नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कद्दावर नेता शरद यादव का गुरुावार को निधन हो गया| उन्होंने 75 साल की उम्र में अंतिम सांस ली| शरद यादव की बेटी सुभाषिनी यादव ने अपने पिता के निधन की पुष्टि की है| कांग्रेस नेता सुभाषिनी शरद यादव ने ट्विटर पर ने लिखा है कि पापा नहीं रहे| बता दें कि शरद यादव लंबे समय से बीमार चल रहे थे| उनका इलाज गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था।
कद्दावर नेता शरद यादव के निधन से पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, बिहार के CM नीतीश कुमार और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यावद ने नेता के निधन पर शोक जताया है|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा,''श्री शरद यादव जी के निधन से बहुत दुख हुआ। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने खुद को सांसद और मंत्री के रूप में प्रतिष्ठित किया। वे डॉ. लोहिया के आदर्शों से काफी प्रभावित थे। मैं हमेशा अपनी बातचीत को संजो कर रखूंगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। शांति।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट कर कहा,देश की समाजवादी धारा के वरिष्ठ नेता, जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष, श्री शरद यादव जी के निधन से दुःखी हूँ। खड़गे ने कहा,'' एक पूर्व केंद्रीय मंत्री व दशकों तक एक उत्कृष्ट सांसद के तौर पर देश सेवा का कार्य कर,उन्होंने समानता की राजनीति को मज़बूत किया। उनके परिवार एवं समर्थकों को मेरी गहरी संवेदनाएँ।
बिहार के CM नीतीश कुमार ने ट्वीट कर कहा,'पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव जी का निधन दुःखद। नीतीश कुमार ने कहा,''शरद यादव जी से मेरा बहुत गहरा संबंध था। मैं उनके निधन की खबर से स्तब्ध एवं मर्माहत हूं। वे एक प्रखर समाजवादी नेता थे। उनके निधन से सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने कहा,''शरद यादव जी समाजवाद के पुरोधा होने के साथ एक विनम्र स्वभाव के व्यक्ति थे। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। उनके शोकाकुल परिजनों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। देश के लिए उनका योगदान सदा याद रखा जाएगा।
तेजस्वी यावद ने ट्वीट कर कहा, " मंडल मसीहा, राजद के वरिष्ठ नेता, महान समाजवादी नेता मेरे अभिभावक आदरणीय शरद यादव जी के असामयिक निधन की खबर से मर्माहत हूँ। कुछ कह पाने में असमर्थ हूँ। माता जी और भाई शांतनु से वार्ता हुई। दुःख की इस घड़ी में संपूर्ण समाजवादी परिवार परिजनों के साथ है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, "शरद यादव जी के निधन का दु:खद समाचार प्राप्त हुआ। शरद यादव जी ने दशकों तक बिहार व भारतीय राजनीति में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों व समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। ॐ शांति शांति
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा,'' JDU के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ समाजवादी नेता श्री शरद यादव जी का निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिवार एवं समर्थकों को यह पीड़ा सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शरद यादव के निधन पर दुख जताया| उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री शरद यादव जी का निधन अत्यंत दुःखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर दुख जताया है| उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘महान समाजवादी नेता आदरणीय श्री शरद यादव जी का निधन अत्यंत हृदय विदारक है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति एवं शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने ट्वीट कर कहा, ‘समाजवादी आंदोलन एवं न्यायप्रिय राजनीति के मज़बूत स्तंभ पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री शरद यादव जी के निधन की खबर से स्तब्ध हूँ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति!
शरद यादव का जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद में हुआ था
शरद यादव का जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद के अखमाउ गांव में किसान परिवार में हुआ था। किसान के घर जन्मे शरद पढ़ने लिखने में काफी तेज थे। छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाने वाले शरद यादव ने बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुकाम हासिल किया था। शरद यादव ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और फिर बिहार में अपना राजनीतिक परचम लहराया था। नीतीश कुमार से हुए विवाद के बाद उन्होंने जदयू का साथ छोड़ दिया था। वो बिहार की मधेपुरा सीट से कई बार सांसद रह चुके थे।
सात बार लोकसभा के लिए चुने गए थे शरद यादव
शरद यादव (जन्म 1 जुलाई 1947 - 12 जनवरी 2023) भारत की एक राजनीतिक पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उन्होंने बिहार प्रदेश के मधेपुरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से चार बार लोक सभा का प्रतिनिधित्व किया था ,दो बार मध्यप्रदेश के जबलपुर से सांसद चुने गए थे| एक बार उत्तर प्रदेश के बदायूं से लोकसभा के लिए चुने गए और शरद यादव संभवतः भारत के पहले ऐसे राजनेता हैं जो तीन राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार से लोकसभा के सदस्य के लिए चुने गए थे।
शरद यादव राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संयोजक थे परन्तु उनकी पार्टी द्वारा गठबंधन से सम्बन्ध विच्छेद कर लेने के कारण उन्होंने संयोजक पद से त्याग पत्र दे दिया। राजनीतिक गठजोड़ के माहिर खिलाड़ी शरद यादव को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राजनीतिक गुरु माना जाता है। शरद यादव ने अपनी खुद की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल शुरू की थी। मार्च 2020 में उन्होंने लालू यादव के संगठन राजद में विलय कर लिया। उन्होंने कहा था कि एकजुट विपक्ष की ओर पहला कदम था।
तीन बार राज्यसभा के सदस्य भी रहे शरद यादव
बता दें कि शरद यादव तीन बार राज्यसभा के सदस्य भी रहे थे| बिहार के सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड के संस्थापक सदस्य रहे शरद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन को समाप्त करने और बीजेपी के साथ हाथ मिलाने के बाद उनका साथ और पार्टी छोड़ दी थी|