नई दिल्ली: चीन खूफिया को पैसे के बदले संवेदनशील जानकारी मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार पत्रकार राजीव शर्मा को शुक्रवार जमानत मिल गई है|पुलिस ने राजीव शर्मा को सितंबर में गिरफ्तार किया था, लेकिन पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसके बाद राजीव शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था|
दिल्ली उच्च न्यायालय ने फ्रीलांस पत्रकार राजीव शर्मा को जमानत दी। राजीव शर्मा को चीन के लिए जासूसी करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने सरकारी गोपनीयता कानून के तहत गिरफ़्तार किया था।
दिल्ली पुलिस ने मामले में बताया था कि गिरफ्तार फ्रीलांस पत्रकार राजीव शर्मा सीमा पर भारतीय रणनीति और सैनिकों की तैनाती संबंधी संवेदनशील जानकारी कथित तौर पर चीन के खुफिया विभाग को दे रहा था| दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया था कि शर्मा कुछ भारतीय मीडिया संगठनों के साथ-साथ चीन के ग्लोबल टाइम्स अखबार के लिए भी रक्षा मामलों पर लिखता था|
पुलिस ने दावा किया था कि चीनी खुफिया एजेंटों ने कथित तौर पर 2016 में उससे संपर्क किया था|शर्मा कुछ चीनी खुफिया अधिकारियों के संपर्क में भी था|उन्होंने दावा किया कि फ्रीलांस पत्रकार को ‘गत डेढ़ साल में 40 लाख रुपये मिले| उसे प्रत्येक सूचना के बदले एक हजार अमेरिकी डॉलर (मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से करीब 73 हजार रुपये) मिलते थे|
पुलिस ने फ्रीलांस पत्रकार राजीव शर्मा के साथ एक चीनी महिला और उसके नेपाली साथी को गिरफ्तार किया गया था| पुलिस ने दावा किया था कि वे ‘चीनी खुफिया एजेंसी’ को संवेदनशील सूचना देने के एवज में फ्रीलांसर पत्रकार राजीव शर्मा को बड़ी राशि का भुगतान कर रहे थे|उन्होंने बताया था कि बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य आपत्तिजनक/संवेदनशील सामग्री बरामद की गई है|