नई दिल्ली: गृह मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उन्होंने दिल्ली में कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए मल्टी-फोल्ड रणनीति अपनाई है, क्योंकि वायरस के खिलाफ लड़ाई में दिल्ली सरकार की मदद के रूप में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने केंद्र द्वारा वितरित 250 वेंटिलेटर की स्थापना शुरू कर दी है।
सोमवार को दिल्ली और गुजरात में कोविड-19 महामारी की बढ़ती भयावहता के बीच सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्य सरकारों की जमकर क्लास ली। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि वो कोरोना संक्रमण को रोकने की दिशा में उठाए गए अब तक के कदमों का विस्तृत ब्योरा देने को कहा।
कोर्ट ने कहा, 'हम जानना चाहते हैं कि आप स्थिति को कैसे संभाल रहे हैं।' इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट 11 नवंबर और 19 नवंबर को दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को कड़ी फटकार लगा चुकी है। हाई कोर्ट ने 19 नवंबर की सुनवाई में तो यहां तक पूछ डाला कि 'मरने वालों के परिजनों को क्या जवाब दोगे?
महामारी के बढ़ते मामलों के बावजूद राज्य में बेलगाम समारोहों, शादियों और कार्यक्रमों के लिए SC ने गुजरात सरकार को फटकार लगाई है|इस मामले पर बेंच अगली सुनवाई शुक्रवार को करेगी। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली के बाद गुजरात में हालात सबसे बदतर है।
जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आरएस रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने कहा, 'गुजरात में स्थिति नियंत्रण से बाहर जा रही है। केस बढ़ रहे हैं और अभी नवंबर ही है। दिसंबर में तो स्थिति और बिगड़ने के लिए तैयार रहें। आपको कदम उठाने ही होंगे।' बेंच ने महामारी के दौरान शादियों को लेकर बनाई गई गुजरात सरकार की नीति पर भी सवाल उठाया। उसने कहा, 'दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद गुजरात के हालात भी बिगड़ रहे हैं। ऐसे में आपने दिन में विवाह समारोह आयोजित करने की अनुमति क्यों दी है? आप अब तक उठाए गए कदमों का स्टेटस रिपोर्ट पेश कीजिए।'
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'हम सुन रहे हैं कि इस महीने कोरोना केस में बहुत ज्यादा वृद्धि हुई है। हम सभी राज्यों से लेटेस्ट स्टेटस रिपोर्ट चाहते हैं। अगर राज्यों ने तैयारी नहीं की तो दिसंबर में स्थिति बहुत भयावह हो सकती है।' सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को करेगा।
वहीं,''दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या के बीच राष्ट्रीय राजधानी में लॉकडाउन की मांग करने वाली एक याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, और यहां तक सवाल कर डाला कि क्या 'लॉकडाउन' ही एकमात्र समाधान है।