दिल्ली हाईकोर्ट ने देशभर में COVID-19 मामलों में भारी उछाल को सुनामी बताया| दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी पर सुनवाई के दौरान COVID 19 मामलों में भारी उछाल पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 'हम इसे लहर कह रहे हैं, यह वास्तव में सुनामी है| Delhi हाईकोर्ट ने कहा कि मई के मध्य में कोरोनावायरस का पीक आएगा वह एक सुनामी होगी| IIT दिल्ली की रिसर्च के मुताबिक मई के मध्य में कोरोनावायरस का पीक आएगा वह एक Tsunami होगी|
दिल्ली HC ने केंद्र से मई महीने में अपेक्षित दूसरी COVID वेव से निपटने के लिए तैयारियों के बारे में भी पूछा| COVID मामलों में वृद्धि पर दिल्ली HC ने केंद्र से कहा कि,''हम मध्य मई से निपटने के लिए आज की तारीख में कितने तैयार है? अनुमान क्या हैं?..
बता दें कि,''भारत में कोरोना की दूसरी लहर के जारी कहर के बीच, IIT के वैज्ञानिकों ने बताया है कि दूसरी लहर का पीक कब आएगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के वैज्ञानिकों ने अपने गणितीय मॉडल के आधार पर अनुमान लगाया है कि भारत में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर 11 से 15 मई के बीच चरम पर होगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि उस समय देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 33 से 35 लाख तक पहुंच सकती है और इसके बाद मई के अंत तक मामलों में तेजी से कमी आएगी।
गौरतलब है कि,''देश में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या में तेजी बरकरार है और हर रोज़ पिछले दिन के मुकाबले संक्रमण के ज़्यादा नए केस सामने आ रहे हैं, रोज़ाना पहले से ज़्यादा मरीज़ मौत का शिकार हो रहे हैं| लगातार तीसरे दिन शनिवार को देश में कोरोना वायरस के तीन लाख से अधिक मामले सामने आए।
देश में एक दिन में महामारी के रिकॉर्ड 3,46,786 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,66,10,481 हो गए हैं|2624 और लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 1,89,544 हो गई है| आंकड़ों के लिहाज से शनिवार का दिन बेहद परेशान करने वाला है क्योंकि इस दिन न सिर्फ संक्रमितों की संख्या सर्वाधिक है बल्कि मृतकों की संख्या भी एक दिन में सबसे ज्यादा है|
शनिवार को जारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार,''भारत में पिछले 24 घंटे में COVID19 के 3,46,786 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1,66,10,481 हुई। 2,624 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1,89,544 हो गई है। देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 25,52,940 है और डिस्चार्ज हुए मामलों की कुल संख्या 1,38,67,997 है।
दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को सुनवाई में नाराजगी जताई है| न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने ऑक्सीजन की कमी पर महाराजा अग्रसेन अस्पताल की याचिका पर सुनवाई की|
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शनिवार को कहा, कि अगर केंद्र, राज्य या स्थानीय प्रशासन का कोई अधिकारी ऑक्सीजन की आपूर्ति में अड़चन पैदा कर रहा है तो ‘हम उस व्यक्ति को लटका देंगे| दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा,''यदि कोई ऑक्सीजन की आपूर्ति में बाधा डालता है, तो हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे| हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा,''दिल्ली में आवंटित 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कब आएगा? केंद्र बताए कि दिल्ली को कितनी ऑक्सीजन मिलेगी और कैसे आएगी?| सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने बताया कि दिल्ली को कल सिर्फ 296 MT ऑक्सीजन मिली, जो 480 MT के ऑवंटन से काफी कम है|दिल्ली सरकार ने कहा कि ' हमें हमारे कोटे की 480MT ऑक्सीजन दिलाई जाए,'वरना अगले 24 घंटे में सिस्टम कोलेस्प हो जाएगा| हमारे पास कोई चारा नहीं बचा है| हर मिनट जान जा रही हैं|
MHA के अधिकारियों ने दिल्ली HC को सूचित किया कि देश भर में अधिक संख्या में मामलों के कारण टैंकरों की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारें बहुत मेहनत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली और केंद्र को मिलकर काम करना है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि,'' एनसीटी की सरकार को क्रायोजेनिक टैंकरों की खरीद के लिए सभी संभव प्रयास करने चाहिए। हमें उम्मीद है कि दोनों सरकार के अधिकारी इस संबंध में समन्वय करेंगे|