नई दिल्ली: सपा सांसद रामगोपाल यादव ने आज बुधवार को कहा कि,''मणिपुर जल रहा है जिसका असर मिज़ोरम और अन्य राज्यों पर पड़ रहा है। जब इतने बड़े मु्द्दे को भी सरकार हल्के में लेगी और बहुमत के नाम पर विपक्ष की मांग को बुलडोज़ करेगी, प्रधानमंत्री बात करने को तैयार नहीं है तो ऐसे में लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है|
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि,'आज इसे (अविश्वास प्रस्ताव) पेश किया गया और इसे स्वीकार कर लिया गया है। अब अध्यक्ष को इस पर बहस के लिए एक तारीख तय करनी है|
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि,'यह कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव नहीं बल्कि I.N.D.I.A के घटक दलों द्वारा सामूहिक तौर पर लाया गया है। पिछले 83-84 दिनों से मणिपुर में जो स्थिति बनी हुई है उस पर क़ानून-व्यवस्था चरमरा गई है, समुदाय के बीच विभाजन हो गया है। वहां सरकार नाम की चीज़ नहीं रह गई है। इन तथ्यों ने हमें अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर किया है|
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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि,' I.N.D.I.A के घटक दलों की सामूहिक मांग है कि सभी काम को एक तरफ रखते हुए कल ही इस प्रस्ताव के ऊपर, प्राथमिकता रखते हुए पर इस चर्चा होनी चाहिए| तिवारी ने कहा कि,'सवाल संख्या का नहीं बल्कि नैतिकता का है। बुनियादी सवाल यह है कि जवाबदारी किस की है। सदन में जब इस पर मतदान होगा तब नैतिकता की कसौटी पर कौन कहां खड़ा है। सवाल राष्ट्र की सुरक्षा का है.
अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि,' अविश्वास प्रस्ताव INDIA गठबंधन का सिद्धांत है। हमें ये संदेश देना चाहिए कि हम इस मुश्किल समय में मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं और मणिपुर के लोगों के घाव पर मरहम लगाने का काम हम करेंगे|
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भाजपा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि,'विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार है लेकिन सबको पता है कि हमारी प्रचंड बहुमत वाली सरकार है...अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा में सिर्फ मणिपुर पर नहीं बिहार, बंगाल और राजस्थान पर भी चर्चा होगी। हम हर विषय पर जवाब देने के लिए तैयार हैं|
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सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने कहा कि,प्रधानमंत्री सदन में मणिपुर मुद्दे पर नहीं बोलना चाहते। प्रधानमंत्री एक दिन संसद के परिसर में आए और उन्होंने कुछ मिनट के लिए कुछ बोला। प्रधानमंत्री सदन में क्यों नहीं आना चाहते? यह अविश्वास प्रस्ताव प्रधानमंत्री को सदन में आने के लिए बाध्य करेगा। आप संख्या की बात न करें। पूरे देश का संख्या बल पता है|
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि,मणिपुर में जो घटना हुई उसपर सरकार को बयान देना चाहिए। प्रदेश सरकार की ज़िम्मेदारी तय करने के लिए केंद्र सरकार कुछ नहीं कर रही है। जो लोग महिला सुरक्षा, उनके सम्मान की बात करते हैं वे अपनों के खिलाफ कदम उठाने से डर रहे हैं|