस्टिंग) (लंबाई के हिसाब से कम वजन) की घटनाओं को तेजी से कम किया जा सके।
19. कांग्रेस एक सुरक्षा कानून पारित करेगी जिसके अंतर्गत अपने कर्तव्यों का पालन करते समय डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को अपराध का दर्जा दिया जाएगा।
युवा न्याय (युवाओं के लिए न्याय)
"भविष्य आज के युवाओं में निहित है" यह बात विशेष रूप से भारत जैसे युवा राष्ट्र के लिए प्रासंगिक है, जिसकी औसत आयु केवल 28 वर्ष है । आज भारत के युवाओं को बेरोजगारी के साथ-साथ निराशा का भी सामना करना पड़ रहा है। इसका मूल कारण बड़े पैमाने पर बेरोजगारी है जो भाजपा / एनडीए सरकार के तहत हर साल बढ़ती जा रही है। कांग्रेस एक सशक्त युवा न्याय कार्यक्रम के माध्यम से भारत के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगी।
1. पहली नौकरी पक्की गारंटी: कांग्रेस शिक्षु (अप्रेंटिस ) एक्ट, 1961 को हटाकर प्रशिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) अधिकार अधिनियम लाएगी। यह कानून 25 वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक डिप्लोमा धारक या कॉलेज स्नातक के लिए, निजी एवं सरकारी क्षेत्र की कंपनी में एक साल का प्रशिक्षुता कार्यक्रम प्रदान करेगा। इस कानून के तहत हर प्रशिक्षु को एक लाख रुपए प्रति वर्ष का मानदेय दिया जायेगा, जो नियोक्ता कंपनी और सरकार द्वारा समान रूप से वहन किया जाएगा। ये कानून युवाओं को कौशल प्रदान करेगा, रोजगार क्षमता बढ़ाएगा और करोड़ों युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करेगा।
2. कांग्रेस नौकरी परीक्षाओं के लिए पेपर लीक (प्रश्न पत्र लीक) होने के मामलों का निपटारा करने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन करेगी और पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा प्रदान करेगी।
3. कांग्रेस केंद्र सरकार में विभिन्न स्तरों पर स्वीकृत लगभग 30 लाख रिक्त पदों को भरेगी। कांग्रेस यह निर्धारित करेगी कि पंचायत और नगरीय निकायों में रिक्तियां राज्य सरकारों की सहमति से निश्चित समय सारिणी के अनुसार भरी जाएंगी।
4. कांग्रेस स्टार्ट-अप के लिए फंड ऑफ फंड्स योजना का पुनर्गठन करेगी और उपलब्ध फंड का 50 प्रतिशत, 5,000 करोड़ रुपए, जहां तक संभव हो, देश के सभी जिलों में समान रूप से आवंटित करेगी, ताकि देशभर में 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए धन उपलब्ध कराया जा सके जिससे वो अपने व्यवसाय को बढ़ा सके और रोजगार के अवसर पैदा करें।
5. कांग्रेस उन आवेदकों (आकांक्षियों) को एक बार कि राहत देगी, जो महामारी के समय 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2021 के दौरान सरकारी परीक्षा देने में असमर्थ रहे।
6. कांग्रेस सरकारी परीक्षाओं और सरकारी पदों के लिए आवेदन शुल्क समाप्त करेगी।
7. व्यापक बेरोजगारी के कारण, कांग्रेस सभी छात्र शैक्षिक ऋणों के संबंध में 15 मार्च 2024 तक ब्याज सहित ऋण की देय राशि को माफ करेगी और बैंकों को सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति की जाएगी।
8. कांग्रेस 21 वर्ष से कम आयु के प्रतिभाशाली और उभरते खिलाड़ियों प्रतिमाह 10,000 रुपये की खेल छात्रवृत्ति प्रदान करेगी।