नई दिल्ली: भारतीय किसान संघ (BKS) की अगुवाई में सोमवार 19 दिसंबर 2022 को लाखो की संख्या में देशभर के किसान दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटे। ‘किसान गर्जन रैली’ के जरिए किसान अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत अन्य मांगों को लेकर यहां जुटे हैं। BKS ने कहा, “ किसान को MSP अर्थात न्यूनतम समर्थन मूल्य से लागत व लाभ नहीं मिलता है जबकि किसान की उपज से बने उत्पाद से कंपनियां MRP अर्थात अधिकतम खुदरा मूल्य तय कर लाभ कमाती हैं । किसान को भी लाभकारी मूल्य मिलना चाहिये । हम अपना अधिकार मांगते
BKS ने ट्वीट किया, “लाभकारी मूल्य न मिलने के कारण किसान और गरीब व कर्जदार होता जा रहा है, उसके बच्चों का जीवन अंधकारमय और स्वंय का जीवन नरकमय बन चुका है। किसान को लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य देने सरकार को संसद में कानून बनाना चाहिए| |जब किसान सारे कृषि आदान एमआरपी पर खरीदता है तो उसे लागत केे आधार पर लाभकारी मूल्य मिलना ही चाहिए|
भारतीय किसान संघ ने बताया कि यह रैली चार प्रमुख मांगों को लेकर आयोजित की गई है। इनमें पहली- लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य लागू किया और सुनिश्चित किया जाना चाहिए। दूसरी- सभी प्रकार के कृषि आदानों पर जीएसटी को समाप्त किया जाना चाहिए।
तीसरी- ‘किसान सम्मान निधि’ में पर्याप्त वृद्धि होनी चाहिए, भारत सरकार से 100 प्रतिशत वित्त पोषण वाली एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना जो किसानों को न्यूनतम आय सहायता के रूप में प्रति वर्ष 6,000 रुपये तक देती है। चौथी मांग ये है कि आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) फसलों के लिए अनुमति वापस ली जानी चाहिए।
सरकार ने आश्वासन दिया था कि समस्याओं का समाधान निकालेगी मगर कुछ भी अमल में नहीं आया
दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान आंदोलन पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को कहा,''सरकार ने आश्वासन दिया था कि समस्याओं का समाधान निकालेगी मगर कुछ भी अमल में नहीं आया। यह समय है कि भारत सरकार किसानों के मुद्दों पर ध्यान दे नहीं तो वो किसानों द्वारा एक और विरोध प्रदर्शन को आमंत्रित करेंगे|
इससे पहले, भारतीय किसान संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी व प्रांतों के मुख्य पदाधिकारीयों की दो दिवसीय बैठक 8 व 9 अक्टूबर को नई दिल्ली के हरिनगर में आयोजित की गई थी। इस दो दिवसीय बैठक में पारित हुये निर्णय की जानकारी देते हुए भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय मंत्री साई रेड्डी एवं महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने बताया था कि खाद्यान की सुरक्षा के साथ किसानों की सुरक्षा अति आवश्यक है। किसानों ने भरपूर उत्पादन कर देश की खाद्यान सुरक्षा सुनिश्चित की है। किंतु अभी तक किसान की हालत जस की तस है।
‘‘देश के हम भंडार भरेंगे लेकिन कीमत पूरी लेंगें।’’
साई रेड्डी जी ने आगे कहा था कि भारतीय किसान संघ का नारा रहा है कि – ‘‘देश के हम भंडार भरेंगे लेकिन कीमत पूरी लेंगें।’’ लेकिन किसान जो फसल उगाता है, उसको लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य अभी तक नही मिल रहा है। अतः किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और कृषि लाभदायक बनाने, सरकार को निम्न निर्णय लेने होगें –
1.किसानों को अपने उत्पादों की इनपुट क्रेडिट नही मिल रही है इसलिए कृषि आदानों GST समाप्त किया जाये।
2.कृषि आदान में मुद्रा स्फीति वृद्वि के अनुपात में किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जाये।
भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय मंत्री साईं रेड्डी ने अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक में हुए निर्णय की जानकारी देते हुए बताया था कि लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य की मांग को लेकर किसान संघ आंदोलन कर रहा है किंतु सरकारों ने इस दिशा में कोई प्रयास नही किये है। इसलिए देशभर में भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता सभी प्रांतों में ग्राम संपर्क, धरना, पदयात्रा जैसे कार्यक्रमों को करते हुए दिनांक 19 दिसंबर 2022 को दिल्ली में लाखों की संख्या में ‘‘किसान गर्जना रैली’’ में शामिल होकर अपने अधिकारों की आवाज को बुलंद करेगें।