नई दिल्ली: कांग्रेस ने शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में 'भारत जोड़ो यात्रा' के समापन के अवसर पर एक मेगा रैली का आयोजन किया हैं| भारत जोड़ो यात्रा के समापन 'मेगा रैली' कार्यक्रम में विपक्षी दलों के कई नेता इसमें शामिल हुए हैं| इस दौरान श्रीनगर में भारी बर्फबारी भी हो रही है|
श्रीनगर में भारी बर्फबारी के बीच 'भारत जोड़ो यात्रा' के समापन कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि, “ आज जो राजनीति देश में चल रही है उससे देश का भला नहीं होगा, ये तोड़ने-बांटने, नफरत की राजनीति है। मेरी उम्मीद है ये नफरत खत्म होगी और प्रेम ही सबको जोड़ेगा|
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि, “कन्याकुमारी से लेकर श्रीनगर तक यात्रा जहां-जहां गई, इस यात्रा को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला। क्योंकि इस देश में अभी एक जज्बा है- देश के संविधान के लिए, देश की धरती के लिए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि, “जब मेरे भाई कश्मीर की तरफ आ रहे थे, उन्होंने मुझे और मेरी मां को संदेश भेजा था। उन्होंने कहा- "मुझे लग रहा है, मैं अपने घर जा रहा हूं। जब यहां के लोग मुझसे गले मिलते हैं तो उनकी आंखों में आंसू होते हैं...तब लगता है जैसे उनका दर्द मेरे सीने में समा रहा है।"
भारत जोड़ो यात्रा के समापन कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, “ये यात्रा चुनाव जीतने या कांग्रेस पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि नफ़रत के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए निकाली गई| खड़गे ने कहा कि, “जब राहुल गांधी जी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक पदयात्रा का निर्णय लिया था, हम घबरा गए थे कि इतना लंबा फासला कैसे तय होगा। लेकिन भारत जोड़ो यात्रा के श्रीनगर पहुंचने पर मैं राहुल गांधी जी और भारत यात्रियों को बधाई देता हूं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि, “जब मैं कन्याकुमारी से आगे बढ़ रहा था तब मुझे ठंड लग रही थी। मैंने कुछ बच्चे देखे। वे गरीब थे, उन्हें ठंड लग रही थी, वे मजदूरी कर रहे थे और कांप रहे थे। मैंने सोचा ठंड में ये बच्चे स्वेटर-जैकेट नहीं पहन पा रहे हैं तो मुझे भी नहीं पहनना चाहिए|
राहुल गांधी ने कहा कि, “मोदी जी, अमित शाह जी, RSS के लोगों ने हिंसा नहीं देखी है। वे डरते हैं। भाजपा का कोई नेता यहां पैदल ऐसे नहीं चल सकता इसलिए नहीं कि जम्मू कश्मीर के लोग उन्हें चलने नहीं देंगे बल्कि इसलिए क्योंकि वो डरते हैं|
राहुल गांधी ने कहा कि, “जम्मू कश्मीर में प्रशासन ने कहा कि अगर आप पैदल चलेंगे तो आप पर ग्रेनेड फेंका जाएगा। तो मैंने सोचा क्यों न मुझसे नफरत करने वालों को एक मौका दूं, ताकि वे मेरी सफेद टी-शर्ट का रंग लाल कर सकें। लेकिन जम्मू कश्मीर में मुझे ग्रेनेड नहीं, दिल खोलकर प्यार मिला।