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24 अगस्त 2026

‘प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया’ नहीं ‘प्रेसिडेंट ऑफ़ भारत’ के नाम से भेजा गया G20 के रात्रिभोज का न्योता

नई दिल्ली: दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपित समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत में आने वाले हैं। इससे पहले, विपक्ष द्वारा गठबंधन का नाम 'इंडिया…

‘प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया’ नहीं ‘प्रेसिडेंट ऑफ़ भारत’ के नाम से भेजा गया G20 के रात्रिभोज का न्योता
‘प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया’ नहीं ‘प्रेसिडेंट ऑफ़ भारत’ के नाम से भेजा गया G20 के रात्रिभोज का न्योता | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपित समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत में आने वाले हैं। इससे पहले, विपक्ष द्वारा गठबंधन का नाम  'इंडिया' रखने के बाद केंद्र ने राष्ट्रपति भवन में जी20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज के लिए जो निमंत्रण पत्र राष्ट्रपति भवन की ओर से भेजा है उसमें बदलाव किया है। आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले शब्द प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया को बदल दिया गया है। G-20 के बाद 9 तारीख को डिनर के लिए राष्ट्रपति की तरफ से भेजे गए इन्विटेशन में इस बार प्रेसिडेंट ऑफ़ इंडिया की जगह प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा गया है| 



केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने G20 रात्रिभोज के लिए राष्ट्रपति के निमंत्रण का एक स्क्रीनशॉट साझा किया, जिस पर 'रिपब्लिक ऑफ भारत' नाम लिखा है। राष्ट्रपति भवन द्वारा भेजे गए G20 रात्रिभोज निमंत्रण की एक वायरल तस्वीर के बाद नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा संभावित नाम परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है, जिसमें सम्मेलन ‘President of India’ के बजाय  ‘President of Bharat’ के नाम पर हस्ताक्षर किए गए थे।



धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि,'' यह बहुत पहले होना चाहिए था। यह बहुत संतोष देने वाला है। भारत हमारा परिचय है। इसे लेकर हम गौरान्वित है। मुझे विश्वास है कि देश बहुत खुश होगा कि राष्ट्रपति ने भारत के नाम को प्राथमिक दी। यह दासत्व की मानसिकता से बाहर आने वाला सबसे बड़ा बयान है|



राष्ट्रपति भवन में G20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज का निमंत्रण 'भारत के राष्ट्रपति' के नाम से भेजे जाने पर भाजपा सांसद सुशील मोदी ने कहा, "संविधान में तो 'इंडिया' और भारत दोनों शब्दों का उल्लेख है। 75 साल तक अगर इंडिया के राष्ट्रपति लिखा जाता था और अब भारत के राष्ट्रपति लिखा जा रहा है तो इसमें क्या आपत्ति है?...इंडिया तो ब्रिटिशर्स का दिया हुआ नाम है, अगर RJD, JDU के लोगों को भारत के नाम से चिढ़ है तो लें इंडिया का नाम। अगर भाजपा, केंद्र सरकार भारत शब्द को प्रचारित कर रही है तो उन्हें आपत्ति क्यों है, यह असंवैधानिक तो नहीं है।"



राष्ट्रपति भवन में G20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज का निमंत्रण 'भारत के राष्ट्रपति' के नाम से भेजे जाने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "कांग्रेस पार्टी को आरोप लगाने का अधिकार नहीं है, जिसने आजादी के बाद संविधान को तोड़ा-मरोड़ा, आपातकाल लगा दिया उनके बोलने का मतलब नहीं है...बात रही भारत की तो यह काल शताब्दी का, सांस्कृतिक उत्थान का काल है...यह भारत के संस्कार और संस्कृति के उत्थान का काल है इसीलिए भारत है।"



केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, "इसपर आपत्ति जताने का क्या कारण है? अगर भारत के राष्ट्रपति के नाम से आमंत्रण गया है तो यह स्वागतयोग्य है। कांग्रेस और घमंडिया गठबंधन के नेताओं को भारत शब्द से क्यों इतनी नफरत है?...पता नहीं कांग्रेस को भारत शब्द से नफरत और चीन और पाकिस्तान शब्द से क्यों इतनी मोहब्बत होती है? यह घोर आपत्तिजनक है.."|



राष्ट्रपति भवन में G20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज का निमंत्रण 'भारत के राष्ट्रपति' के नाम से भेजे जाने पर केंद्रीय मंत्री मिनाक्षी लेखी ने कहा, "भारत का संविधान कहता है कि 'India that is Bharat' तो भारत की प्रधानता तो संविधान ही देता है। हमारी मात्रि भूमि भारत का नाम हमने नहीं दिया, ये हमारे पूर्वजों ने दिया है। विष्णु पुराण के एक श्लोक में लिखा है, 'उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम् | वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः' जिसका मतलब है कि समुद्र के उत्तर में और हिमालय के दक्षिण में जो भू भाग है उसका नाम भारत है। इसमें रहने वाले लोगों के नाम भारती हैं। अब विष्णु पुराण से किसी को आपत्ति हो सकती है?"


कुछ ही समय पहले विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के खिलाफ गठबंधन बनाया है और इसका नाम ''INDIA'' रखा है। विपक्षी गठबंधन के नाम के ऐलान के बाद से ही बीजेपी विपक्षी दलों पर हमलावर है। मोदी सरकार आने वाले दिनों में भारत के संविधान से 'इंडिया' शब्द को भी हटाने की तैयारी में जुट गई है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार आगामी 18 से 22 सितंबर के दौरान आयोजित किए जाने वाले संसद के विशेष सत्र में इस प्रस्ताव से जुड़े बिल को पेश कर सकती है।



कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने इस आमंत्रण पर नाराजगी जताई है। सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने सत्तारूढ़ सरकार पर नवगठित 'INDIA' गठबंधन के डर से इतिहास को विकृत करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है।



राष्ट्रपति भवन द्वारा 9 सितंबर के जी20 रात्रिभोज के लिए 'प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया' के बजाय 'प्रेसीडेंट ऑफ भारत' के नाम पर निमंत्रण भेजे जाने पर कांग्रेस ने सरकार पर पलटवार किया और कहा कि यह "राज्यों के संघ" पर भी हमला है।




कांग्रेस संसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि 'इंडिया' शब्द से यह सहम गए हैं। क्या वे इस हद तक चले जाएंगे कि वे संविधान बदल देंगे? संविधान में लिखा है, 'इंडिया दैट इज़ भारत'... भाजपा के अंदर का डर मोदी जी का भय दिखाता है। इधर INDIA का गठन हुआ उधर भाजाप का बोरिया बिस्तर समेटना शुरू हुआ... आप 'इंडिया' शब्द को धरती से नहीं मिटा सकते। हमें अपने भारत और इंडिया पर गर्व है|



कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि,''PM मोदी को 'इंडिया' शब्द से दिक्कत हो गई है और वे बदलकर भारत कर रहे हैं। मोदी जी आप पर पूरा विश्व हस रहा है... आप हमसे, हमारे नेतृत्व, हमारी विचारधारा से नफरत करते हैं हमें कोई दिक्कत नहीं लेकिन इंडिया, भारतीयों से नफरत मत करिये|


राष्ट्रपति भवन में 'भारत के राष्ट्रपति' के नाम से भेजे गए G20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज के निमंत्रण पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि,''संविधान कहता है कि इंडिया दैट इज 'भारत'। मैं संविधान का हवाला दे रहा हूं- इंडिया दैट इज 'भारत'|



कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि,''अगर गुलामी का प्रतीक है तो सबसे पहले प्रधानमंत्री को यह कहें। स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया प्रधानमंत्री ने कहा था। पहले उनसे सवाल पूछे जाने चाहिए। वे पहले यह सब चीजें बदलें उसके बाद कुछ करें। हमारे प्रस्तावना में भी कहा गया है 'इंडिया दैट इज 'भारत'' क्योंकि कई संदर्भों और संस्कृतियों में भारत शब्द प्रचलित है... मुझे नहीं लगता कि नाम बदलने से कुछ फर्क पड़ेगा|



पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति भवन में 9 सितंबर को आयोजित जी-20 रात्रिभोज के लिए सामान्य 'इंडिया की राष्ट्रपति' के बजाय 'भारत के राष्ट्रपति' के नाम पर निमंत्रण भेजने के मामले को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। शिक्षक दिवस के अवसर पर एक समारोह को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने सुना है कि आज उन्होंने ‘इंडिया’ का नाम बदलकर भारत कर दिया है। यह देश के इतिहास को विकृत करने का खुला प्रयास है। वे हमेशा ऐसा करने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन, यह हमें स्वीकार्य नहीं है।



राष्ट्रपति भवन में G20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज का निमंत्रण 'भारत के राष्ट्रपति' के नाम से भेजे जाने पर DMK सांसद कनिमोझी ने कहा, "...भारत के राष्ट्रपति के नाम पर निमंत्रण जाते कभी नहीं देखा, यह हमेशा से इंडिया के राष्ट्रपति से जाता रहा है। अब उन्होंने ऐसा क्यों किया है? इसके पीछे की मंशा और राजनीति क्या है?...RSS प्रमुख ने हाल ही में कहा था कि इंडिया का नाम बदलकर भारत करना है, इस पृष्ठभूमि के साथ कई सवाल उठते हैं कि क्या RSS पूरे देश के लिए एजेंडा तय कर रहा है?"



बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा,''वे (भाजपा) 'इंडिया' नाम से इतना डरे क्यों हुए हैं? यह दिखाता है कि PM मोदी INDIA गठबंधन से डरे हुए हैं... हमारे नारे में ही है "जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया"। कुछ दिन पहले तक यह 'वोट फॉर इंडिया' बोलते थे और अब भारत लिख रहे हैं... यह कहां-कहां से हटाएंगे? प्रधानमंत्री के जहाज में भी 'इंडिया' है। इनको हर योजना, मंत्रालय से नाम हटाना होगा। एक राज्य का बजट बन जाए वे इतना खर्चा नाम बदलने में करेंगे|


कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा,' ISRO ने जो चंद्रयान भेजा, वह गुलामी का प्रतीक है? ISRO, IIT में जो इंडिया है उसे बदलेंगे? क्या IIT गुलामी का प्रतीक है? INDIA गठबंधन का गठन होने के बाद भाजपा के मन में नई नफरत जाग चुकी है। भाजपा को 2014 से अब तक 'इंडिया' शब्द से कोई दिक्कत नहीं थी... यह लोगों का ध्यान असल मुद्दे से भटकाने की कोशिश कर रहे हैं|



कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "हमारे संविधान के आर्टिकल 1 में साफ तौर पर लिखा गया है कि हमारा नाम इंडिया भी होगा और भारत भी। मोदी जी और संघ के लोग लगातार हमारे संविधान के साथ खिलवाड़ करना चाहते हैं। इनको बाबा साहब के संविधान से दिक्कत है। आपकी नफरत आपका डर आपकी बौखलाहट साफ है, आप INDIA से घबराते हैं। अब ये सनक बन चुका है, अपने देश और अपनी मां का नाम कौन बदलता है...मोदी जी हमसे डरते हैं हमें अपना शत्रु मानते हैं, लेकिन दुश्मनी आज आप देश से निभाने लगे। वे अच्छे से जानते हैं उनके पास राज्य सभा में बहुमत नहीं है।"




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यह रिपोर्ट 5 सितंबर 2023 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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