नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि,,'COVID-19 के लिए वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह की नई सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सूचित कर दिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि,'गर्भवती महिलाओं के कोविड-19 टीकाकरण के संबंध में, मामला विचाराधीन है और टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) द्वारा विचार किया जा रहा है।
सभी स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कोविड-19 टीकाकरण कराए जाने की सिफारिश की जाती है। वैक्सीन लगवाने वालों के लिए, कोविड-19 टीकाकरण से पहले रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) के द्वारा कोई जांच की जरूरत नहीं है।गर्भवती महिलाओं के कोविड-19 टीकाकरण के संबंध में, मामला विचाराधीन है और टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) द्वारा विचार किया जा रहा है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन सिफारिशों के बारे में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के संबंधित अधिकारियों को सूचित करने व इनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आगे कदम उठाने के बारे में लिखा है। राज्यों को स्थानीय भाषाओं में सूचना और संवाद के सभी साधनों के इस्तेमाल के माध्यम से सेवा प्रदाताओं के साथ ही आम जनता को इन सूचनाओं का प्रभावी प्रसार सुनिश्चित करने की सलाह दी है।
मंत्रालय ने कहा कि,''कोई व्यक्ति अगर कोविड-19 बीमारी से जूझ रहा हो, तो कोविड-19 टीका लगवाने या आरटी-पीसीआर जांच निगेटिव आने के 14 दिन के बाद रक्त दान कर सकता है।
मंत्रालय ने कहा कि,'नई सिफारिशों के अनुसार कोविड से रिकवर होने के 3 महीने बाद तक वैक्सीनेशन नहीं कराने की सलाह दी गई है| पहली डोज़ लेने के बाद अगर संक्रमित होते हैं तो दूसरी डोज़ कोविड से रिकवरी के 3 महीने बाद दिया जाएगा। अस्पताल में भर्ती हुए लोग जो किसी अन्य गंभीर बीमारी से ग्रस्त है उन्हें भी वैक्सीनेशन के लिए 4-8 सप्ताह तक इंतजार करना होगा|