चंडीगढ़: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हरियाणा इकाई ने '5 दिन लंबे वीकेंड' का हवाला देते हुए चुनाव आयोग से आगामी 1 अक्टूबर, 2024 को होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव स्थगित करने का अनुरोध किया है। पार्टी ने छुट्टियों की अवधि बढ़ने के कारण मतदान प्रतिशत कम रहने की चिंता जताई है। चुनाव आयोग ने हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है| राज्य की सभी 90 सीटों के लिए एक ही चरण में 1 अक्टूबर को मतदान होगा, जिसके नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख बदलने की मांग की है|
हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी पंकज अग्रवाल ने पुष्टि की कि आयोग को शुक्रवार को ईमेल के जरिए इस पत्र की एक प्रति प्राप्त हुई है। अग्रवाल ने कहा, "हमें राज्य भाजपा से पत्र मिला है और हमने इसे चुनाव आयोग को भेज दिया है।"
22 अगस्त को लिखे पत्र में भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख मोहनलाल बडोली ने कहा, "दिनांक 16.08.2024 को आप द्वारा अपनी प्रैस कांफ्रेस के माध्यम से घोषित की गई हरियाणा विधानसभा चुनावों की अनुसूचि के अनुसार दिनांक 01.10.2024 को मतदान का दिन निर्धारित किया गया है।''
बडोली ने कहा, "इस सन्दर्भ में आपके ध्यान मे लाया जाता है कि दिनांक 28.09.2024 (शनिवार) व 29.09.2024 (रविवार) को प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजि संस्थानों में साप्ताहिक अवकाश रहेगा। दिनांक 01.10.2024 (मंगलवार) को मतदान दिवस होने के कारण इस दिन भी सभी सरकारी एवं निजि संस्थान कानूनन बन्द रहेंगे। फिर दिनांक 02.10.2024 को गांधी जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश रहेगा।"
बडोली ने तर्क दिया कि इससे कई निवासी 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक लंबी छुट्टी ले सकते हैं, जिससे मतदान प्रतिशत में भारी गिरावट आ सकती है। बडोली ने यह भी बताया कि हरियाणा में महत्वपूर्ण मतदाता बिश्नोई समुदाय, राजस्थान के मुकाम गांव की अपनी वार्षिक तीर्थयात्रा के कारण 1 अक्टूबर को अनुपस्थित रह सकता है।
बडोली ने कहा, "इस प्रकार न केवल सरकारी तथा गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए वरन निजि व्यवसाइयों के लिए भी मात्र एक दिन (दिनांक 30.09.2024 सोमवार) का अवकाश लेकर दिनांक 28.09.2024 से 02.10.2024 तक 5 दिन के लम्बे अवकाश पर जाने का अवसर उपलब्ध हो जाएगा।''
उन्होंने कहा, " प्रदेश के अनेक परिवारो द्वारा इस लम्बे अवकाश के कारण प्रदेश से बाहर जाने की प्रबल सम्भावना है। इससे निश्चित ही मतदान की प्रतिशतता में भारी कमी आयेगी।
हरियाणा भाजपा नेता मोहनलाल बडोली ने कहा, " इसके अतिरिक्त 02.10.2024 को आसोज की अमावस्या होने के कारण बीकानेर जिला की नौखा तहसील के मुकाम गाँव में हर वर्ष की तरह लगने वाले मेले में भाग लेने के लिए हरियाणा के बिश्नोई समाज के अधिंकाश लोग 01.10.2024 को ही वहां के लिए अवश्य प्रस्थान करेंगे। इस कारण भी मतदान में कमी रहेगी।''
उन्होंने कहा, " चुनाव आयोग का यह सतत् आग्रह और प्रयास रहा है कि लोकतन्त्र को मजबूती देने के लिए अधिक से अधिक मतदाता मतदान में भाग लें।
मोहनलाल बडोली ने चुनाव आयोग से अधिकतम मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनावों को बाद की तारीख में पुनर्निर्धारित करने पर विचार करने का आग्रह किया, पिछले उदाहरणों का हवाला देते हुए जहां इसी तरह के कारणों से चुनाव तिथियां बदली गई थीं|
चुनाव आयोग से उन्होंने कहा, "अतः उचित होगा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतदान के लिए निर्धारित तिथि 01.10.2024 की जगह बदलकर थोड़ा बाद में कर दी जाये। मतदान की तिथि निर्धारित करते समय यह भी ध्यान रखा जाये कि मतदान की तिथि से एक दिन पहले और मतदान के अगले दिन भी अवकाश न हो। हमारा मानना है कि ऐसा करने से मतदान में अधिक से अधिक मतदाता भाग ले पाएँगे।
