नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा आयोजित 'समिट फॉर डेमोक्रेसी' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,'भारत को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में अपनी विशेषज्ञता साझा करने में खुशी होगी। मोदी ने कहा कि,'''मुझे इस शिखर सम्मेलन में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है। लोकतंत्र की भावना हमारी सभ्यता का अभिन्न अंग है| सदियों का प्रवासीय शासन भी भारतीय लोगों की लोकतांत्रिक भावना को नहीं दबा सका|
वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से समिट फॉर डेमोक्रेसी को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,''भारत की कहानी दुनिया के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि लोकतंत्र लागू किया जा सकता है, लोकतंत्र लागू किया गया है और लोकतंत्र आगे भी जारी रहेगा|
मोदी ने कहा कि,''भारत की स्वतंत्रता ने पिछले 75 वर्षों में लोकतांत्रिक राष्ट्र-निर्माण में एक अद्वितीय गाथा का नेतृत्व किया।यह सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक समावेश की गाथा है, यह निरंतर सुधार की कहानी है। लोकतंत्र सिर्फ जनता का, जनता के द्वारा, जनता के लिए नहीं है बल्कि यह जनता के साथ, जनता में समाहित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि,'हमें सोशल मीडिया, क्रिप्टोकरेंसी जैसी उभरती हुई तकनीकों के लिए वैश्विक मानदंडों को आकार देना चाहिए ताकि उनका उपयोग लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए किया जा सके, न कि इसे कमजोर करने के लिए|