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25 अगस्त 2026

Cyclonic Storm Tauktae: चक्रवाती तूफान 'तौकते' के अगले 6 घंटों में तीव्र होकर गंभीर तूफान में बदलने और उसके अगले 12 घंटों में अति गंभीर होने की संभावना

नई दिल्ली: मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि चक्रवात तौकते (Cyclone Tauktae) छह घंटे के भीतर "गंभीर चक्रवाती तूफान" में बदल सकता है और मंगलवार तक गुजरात तट से टकरा सकता है| पिछले छह घंटों के दौरान…

Cyclonic Storm Tauktae: चक्रवाती तूफान 'तौकते' के अगले 6 घंटों में तीव्र होकर गंभीर तूफान में बदलने और उसके अगले 12 घंटों में अति गंभीर होने की संभावना
Cyclonic Storm Tauktae: चक्रवाती तूफान 'तौकते' के अगले 6 घंटों में तीव्र होकर गंभीर तूफान में बदलने और उसके अगले 12 घंटों में अति गंभीर होने की संभावना | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि चक्रवात तौकते (Cyclone Tauktae) छह घंटे के भीतर "गंभीर चक्रवाती तूफान" में बदल सकता है और मंगलवार तक गुजरात तट से टकरा सकता है| पिछले छह घंटों के दौरान लक्षद्वीप क्षेत्र में बना हुआ कम दवाब का क्षेत्र 11 किमी प्रति घंटा की गति से उत्तरपूर्व दिशा की ओर बढ़ गया है।  अरब सागर में बन रहे चक्रवात ‘तौकते' को मौसम विभाग ने मंगलवार सुबह तक इसके गुजराट तट पर टकराने की संभावना जताई है|



मौसम विभाग ने कहा है कि चक्रवाती तूफान तौकते के अगले तीन घंटे के भीतर "गंभीर चक्रवाती तूफान" में तब्दील होने की आशंका है|यह मंगलवार तक गुजरात तट से टकरा सकता है| गुजरात और दीव के समुद्र तट चक्रवात को लेकर निगरानी में हैं|



14 मई  शाम 17: 30 बजे भारतीय समयानुसार यह लक्षद्वीप और आसपास के दक्षिणपूर्वी और पूर्वी मध्य अरब सागर में 11.6 डिग्री उत्तरी अक्षांश एवं 72.6 डिग्री पूर्वी देशांतर पर अमीनीदीवी से लगभग 55 किमी उत्तरपश्चिम में, कन्नूर, केरल से 290 किमी पश्चिम दक्षिण-पश्चिम में और वेरावल, गुजरात से 1060 किमी दक्षिण दक्षिण-पूर्व में केन्द्रित था।



अगले 3-12 घंटों में, चक्रवात तौकते के "बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान" में तब्दील होने की संभावना है| इसके मंगलवार दोपहर को पोरबंदर और नलिया के बीच गुजरात तट को पार करने की उम्मीद है| भारत में यह इस साल का पहला चक्रवाती तूफान | एनडीआरएफ ने छह राज्यों में 42 टीमों को पहले से तैनात किया है जो नावों, पेड़ काटने वालों, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस हैं और 26 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा है।



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भारत के पश्चिमी तट पर आने वाले चक्रवात तौकते के मद्देनजर, इस विषय पर जारी तकनीकी परिपत्र के अनुसार, भारतीय विमा??पत्तन प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधन ने दिल्ली के कॉर्पोरेट मुख्यालय में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दक्षिणी क्षेत्र तथा पश्चिमी क्षेत्र में पश्चिमी तटीय हवाई अड्डों की तैयारियों का जायजा लिया। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सदस्य (संचालन) श्री आई.एन.मूर्ति ने संबंधित हवाई अड्डों को हर तरह की सावधानी बरतने और अपनी तैयारियों की योजना बनाने का निर्देश दिया है।




भारी बारिश के कारण लक्षद्वीप के अगत्ती हवाई अड्डे पर निर्धारित उड़ानों का संचालन 16 मई, 2021 (सुबह 10 बजे) तक स्थगित कर दिया गया है। जैसे ही चक्रवात इस क्षेत्र से गुजर जाएगा तो हवाई अड्डे को चालू कर दिया जाएगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण का वरिष्ठ प्रबंधन अन्य हवाई अड्डों पर भी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और अब तक, कुछ भी प्रतिकूल नहीं बताया गया है तथा सभी परिचालन सामान्य हैं।



सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे पर नुकसान को न्यूनतम करने के लिए हवाई अड्डों को सलाह दी गई है कि, वे मानक संचालन प्रक्रिया और दिशानिर्देशों के अनुसार ही योजना बनाएं। हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे की हिफाज़त के लिए, संबंधित हवाई अड्डों द्वारा चक्रवात से पहले और चक्रवात के बाद जांच सूची के अनुसार एहतियाती उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं।



भारतीय मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात और दीव के तटों (लक्षद्वीप क्षेत्र पर दबाव) के लिए चक्रवात से पूर्व निगरानी के संबंध में मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान इसके तेज होकर चक्रवाती तूफान में बदलने और तथा तेज होने की संभावना है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 18 मई की सुबह तक गुजरात तट के पास पहुंचने की संभावना है तथा लक्षद्वीप द्वीप समूह, केरल, तमिलनाडु (घाटी जिले) एवं कर्नाटक (तटीय और आसपास के घाटी जिलों) के लिए चेतावनी जारी की गई है।




भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि चक्रवात 'तौकता' के 18 मई दोपहर / शाम के आसपास पोरबंदर और नलिया के बीच गुजरात तट को छूने की उम्मीद है, जिसकी हवा की गति 175 किमी प्रति घंटे तक है। गुजरात के तटीय जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है, जिसमें जूनागढ़ और गिर सोमनाथ में अत्यधिक भारी वर्षा और सौराष्ट्र कच्छ और दीव जिलों जैसे गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 





भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार,''पूर्व मध्य तथा पड़ोसी दक्षिण-पूर्व अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान “तौकते” पिछले 6 घंटों में 11 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा की ओर बढ़ा और 15 मई, 2021 को 0830 बजे पूर्व मध्य तथा पडोसी दक्षिण-पूर्व अरब सागर में अक्षांश 12.8° उत्तर तथा देशांतर 72.5° पूर्व के निकट, अमिनीदिवी से लगभग 190 किलो मीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में, पंजिम-गोवा से 330 किलो मीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम, वेरावल (गुजरात) से 930 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व और कराची (पाकिस्तान) के 1020 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में केंद्रित हो गया।




चक्रवाती तूफान के अगले 6 घंटों में गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने और उसके 12 घंटे बाद अति गंभीर तूफान का रूप लेने की संभावना है। तूफान के उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ने  और 18 मई को दोपहर/ शाम में पोरबंदर और नालिया के बीच गुजरात तट को पार करने की संभावना है। 





हवा की चेतावनी

-अगले 06 घंटों के दौरान मालदीव क्षेत्र और भूमध्यरेखीय हिंद महासागर में हवा की रफ्तार 45-55 किमी प्रति घंटे से तेज होकर 65 किमी प्रति घंटे होने की संभावना है।

-पूर्व-मध्य अरब सागर और निकटवर्ती दक्षिण-पूर्व अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में हवा 75-85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज होकर 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है।

- 16 मई की सुबह से पूर्व मध्य अरब सागर में हवा की रफ्तार 120-130 किलो मीटर प्रति घंटे से तेज होकर 145 किलो मीटर प्रति घंटे हो सकती है।

-15 मई को केरल तट के आसपास और उससे दूर हवा की गति 50-60 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज होकर 70 किलो मीटर प्रति घंटे हो गई है।

-15 मई को कर्नाटक तट के पास और उससे दूर, दक्षिण महाराष्ट्र और गोवा के तटों पर हवा की गति 50-60 किलो मीटर प्रति घंटे से तेज होकर 70 किलो मीटर प्रति घंटे है तथा 16 मई को महाराष्ट्र- गोवा तटों के पास और उससे दूर हवा की रफ्तार 60-70 किलो मीटर प्रति घंटे से तेज होकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे होने की संभावना है।