बडोली ने कहा, "उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी चुनाव आयोग द्वारा मतदान की घोषित तिथि में बदलाव किया गया है। उदाहरण के तौर पर पंजाब विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए घोषित तिथि दिनांक 14.02.2022 को (दिनांक 16.02.2022 को संत रविदास जयंती होने के कारण) बदलकर दिनांक 20.02.2022 निर्धारित किया गया था।
चुनाव आयोग से बडोली ने कहा, "हम आशा करते हैं कि आप इस सुझाव पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेगें।
बीजेपी के चुनाव टालने के अनुरोध पर कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने भाजपा की चिंता को खारिज कर दिया, इसे चुनावों से पहले सत्तारूढ़ पार्टी की घबराहट के संकेत के रूप में व्याख्यायित किया। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा मतदाताओं का सामना करने से बचने के लिए "बचकानी दलीलें" दे रही है।
हुड्डा ने कहा कि,"BJP अपनी हार को सामने देखकर, सत्तारूढ़ पार्टी बचकानी दलीलें दे रही है। क्योंकि उसके पास जनता को बताने के लिए कोई मुद्दा, कोई काम या उपलब्धि नहीं है और टिकट देने के लिए 90 उम्मीदवार नहीं हैं। इसीलिए भाजपा छुट्टियों का बहाना बनाकर चुनाव टालने की साजिश कर रही है।''
उन्होंने कहा, ''हरियाणा के मतदाता बहुत जागरूक हैं। वे कहीं छुट्टी मनाने नहीं जाएंगे, बल्कि भाजपा की छुट्टी करने के लिए वोट देने के लिए बड़ी संख्या में मतदान केंद्र पर आएंगे।''
कांग्रेस सांसद हुड्डा ने एक्स पर पोस्ट किया,''हरियाणा बीजेपी ने चुनाव आयोग को चुनाव टालने के लिए पत्र लिखा है, जो यह दर्शाता है कि बीजेपी चुनाव से किस कदर घबराई हुई है। अपनी हार सामने देख सत्ताधारी पार्टी द्वारा बचकाने तर्क दिये जा रहे हैं। क्योंकि उसके पास न कोई मुद्दा है, न जनता को बताने लायक कोई काम या उपलब्धि और न ही टिकट देने लायक 90 उम्मीदवार। इसलिए बीजेपी छुट्टियों का बहाना बनाकर चुनाव टालने की साजिश कर रही है।''
उन्होंने आगे लिखा,''हरियाणा के मतदाता बेहद जागरुक हैं। वो कहीं छुट्टी मनाने नहीं जाएंगे, बल्कि बीजेपी की छुट्टी करने के लिए भारी संख्या में मतदान केंद्र आकर वोट देंगे।''
कांग्रेस ने सत्तारूढ़ पार्टी पर सत्ता खोने के डर से चुनाव में देरी करने का लगाया आरोप
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने हरियाणा में सत्तारूढ़ पार्टी पर सत्ता खोने के डर से चुनाव में देरी करने का आरोप लगाया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एक्स पर पोस्ट किया,'' हरियाणा चुनाव में BJP बुरी तरह से हार रही है और इस बात की रिपोर्ट पार्टी के नेताओं तक पहुंच गई है। इसलिए अब तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, ताकि हार को टाला जाए। हरियाणा BJP अध्यक्ष ने चुनाव आयोग को ख़त लिखा है कि 'कृपया हरियाणा के चुनाव को टाल दीजिए।'
कांग्रेस ने आगे कहा, ,''साफ है- BJP ने हरियाणा में कोई काम नहीं किया, जिसके बदौलत वह चुनाव लड़ सके और वोट मांग सके। यहां तक कि BJP के पास टिकट देने लायक 90 उम्मीदवार भी नहीं हैं। हमारा BJP से बस इतना कहना है- डरो मत, हार का सामना करो।
1 अक्तूबर का दिन वोटिंग के लिए बहुत उपयुक्त: हरियाणा कांग्रेस
कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने एक्स पर पोस्ट किया,''1 अक्तूबर का दिन वोटिंग के लिए बहुत उपयुक्त है। बीच में 2-3 दिन के छुट्टी होने के कारण दूर दराज रहने वाले हरियाणवी अपने घर-गांव में आकर आराम से वोट डाल सकेंगे। भाजपा का चुनाव आयोग को लिखा पत्र बचकाना है, भाजपा हरियाणा के लोगों को आलसी और गैर-जिम्मेदार समझती है।''
हरियाणा की सभी 90 सीटों के लिए 1 अक्टूबर को मतदान होगा, 4 अक्टूबर को आएंगे नतीजे
चुनाव आयोग ने 16 अगस्त को घोषणा की थी कि हरियाणा विधानसभा चुनाव एक अक्टूबर को एक ही चरण में कराए जाएंगे, जिसके नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जबकि कांग्रेस राज्य की सत्ता पर फिर से कब्जा करना चाहती है। मौजूदा हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर को समाप्त हो रहा है।