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24 अगस्त 2026

याचिका 'दोषपूर्ण' है, सुने जाने योग्य नहीं: दिल्ली HC ने खारिज की 5G के खिलाफ जूही चावला की याचिका, ठोका 20 लाख रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने देश में 5जी वायरलेस नेटवर्क स्थापित करने के खिलाफ बॉलीवुड अभिनेत्री -पर्यावरणविद जूही चालवा द्वारा दायर मुकदमे को खारिज कर दिया। कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि वाद…

याचिका 'दोषपूर्ण' है, सुने जाने योग्य नहीं: दिल्ली HC ने खारिज की 5G के खिलाफ जूही चावला की याचिका, ठोका 20 लाख रुपये का जुर्माना
याचिका 'दोषपूर्ण' है, सुने जाने योग्य नहीं: दिल्ली HC ने खारिज की 5G के खिलाफ जूही चावला की याचिका, ठोका 20 लाख रुपये का जुर्माना | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  दिल्ली उच्च न्यायालय ने देश में 5जी वायरलेस नेटवर्क स्थापित करने के खिलाफ बॉलीवुड अभिनेत्री -पर्यावरणविद जूही चालवा द्वारा दायर मुकदमे को खारिज कर दिया। कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि वादी ने कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया| साथ ही कोर्ट ने कड़ी टिप्‍पणी करते हुए जूही पर 20 लाख रुपये का हर्जाना भी लगाया है| 



दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 5G ट्रायल के खिलाफ दायर अभिनेत्री जूही चावला की याचिका को 'दोषपूर्ण और सुने जाने योग्य नहीं' कहते हुए खारिज कर दिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं पर 20 लाख रूपये का जुर्माना लगाया। न्यायमूर्ति जीआर मिधा की एकल पीठ ने आदेश में कहा, "याचिका में परेशान करने वाले आरोप लगाए गए हैं।



कोर्ट ने आदेश में कहा, "ऐसा लगता है कि मुकदमा प्रचार के मकसद से दायर किया गया था। जूही चावला ने सोशल मीडिया पर सुनवाई का लिंक प्रसारित किया।"इसके साथ ही कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान अभिनेत्री जूही चावला की फिल्मों के गाना गाकर बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ भी अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया है।




दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश में नोट किया, "उन्होंने (वादी ने) कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। वादी को एक सप्ताह के भीतर 20 लाख का जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया जाता है। डीएसएलएसए इसे सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए उपयोग कर करेगा। यदि कोई कार्यवाही शुरू की जाती है, तो यह निर्णय अदालत के समक्ष पेश किया जाना चाहिए।


ऐसा प्रतीत होता है कि वादी ने प्रचार के मकसद से यह मुकदमा दायर किया है, क्योंकि वादी नंबर एक द्वारा सुनवाई लिंक अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है, जिससे सुनवाई में बाधा उत्पन्न हुई।" अदालत ने वादी के वकील द्वारा जुर्माना पर रोक लगाने की प्रार्थना को खारिज कर दिया।



इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में 5G दूरसंचार सेवाओं को शुरू करने के खिलाफ बॉलीवुड अभिनेत्री और पर्यावरणविद जूही चावला के मुकदमे में दायर आवेदनों पर बुधवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।



तब न्यायमूर्ति मिधा की पीठ ने वादी की ओर से पेश अधिवक्ता दीपक खोसला, दूरसंचार विभाग की ओर से पेश अधिवक्ता अमित महाजन, केंद्र की ओर से एसजी तुषार मेहता और कुछ निजी प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान, बेंच ने वादी के वकील को "दोषपूर्ण वाद" दायर करने और वादी दायर करते समय सीपीसी की आवश्यकताओं को पूरा नहीं करने के लिए समन किया था।


बेंच ने कहा था, "भले ही मैं आपसे सहमत हूं कि अनुमति दी जानी है, लेकिन किसलिए अनुमति? एक दोषपूर्ण वाद। यह पूरी तरह से मीडिया प्रचार के अलावा और कुछ नहीं लगता है। यह चौंकाने वाला है मि. खोसला।"


न्यायमूर्ति मिधा ने टिप्पणी की, "मैं हैरान हूं। मैंने ऐसा मुकदमा कभी नहीं देखा, जहां व्यक्ति बिना सूचना के अदालत में आए और कहें कि आओ जांच कराएं। मामले का पूरा सार यह है कि मुझे नहीं पता, यह खतरनाक प्रतीत होता है कृपया जांच करें और संतुष्ट करें।" मुहीम में पक्षकारों का शामिल होना: बेंच ने कहा कि वादी इतने सारे दलों में शामिल हो गए हैं, जब सीपीसी स्पष्ट रूप से प्रावधान करता है कि कौन से पक्ष शामिल हो सकते हैं और कौन से नहीं?




"आप इतने लोगों में कैसे शामिल हो गए? गोपनीयता कहां है। सीपीसी स्पष्ट रूप से कहता है कि कौन सा पक्ष शामिल हो सकती है। हर पक्ष को एक मुहीम में नहीं जोड़ा जा सकता है। कौन सा प्रावधान आपको इतने सारे पक्षकारों को जोड़ने की अनुमति देता है? कोई कानून इसकी अनुमति नहीं देता।







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यह रिपोर्ट 5 जून 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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