नई दिल्ली: दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को सुनवाई में नाराजगी जताई है| न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने ऑक्सीजन की कमी पर महाराजा अग्रसेन अस्पताल की याचिका पर सुनवाई की।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा,''यदि कोई ऑक्सीजन की आपूर्ति में बाधा डालता है, तो हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे| हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा,''दिल्ली में आवंटित 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कब आएगा? केंद्र बताए कि दिल्ली को कितनी ऑक्सीजन मिलेगी और कैसे आएगी?| सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने बताया कि दिल्ली को कल सिर्फ 296 MT ऑक्सीजन मिली, जो 480 MT के ऑवंटन से काफी कम है|
दिल्ली सरकार ने कहा कि ' हमें हमारे कोटे की 480MT ऑक्सीजन दिलाई जाए,'वरना अगले 24 घंटे में सिस्टम कोलेस्प हो जाएगा| हमारे पास कोई चारा नहीं बचा है| हर मिनट जान जा रही हैं|
दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने हाईकोर्ट से कहा कि जो कुछ भी हो रहा है, हम आपूर्ति करेंगे, हालांकि, हम पतली हवा ( Thin Air) से ऑक्सीजन नहीं बना सकते हैं। इस पर एचसी ने दिल्ली सरकार से कहा कि,''जिम्मेदारी उन पर भी पड़ती है। HC ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट दिल्ली सरकार द्वारा स्थापित किया जाए|
वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि वह कुछ और तैयार करे और 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का आवंटन दिल्ली को किया जाए।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि,' अगर ऑक्सीजन तो पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी।
हाइकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि सभी राज्य अपने लिए ऑक्सीजन लाने के लिए टैंकर की व्यवस्था खुद कर रहे हैं। आप ऐसा क्यों नहीं कर सकते? दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा आपके पास टैंकर नहीं है तो व्यवस्था कीजिए, केंद्र सरकार के अधिकारियों के संपर्क में रहिये|
वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहता ने एचसी को सूचित किया कि कल हम (दिल्ली) को लगभग 296 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई थी, हमारे कोटा से 480 मीट्रिक टन के बावजूद। वह यह भी कहते हैं कि अगर हमें 480 मीट्रिक टन आवंटित ऑक्सीजन नहीं मिली तो पूरी कार्यप्रणाली 24 घंटे में कोलेस्प हो जाएगी|
इस पर दिल्ली एचसी केंद्र सरकार से पूछा कि दिल्ली में 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का आवंटन कब किया जायेगा ?| हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि,''आपने हमें 21 अप्रैल को आश्वासन दिया था कि 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्रतिदिन आएगा| कोर्ट का कहना है कि दिल्ली को ऑक्सीजन की सुचारू और पूर्ण रूप से आवंटित आपूर्ति कई समस्याओं को हल कर सकती है| COVID मृत्यु दर को कम करने की आवश्यकता हैं।
MHA केअधिकारियों ने दिल्ली HC को सूचित किया कि देश भर में अधिक संख्या में मामलों के कारण टैंकरों की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारें बहुत मेहनत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और केंद्र को मिलकर काम करना है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि,'' एनसीटी की सरकार को क्रायोजेनिक टैंकरों की खरीद के लिए सभी संभव प्रयास करने चाहिए। हमें उम्मीद है कि दोनों सरकार के अधिकारी इस संबंध में समन्वय करेंगे| दिल्ली HC ने केंद्र से मई महीने में अपेक्षित दूसरी COVID वेव से निपटने के लिए तैयारियों के बारे में भी पूछा|
COVID मामलों में वृद्धि पर दिल्ली HC ने कहा कि,''हम इसे लहर कह रहे हैं, यह वास्तव में सुनामी है| हम मध्य मई से निपटने के लिए आज की तारीख में कितने तैयार है?अनुमान क्या हैं?..Delhi हाईकोर्ट ने कहा कि IIT दिल्ली की रिसर्च के मुताबिक मई के मध्य में कोरोनावायरस का पीक आएगा वह एक Tsunami होगी|