-17 मई की सुबह उत्तर पूर्व अरब सागर तथा दक्षिण गुजरात तथा दमन और दीव तटों के पास और उससे दूर हवा की रफ्तार 40-50 किलो मीटर से तेज होकर 60 किलो मीटर प्रति घंटे हो सकती है और 18 मई की सुबह से उत्तर पूर्व अरब सागर तथा सौराष्ट्र तथा कच्छ तटों( देवभूमि द्वारका तथा पोरबंदर) में हवा की गति धीरे-धीरे150-160 से 175 किलो मीटर प्रति घंटे और गुजरात के कच्छ, पोरबंदर, जूनागढ़, जामनगर जिलों में 18 मई की दोपहर/शाम से अगले 6 घंटों के लिए हवा की रफ्तार 120-150 से तेज होकर 165 किलो मीटर प्रति घंटे हो सकती है।







गुजरात के देवभूमि द्वारका, कच्छ, पोरबंदर ,जूनागढ़, गिर सोमनाथ तथा जामनगर जिलों में नुकसान की आशंकाः

-फूस के घरों का पूर्ण विनाश / कच्चे मकानों को व्यापक क्षति। पक्के मकानों को थोड़ा नुकसान। उड़ने वाली वस्तुओं से खतरे की संभावना।

-बिजली और संचार के खम्भे झुक सकते हैं और उखड़ सकते हैं।

-कच्ची और पक्की सड़कों को बड़ा नुकसान। बचाव के रास्तों में बाढ़। रेलवे, ओवरहेड पावर लाइन और सिग्नलिंग प्रणाली में मामूली व्यवधान

  • -नमक पैन और खड़ी फसलों को व्यापक नुकसान, झाड़ीदार पेड़ों का गिरना| छोटी नौकाओं, देसी जलयान लंगर से अलग हो सकते हैं।
  • दृश्यता बुरी तरह प्रभावित।



गुजरात के अमरेली , राजकोट तथा मोरबी जिलों में नुकसान की आशंका:

-फूस के घर/  झोपड़ियों को भारी नुकसान। छतों के उपरी भाग उड़ सकते हैं। असंबद्ध धातु की चादरें उड़ सकती हैं।

-बिजली तथा संचार लाइनों को कम नुकसान।

-कच्ची सड़कों को भारी नुकसान तथा पक्की सड़कों को थोड़ा नुकसान। वचाव मार्गों में बाढ़।

-पेड़ की शाखाएं टूट सकती हैं , बड़े पेड़ जड़ से उखड़ सकते हैं , केला तथा पपीता के पेड़ों को साधारण नुकसान। मृत बड़ी डालियां पेड़ों से उड़ सकती हैं।

-तटीय फसलों को भारी नुकसान।

-तटबंधों/ नमक पैन को नुकसान।







मछुआरों को चेतावनी : मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 18 मई तक दक्षिण पूर्वी अरब सागर, लक्षद्वीप-मालदीव क्षेत्र, कर्नाटक तट से लगे पूर्वी मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र और गोवा से लगे समुद्री तटीय क्षेत्रों और पूर्वी मध्य अरब सागर तथा गुजरात से लगे समुद्री तट एवं उससे जुड़े उत्तरी पूर्वी अरब सागर में नहीं जाएं। जो भी लोग इस समय उत्तरी और पूर्वी मध्य अरब सागर में गए हुए हैं उन्हें सलाह दी जाती है कि वे वापस समुद्र तट पर लौट आएं।



दक्षिणपूर्वी, पूर्वीमध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर, लक्षद्वीप, मालदीव क्षेत्र और लक्षद्वीप समूह, केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात तट के साथ ही इन सभी राज्यों के तटीय और उनसे सटे जिलों पर अनुमानित प्रभाव:



  • इस पूरे क्षेत्र में बहुत अशांत से ऊंची-ऊंची लहरों वाले समुद्र के साथ ही तेज हवाओं के कारण नौवहन और मछली पकड़ने के कार्य प्रभावित होंगे। 15-16 मई के दौरान लक्षद्वीप के निचले क्षेत्रों में पानी भर जाएगा। 15 से 16 मई के दौरान केरल, कर्नाटक और गोवा के तटीय जिलों में भारी  से बहुत भारी वर्षा के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका। 18-19 मई के दौरान गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ जिलों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका।


  • आंधी-तूफ़ान और बिजली चमकने के साथ तेज वर्षा से तटवर्ती क्षेत्रों में जन-धन और पशुधन के साथ ही कच्चे और असुरक्षित भवनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका।







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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 15 मई 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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